देवप्रकाश मधुकर (Devprakash Madhukar) प्रवचनकर्ता बाबा सूरजपाल का सेवादार और सत्संग का आयोजक है. पुलिस हाथरस भगदड़ (Hathras Stampede) की कार्यवाही करदते हुए बाबा के सेवादारों और आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच-पड़ताल कर रही है. 6 लोग पकड़े जा चुके हैं. लेकिन, अभी तक मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर फरार है. मधुकर ही हाथरस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था. साथ ही वह बाबा का खास आदमी भी है. हादसे के बाद बाबा ने उसी से फोन पर काफी देर तक बात की थी.
देवप्रकाश मधुकर का घर सिकंदरा राऊ इलाके के दामादपुरा की नई कॉलोनी में है. यह इलाका है और हादसे वाली जगह फुलराई गांव में महज पांच मिनट की दूरी है.
Hathras Stampede Case: हाईकोर्ट ने हाथरस के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और यह बताने का निर्देश दिया है कि 2024 में हुई भगदड़ के लिए उन्हें जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जाना चाहिए. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 15 जनवरी तय की है.
ये दर्दनाक हादसा इसी साल 2 जुलाई को हाथरस में हुआ था. जब वहां सूरजपाल का सत्संग खत्म होने के बाद भगदड़ मच गई थी. और उस दौरान 121 लोगों की मौत हो गई थी. अलीगढ़ जेल में बंद आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी लेने के लिए हाथरस के जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया.
हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के फुलराई गांव में 2 जुलाई को सूरजपाल उर्फ भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग के बाद मची भगदड़ में कुल 121 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं. पुलिस समेत सरकारी एजेंसियों ने कार्यक्रम में कुप्रबंधन के लिए आयोजकों को दोषी ठहराया है.
Hathras Stampede Chargesheet: भगदड़ केस में पुलिस ने अपनी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है. हालांकि, इस चार्जशीट में नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा उर्फ सूरजपाल का नाम नहीं है. मालूम हो कि सूरजपाल के सत्संग में ही भगदड़ मची थी, जिसमें 121 लोगों ने जान गंवाई थी.
यूपी के हाथरस (Hathras) में सत्संग के बाद हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत के बात चर्चा में आए सूरजपाल उर्फ भोले बाबा को लेकर कई खुलासे हो चुके हैं. अब सूरजपाल के बचपन के मित्र शरदकांत मिश्र ने बताया कि वे सातवीं क्लास में साथ में पढ़ते थे. एक बार फुटबाल खेलते समय चोट भी लग गई थी.
यूपी के हाथरस में 2 जुलाई को हुई भगदड़ में 123 लोगों के मारे जाने के बाद स्वयंभू संत नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा है कि वो इस घटना के बाद से बहुत परेशान चल रहे हैं. लेकिन होनी को कोई नहीं टाल सकता.
उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ में अपनी जान गंवाने वाले 123 लोगों के परिजनों के सामने भोले बाबा का सच सामने आने लगा है. इस हादस के बाद नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा उर्फ सूरजपाल सिंह जाटव ने ऐलान किया था कि उसकी तरफ से पीड़ितों को मदद की जाएगी.
यूपी के हाथरस में 121 लोगों की मौत के बाद सियासी खामोशी पसर गई है. पूरी घटना को लेकर गठित शुरुआती SIT की जांच रिपोर्ट पर अब राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं. सवाल है भोले बाबा का नाम लेने से क्यों बच रहा हर दल? आखिर हाथरस हादसे में बाबा सूरजपाल को क्लीनचिट क्यों? देखें हल्ला बोल.
नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. नारायण साकार हरि के वकील ने बताया है कि बाबा सूरजपाल बीमार हैं. बल्कि अभी तक नारायण साकार हरि दावा करते थे कि वह दूसरों की गंभीर से गंभीर बीमारियां ठीक कर सकते हैं. सुधीर चौधरी के साथ देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
आखिर 2 जुलाई को हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ की शुरुआत हुई कैसे? कौन सी ऐसी चीज थी, जिसकी वजह से घंटों शांति से बैठे भक्त अचानक बैचेन हो गए. सत्संग खत्म होते ही ऐसा क्या हुआ कि पूरी भीड़ एक ही दिशा में भागने लगी, तो इन सुलगते सवालों के शुरुआती जवाब सामने आ गए हैं.
Hathras Stampede: मायावती ने हाथरस भगदड़ मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं. मायावती ने कहा है कि SIT की यह रिपोर्ट घटना की गंभीरता के हिसाब से नहीं है, बल्कि राजनीति से प्रेरित ज्यादा है.
हाथरस में हुए हादसे को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का बयान आया है. उन्होंने कहा कि स्वयंभू संत सूरजपाल उर्फ भोले बाबा को भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक मदद देनी चाहिए. अठावले ने यह भी कहा कि पीड़ितों के प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नौकरी दी जानी चाहिए.
पुलिस बाबा की लोकेशन को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं. आखिर बाबा कहां है, बाबा मैनपुरी में है? बाबा कानपुर के आश्रम में है? या फिर अपने किसी और आश्रम में अंडरग्राउंड है? आजतक की टीम जब बाबा के अलग-अलग आश्रमों में पहुंची, तो क्या पता चला, आपको बताते हैं.
उत्तरप्रदेश के हाथरस में 2 जुलाई को हुई भगदड़ में करीब 121 लोगों की मौत हो गई थी. अब इस मामले में योगी सरकार का एक्शन शुरू हो गया है. SIT रिपोर्ट के बाद एसडीएम, सीओ समेत 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. देखिए ब्रेकिंग न्यूज VIDEO
हाथरस सत्संग हादसे में करीब 121 लोगों की मौत हो गई थी. अब ये हादसा था, या साजिश इसके पीछे का जांच चल रही है. वहीं इस बीच SIT ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. 300 पेज की इस रिपोर्ट में 119 लोगों के बयान दर्ज हुए है. देखिए VIDEO
हाथरस हादसे के बाद बाबा नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा उर्फ सूरजपाल जाटव तो रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया, लेकिन अब सवाल यही है कि क्या इस हादसे को रोका जा सकता था?
हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने के मामले की जांच पुलिस तेजी से कर रही है. अभी तक इस मामले में कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. इसी बीच 'भोले बाबा' के वकील ए पी सिंह ने दावा किया कि हाथरस में सत्संग के दौरान लोगों ने जहरीले पदार्थ से भरे डिब्बे खोले थे, जिससे भगदड़ मच गई.
उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ मामले में पुलिस ने दो और सेवादारों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक दोनों सत्संग में मौजूद थे, लेकिन हादसे के बाद वहां से भाग निकले थे. इसके साथ ही पुलिस मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर का बैंक अकाउंट भी खंगाल रही है.
हाथरस भगदड़ हादसे को लेकर न्यायिक जांच तेजी से जा रही है. वहीं इस बीच पुलिस ने कहा कि मधुकर की लापरवाही की वजह से ही हादसा हुआ है. वहीं भोले बाबा के प्रवचन में टेंट लगाने वाले ने क्या बताया? देखिए VIDEO
उत्तरप्रदेश के हाथरस में हुए हादसे को लेकर न्यायिक जांच लगातार ही जारी है. वहीं इस मामले के मुख्य आरोपी मधुकर के बैंक अकाउंट को पुलिस खंगाल रही है. इसके अलावा वकील कई थ्योरी सामने रख रहे हैं. देखिए VIDEO
Hathras stampede case: हाथरस में सत्संग लिए देव प्रकाश मधुकर द्वारा पुलिस और प्रशासन को दिए एप्लीकेशन में देखने से पता चलता है कि देव प्रकाश सीधे तौर पर सद्भावना समागम समिति से जुड़ा हुआ था और इस संगठन का मुख्य सेवादार था.