देहरादून
देहरादून (Dehradun) भारत के राज्य उत्तराखंड की राजधानी और एक जिला है. यह गढ़वाल मंडल का एक हिस्सा है. इस जिले का क्षेत्रफल 3,088 वर्ग किलोमीटर है (Geographical Area).
देहरादून जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha Constituency) और 10 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हैं (Assembly Constituency).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक देहरादून की जनसंख्या (Population) लगभग 17 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 549 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 902 है. इस जिले की 84.25 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 89.40 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 78.54 फीसदी है (literacy).
देहरादून की स्थापना 1699 में हुई थी. कहा जाता है कि सिक्खों के गुरु रामराय किरतपुर को टिहरी नरेश ने कुछ गांव दान में दिए दिए थे. यहां उन्होंने 1699 ई. में मुगल मकबरों से मिलता-जुलता मन्दिर बनवाया जो आज तक प्रसिद्ध है. पुराणों के अनुसार तो लक्ष्मण को शक्ति बाण लगने पर हनुमान जी जिस पर्वत से औषधियां लाए थे वह देहरादून में ही है. वाल्मिकी रामायण में इस पर्वत को महोदय कहा गया है (History).
इस जिले मौजूद संस्थानों में सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों में इंडियन मिलिटरी ऐकडमी (भारतीय सैन्य अकादमी) प्रमुख है. भारतीय सेना के अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए ये देश का प्रमुख प्रशिक्षण स्कूल है. आईएमए (IMA) की स्थापना 1922 में हुई लेकिन इसका उदघाटन 1 अक्टूबर 1932 को हुआ था (Tourist places).
देहरादून दृष्टिबाधितों के लिए स्थापित पहली और एकमात्र राष्ट्रीय स्तर की संस्था राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संस्थान (एन.आइ.वी.एच.) भी स्थित है. यहाँ दृष्टिबाधित बच्चों के लिए स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, ब्रेल पुस्तास्तलय एवं ध्वन्यांकित पुस्तकों का पुस्तकालय भी है (National Institute of Visually Handicapped NIVH).
देहरादून में पूरे देश में मशहूर दून स्कूल भी स्थित है. इस स्कूल की स्थापना 1935 में हुई और इसकी गिनती भारत के सबसे अच्छे आवासीय विद्यालयों में की जाती है (Doon School).
देहरादून जिले में स्थित मशहूर पर्यटक स्थलों में मसूरी और चकराता खास हैं. मसूरी एक हिल स्टेशन है जिसे “पहाड़ों की रानी” भी कहा जाता है. चकराता एक शांत पहाड़ी इलाका है जहां पर्यटक स्कीइंग और ट्रेकिंग करने के लिए जाते हैं (Hill Stations).
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की संस्तुति की है. इसके बाद एक ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसमें अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ‘वीआईपी’ एंगल और जांच की निगरानी को लेकर बात कर रहे हैं.
अंकिता भंडारी हत्याकांड में आखिरकार जनता का गुस्सा काम कर गया. और अब राज्य सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. ऐसे में इस हत्याकांड से जुड़े कई सवाल हैं, जिनके जवाब सीबीआई को तलाश करने हैं. पढ़ें अंकिता भंडारी हत्याकांड की पूरी कहानी.
अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP एंगल की जांच की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष मंच ने 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है. मंच ने SIT जांच पर सवाल उठाए हैं. अंकिता की मां ने भावुक बयान दिया है. कांग्रेस ने CBI जांच की मांग दोहराई, जबकि मुख्यमंत्री ने मामले को संवेदनशील बताते हुए जांच पर विचार का भरोसा दिया.
अंकिता भंडारी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा के 8 महीने बाद फिर क्यों भड़का उत्तराखंड? वायरल ऑडियो-वीडियो, वीआईपी एंगल और CBI जांच की मांग ने केस को फिर सुर्खियों में ला दिया. पढ़ें अंकिता भंडारी मर्डर केस की पूरी कहानी.
Ankita Bhandari Case: पिछले एक सप्ताह से पुलिस की रडार से बाहर रहीं अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने दावा किया है कि वह अब सबूतों के साथ अंकिता भंडारी को न्याय दिलाएंगी. वहीं दूसरी ओर, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम ने अपना नाम उछाले जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है.
यूपीएससी चयन के नाम पर युवक से करीब 27 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर उसे मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी ट्रेनिंग के लिए भेजा गया. जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए. मसूरी पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर केस हरियाणा के गुरुग्राम ट्रांसफर कर दिया है.
अंकिता भंडारी मामले में इंसाफ की मांग देहरादून से दिल्ली तक फैल चुकी है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर उत्तराखंड की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने इस मामले पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में शामिल VIP का नाम सार्वजनिक करने की मांग की है साथ ही जांच को CBI और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की जरूरत पर जोर दिया है. लोग अपने हाथों में तख्तियां लेकर लोकगीत गाते हुए धरना प्रदर्शन में शामिल हुए.
अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर देहरादून में प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि मामले की जांच CBI को सौंपे बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा. संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही CBI जांच शुरू नहीं होती है तो उत्तराखंड में बंद किया जाएगा और बंद की तारीख जल्द घोषणा की जाएगी.
अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया एवं कुछ माध्यमों पर कई भ्रामक खबरें चल रही हैं. जिसमें दावा किया गया है इस केस में वीआईपी भी शामिल थे. वहीं अब इसको लेकर उत्तराखंड पुलिस ने एक बयान जारी किया है और पूरे केस को लेकर अपनी बात रखी है.
सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने अंकिता भंडारी केस को ने खुलासे किए है. उन्होंने कहा कि मामले में जो भी आरोपी सामने आ रहा है, उनको गंभीरता से जांच के घेरे में लिया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी जोर दिया कि जांच पूरी ईमानदारी से होनी चाहिए ताकि सही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके. साथ ही साथ उन्होनें बीजेपी सरकार पर भी आरोप लगाया.
देहरादून में पुलिस ने एक जिम ट्रेनर को पकड़ा है. आरोप है कि उसने क्लेमेंट टाउन में स्थित जिम में आने वाली छात्रा को फोन पर अश्लील मैसेज भेजे. इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 31 साल के नदीम अंसारी को पकड़ा है. उसके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
देहरादून के क्लेमेंटटाउन इलाके में एक जिम ट्रेनर पर महिलाओं से अश्लील व्यवहार और आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगा है. महिलाओं की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है और सख्त कार्रवाई की मांग की है.
उत्तराखंड के चमोली में स्थित विष्णुगढ़-पीपलकोटी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में सुरंग के भीतर संचालित लोकल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम में बड़ा हादसा हो गया. मजदूरों को ले जा रही दो रेल आधारित ट्रॉली आपस में टकरा गईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर घायल हो गए. यह व्यवस्था इंडियन रेलवे से संबंधित नहीं है, बल्कि प्रोजेक्ट का इंटर्नल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम है.
देहरादून के सेलाकुई इलाके में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. 9 दिसंबर को हुए विवाद के बाद घायल एंजेल का इलाज चल रहा था. 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू कर दी है.
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. आरोपी सूरज खवास के बेटे के जन्मदिन की पार्टी के बाद शराब के नशे में हुए विवाद में चाकूबाजी हुई. पुलिस के मुताबिक, अब तक हेट या नस्लीय हमले के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं.
Dehradun में Angel Chakma murder case को लेकर पुलिस का बड़ा खुलासा. Birthday party, शराब के नशे में झगड़ा और चाकूबाजी से हुई हत्या. जानें पुलिस जांच में क्या सामने आया और क्या है latest update.
एंजेल चकमा हत्याकांड में उत्तराखंड पुलिस ने नस्लीय हिंसा की बात को खारिज कर दिया है. देहरादून पुलिस के अनुसार यह विवाद एक जन्मदिन पार्टी में हुआ था, जो मणिपुर निवासी सूरज ख्वास ने अपने बेटे के लिए आयोजित की थी. पार्टी के दौरान एंजेल चकमा और उसके भाई का विवाद पार्टी में आए कुछ अन्य लोगों से हो गया. आरोपी अवनीश नेगी भी पुलिस की हिरासत में है. शराब लेने के दौरान गाली-गलौच शुरू हुई और माइकल ने इसका विरोध किया, जिससे विवाद और बढ़ गया. आलोचनात्मक स्थिति में दोनों भाइयों को गंभीर चोटें आईं, जिनमें इलाज के दौरान एंजेल चकमा की मौत हो गई.
उत्तराखंड सरकार के द्वारा त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है. पहली किश्त के रूप में 4 लाख 12 हजार जारी किए गए हैं. वहीं इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
देहरादून में त्रिपुरा के एमबीए छात्र एंजेल चकमा की नस्लीय हमले में मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट कोर्ट पहुंच गया है. एक जनहित याचिका दायर करके उत्तर-पूर्वी राज्यों के नागरिकों के खिलाफ नस्लीय अपमान और हिंसा को 'हेट क्राइम' की अलग श्रेणी में मान्यता देने की मांग की गई है.
उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा पर नस्लवादी टिप्पणी के बाद हमला और हत्या की घटना सामने आई है. विरोध करने पर चाकू से घायल किए गए एंजल का इलाज चल रहा था. इसी बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीड़ित परिवार से मिले और मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया.
देश में धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर अपराधों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की नस्लीय टिप्पणी के विरोध में हत्या की घटना घटी. काशीपुर में कश्मीर के युवक से जबरिया नारे लगवाए गए और बरेली में मुस्लिम युवकों पर हमला किया गया. वाराणसी में जापानी पर्यटक को अभद्रता के आरोप में वहाँ से भेज दिया गया.