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दिवाली 2022

दिवाली 2022

दिवाली 2022

दिवाली 2022

दिवाली (Diwali) रोशनी का त्योहार है. हिंदू धर्म के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक, दिवाली आध्यात्मिक "अंधेरे पर प्रकाश की जीत, बुराई पर अच्छाई और अज्ञानता पर ज्ञान" का प्रतीक है. त्योहार आमतौर पर पांच दिनों तक चलता है. यह हिंदू चंद्र महीने कार्तिका के दौरान मनाया जाता है, जो मध्य अक्टूबर और मध्य नवंबर के बीच आता है (Diwali Month and Hindi Tithi).

2022 में दिवाली की शुरुआत 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. 22 अक्टूबर 2022 को धनतेरस, 23 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली और 24 अक्टूबर को दिवाली है. 25 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और 26 अक्टूबर को भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा है (Diwali 2022 Date).

हिंदू के अलावा दिवाली का त्योहार जैन, सिख और कुछ बौद्ध भी व्यापक रूप से मनाते हैं. इस दिन लक्ष्मी, समृद्धि की देवी और गणेश, ज्ञान के देवता और बाधाओं को दूर करने के साथ जुड़ा हुआ है. कई अन्य क्षेत्रीय परंपराओं के साथ सीता और राम, विष्णु, कृष्ण, दुर्गा, शिव, काली, हनुमान, कुबेर, यम, यमी, धन्वंतरि, या विश्वकर्मन की भी पूजा की जाती है. इसके अलावा, यह उस दिन का उत्सव है जब राम अपनी पत्नी सीता और अपने भाई लक्ष्मण के साथ लंका में राक्षस रावण को हराकर 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थें. उनके लौटने पर लोगों ने अपने घरों में दीओं की पंक्ति बनाकर उनका स्वागत किया था और यह परंपरा आज भी जारी है (Diwali Celebration). 

पांच दिनों तक चलने वाले इस त्योहार की शुरुआत भारतीय उपमहाद्वीप में हुई थी और इसका उल्लेख प्रारंभिक संस्कृत ग्रंथों में मिलता है. दिवाली आमतौर पर विजयदशमी यानी दशहरा के बीस दिन बाद मनाया जाता है. धनतेरस के साथ, त्योहार के पहले दिन को चिह्नित करता है जब उत्सव अपने घरों की सफाई करके और फर्श पर रंगोली बनाकर करते हैं. दूसरा दिन नरक चतुर्दशी है. तीसरा दिन लक्ष्मी पूजा का दिन होता है. भारत के कुछ हिस्सों में, लक्ष्मी पूजा के अगले दिन को गोवर्धन पूजा और बलिप्रतिपदा मनाया जाता है. अंतिम दिन को भाई दूज मनाते हैं, जो बहन और भाई के बीच के बंधन को समर्पित है. जबकि कायस्थ समुदाय इस दिन चित्रगुप्त पूजा भी करते हैं (Diwali 2022 Festival).

भारत में कुछ अन्य धर्म के समुदाय भी दिवाली के साथ-साथ अपने-अपने त्योहार मनाते हैं. जैन अपनी दिवाली मनाते हैं जो महावीर की अंतिम मुक्ति का प्रतीक है. सिख मुगल साम्राज्य की जेल से गुरु हरगोबिंद की रिहाई को चिह्नित करने के लिए बंदी छोर दिवस मनाते हैं, जबकि नेवार बौद्ध, अन्य बौद्धों के विपरीत, लक्ष्मी की पूजा करके दिवाली मनाते हैं, पूर्वी भारत और बांग्लादेश के हिंदू आमतौर पर देवी काली की पूजा करके दिवाली मनाते हैं (Diwali 2022 Puja).

 

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