बीमारी
एक बीमारी (Disease) एक विशेष असामान्य स्थिति (Particular Abnormal Condition) है जो किसी जीव या उसके हिस्से की संरचना या कार्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है. यह तुरंत किसी बाहरी चोट के कारण नहीं होती है. रोगों को मेडिकल कंडिशन के रूप में जाना जाता है जो खास संकेतों और लक्षणों से जुड़ी होती हैं. बीमारी बाहरी वजहों या आंतरिक विकारों के कारण हो सकती है. उदाहरण के लिए, प्रतिरक्षा प्रणाली की आंतरिक शिथिलता अलग-अलग तरह की बीमारियों को पैदा कर सकती है, जिसमें कई तरह के इम्युनोडेफिशिएंसी, अतिसंवेदनशीलता, एलर्जी और ऑटोइम्यून विकार शामिल हैं (Concept of Disease).
मनुष्यों में, बीमारी का प्रयोग अक्सर किसी भी स्थिति को बताने के लिए किया जाता है. ये पीड़ित व्यक्ति के लिए दर्द, शिथिलता, संकट, सामाजिक समस्या, या मृत्यु का कारण बनता है, साथ ही पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने वालों के लिए इसी तरह की समस्याओं की वजह बनता है. बीमारी में कई मौकों पर चोट, अक्षमता, विकार, सिंड्रोम, संक्रमण, आइसोलेटेड सिंपटम्स, और संरचना और कार्य में असामान्य बदलावों को शामिल किया जाता है (Causes of Disease). रोग न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी लोगों को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि किसी बीमारी का होना या उसके साथ जीना प्रभावित व्यक्ति के जीवन के दृष्टिकोण को बदल सकता है (Terminology of Disease).
रोग के कारण होने वाली मृत्यु को प्राकृतिक कारणों से मृत्यु कहा जाता है. रोग के चार मुख्य प्रकार हैं: संक्रामक रोग, डिफिसिएंसी से जुड़ी बीमारी, वंशानुगत रोग, और शारीरिक रोग. रोगों को अन्य तरीकों से भी वर्गीकृत किया जा सकता है, जैसे संचारी बनाम गैर-संचारी रोग (Classification of Disease).
मनुष्यों में सबसे घातक रोग कोरोनरी धमनी रोग (रक्त प्रवाह अवरोध) हैं, इसके बाद मस्तिष्कवाहिकीय रोग और निम्न श्वसन संक्रमण का नंबर आता है. विकसित देशों में, जो बीमारियां सबसे अधिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती हैं, वह है न्यूरोसाइकिएट्रिक कंडिशन, जैसे कि अवसाद और चिंता (Most Fatal Disease). रोग के अध्ययन को पैथोलॉजी कहा जाता है, जिसमें एटियलॉजी, या कारण का अध्ययन किया जाता है (Treatment of Disease).
बच्चों में दिल की बीमारी की पहचान करना बहुत जरूरी है. सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के चेयरमैन ने बताया है कि कैसे हम बच्चों में दिल की बीमारी की पहचान कर सकते हैं और समय रहते इसका इलाज कैसे करवाया जा सकता है. इस दौरान उन्होंने इन बीमारियों के लक्षण और शुरुआती संकेतों के बारे में विस्तार से चर्चा की है.
कुछ साल पहले वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि कोविड आखिरी महामारी नहीं है. भविष्य में और भी महामारियों का सामना करना पड़ेगा. इसलिए हमें जानवरों में फैलने वाली बीमारियों को करीब से देखने की जरूरत है. एक रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में 90% से ज्यादा मांस फैक्ट्री फार्म से आता है. इन फार्म्स में जानवरों को ठूंस-ठूंसकर रखा जाता है. इससे वायरल बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है.
IRDAI ने अब Health Insurance प्रीमियम भुगतान के लिए एक ग्रेस पीरियड निर्धारित किया है. बीमा नियामक ने कहा है कि अगर पॉलिसी अवधि के दौरान प्रीमियम का भुगतान किस्तों में किया जाता है, तो ग्रेस पीरियड के लिए भी कवरेज उपलब्ध होगा.
LIC Plan To Entry In Health Insurance Sector: एक संसदीय पैनल ने फरवरी 2024 में लागत और अनुपालन बोझ को कम करने के लिए समग्र बीमा यानी कंपोजिट लाइसेंस शुरू करने का सुझाव दिया था.
बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने बुधवार को स्वास्थ्य बीमा पर एक मूल परिपत्र (master circular) जारी करते हुए साफ कर दिया है कि बीमा कंपनी को अनुरोध के एक घंटे के भीतर नकदी-रहित इलाज की अनुमति देने पर निर्णय लेना होगा.
Health Insurance Rule Change: लोकल सर्किल्स के एक सर्वे में सामने आया था कि Health Insurance Claim की प्रक्रिया बहुत समय लेने वाली है और पिछले 3 साल में 43% पॉलिसीधारकों को हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम सेटल करने में तमाम तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है.
IRDAI Change Health Insurance Rule : अब किसी भी उम्र का व्यक्ति नई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकता है. पहले इसे खरीदने के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 साल थी, लेकिन इसे खत्म कर दिया गया है.
IRDAI Change Health Insurance Rule : अब किसी भी उम्र का व्यक्ति नई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकता है. पहले इसे खरीदने के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 साल थी, लेकिन इसे खत्म कर दिया गया है.
Life Insurance In India : नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी (National Insurance Academy) द्वारा रिपोर्ट में आंकड़ों के साथ बताया गया है कि देश की करीब 95 फीसदी आबादी ऐसी है, वहीं देश के 73 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनके पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस तक नहीं है.
चीन ने एक बार फिर पूरी दुनिया को डरा दिया है. एक रहस्यमयी बीमारी चीन के लियाओनिंग प्रांत में तेजी से फैल रही है. ये बीमारी बच्चों को अपना शिकार बनाती है. चीन के लियाओनिंग प्रांत में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि बच्चों को इलाज के लिए 700 किलोमीटर दूर बीजिंग ले जाना पड़ रहा है.
40 वर्ष से कम उम्र के सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने और कुछ हेल्थ चेकअप कराने की सलाह दी है. इससे वे लोग बीमारी की गंभीरता से बच जाएंगे.
Disease X deadlier than Covid-19: कोरोना महामारी के बाद एक और नई संभावित बीमारी का खतरा बढ़ गया है. इस नई बीमारी को डिजीज एक्स (Disease X यानी अनजान बीमारी) कहा जा रहा है. यह कोरोना से 7 गुना खतरनाक है. इससे 5 करोड़ लोगों की मौत हो सकती है. डिजीज एक्स क्या है, कैसे फैलता है, इससे बचने के तरीके क्या हैं, इस बारे में एक्सपर्ट की राय क्या है, यह भी जान लीजिए.
पश्चिम बंगाल के एक शख्स में निपाह वायरस के लक्षण मिले हैं, जिसके बाद उसे कोलकाता के बेलियाघाटा आईडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मरीज केरल में मजदूरी करता था. पिछले कुछ दिनों से उसे तेज बुखार, मतली और गले में संक्रमण जैसी परेशानियों हो रही थीं. शुरुआत में मरीज को केरल के एर्नाकुलम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां इलाज के बाद थोड़ा आराम मिलने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
Term Plan Death Cover : टर्म इंश्योरेंस सही मायने में जीवन बीमा होता है. जो पॉलिसी धारक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को वित्तीय परेशानियों से दूर रखने के लिए मददगार होता है. टेन्योर पीरियड के दौरान पॉलिसीहोल्डर की मृत्यु होती है, तो कवर का राशि नॉमिनी को मिल जाती है.
दिल की बीमारी का एक बड़ा कारण तनाव भी है. आज की जीवन शैली में तनाव का बुरा असर नौजवानों की सेहत पर पड़ता जा रहा है और कई बार उसका असर जानलेवा भी हो जाता है. 2 दिनों में दो पायलट्स की हार्ट अटैक से मौत, भारत में हार्ट अटैक को लेकर क्यों बन रही डरावनी स्थिति? देखें विश्लेषण.
10,000 से अधिक रिटेल विक्रेताओं की प्रतिक्रियाओं के आधार पर सर्वे का नतीजा निकाला गया है. सर्वे में टियर-2 और टियर-3 क्षेत्रों में बीमा की कम पहुंच पर भी फोकस किया गया. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 55 प्रतिशत उत्तर देने वालों ने बीमा के बारे में कभी नहीं सुना.
कहा जाता है कि हमें खूब पानी पीना चाहिए जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन न हो और हम स्वस्थ बने रहें. लेकिन अधिक पानी पीना भी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है. अधिक पानी पीने से हमें सिरदर्द, थकान, जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. कई मामलों में अधिक पानी पीने से आदमी कोमा तक में जा सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है.
Term Insurance: टर्म प्लान सुनिश्चित करता है कि आपके न रहने पर आपके परिवार को रोटी, कपड़ा, मकान वगैरह की आवश्यकता पूरी होती रहे. यानी बीमाधारक की मौत के बाद परिवार को एकमुश्त राशि मिलती है. इस प्लान को जितनी जल्दी लिया जाए, उतना ही सही है.
बारिश और बाढ़ के बीच मौसम जनित बीमारियों ने घेर लिया है. दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ और अन्य तमाम राज्यों में आई फ्लू से पीड़ित मरीजों के अस्पतालों में पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है. एक्सपर्ट का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में लोग इस रोग से प्रभावित होते हैं. यह रोग 1-2 सप्ताह में अपने आप ठीक हो जाता है. यह किसी को देखने से नहीं बल्कि छूने से फैलता है.
बढ़ा डेंगू का खतरा! जानिए लक्षण और बचाव के तरीके
चीन के एक वैज्ञानिक का विवादित शोध प्रस्ताव चर्चा में है. उन्होंने कहा है कि वो जीन एडिटिंग के जरिए बुढ़ापे की बीमारी अल्जाइमर को ठीक करने के लिए शोध करेंगे. चीनी वैज्ञानिक पहले भी विवादों में रहे हैं और अपने शोध के लिए ही तीन साल जेल की सजा काट चुके हैं.