ईद उल अजहा (Eid al-Adha) यानी बकरीद (Bakrid) इस्लाम धर्म का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है. इस्लाम धर्म में इस दिन बकरे की कुर्बानी देने की परंपरा होती है. इस्लामिक कैलेंडर में 12 महीने होते हैं और धुल्ल हिज इसका अंतिम महीना होता है. इस महीने की दसवीं तारीख को ईद उल अजहा या बकरीद का त्योहार मनाया जाता है, जो कि रमजान का महीना खत्म होने के 70 दिन बाद आता है.
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, इस बार बकरीद का त्योहार 17 जून 2024 को मनाया जाएगा (Bakrid 2024). मुस्लिम धर्म के लोग अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी करते हैं. हालांकि इस्लाम में सिर्फ हलाल के तरीके से कमाए हुए पैसों से ही कुर्बानी जायज मानी जाती है. इसमें बकरा, भेड़ या ऊंट जैसे किसी जानवर की कुर्बानी दी जाती है. कुर्बानी के वक्त ध्यान रखना होता है कि जानवर को चोट ना लगी हो और वो बीमार भी ना हो (Sacrifice in Bakrid).
इस्लाम में कुर्बानी का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है. कुरान के अनुसार कहा जाता है कि एक बार अल्लाह ने हजरत इब्राहिम की परीक्षा लेनी चाही. उन्होंने हजरत इब्राहिम को हुक्म दिया कि वह अपनी सबसे प्यारी चीज को उन्हें कुर्बान कर दें. हजरत इब्राहिम को उनके बेटे हजरत ईस्माइल सबसे ज्यादा प्यारे थे (Importance of Sacrifice).
अल्लाह के हुक्म के बाद हजरत इब्राहिम ने ये बात अपने बेटे हजरत ईस्माइल को बताई. हजरत इब्राहिम को 80 साल की उम्र में औलाद नसीब हुई थी. जिसके बाद उनके लिए अपने बेटे की कुर्बानी देना बेहद मुश्किल काम था. लेकिन हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के हुक्म और बेटे की मुहब्बत में से अल्लाह के हुक्म को चुनते हुए बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया. हजरत इब्राहिम ने अल्लाह का नाम लेते हुए अपने बेटे के गले पर छुरी चला दी. लेकिन जब उन्होंने अपनी आंख खोली तो देखा कि उनका बेटा बगल में जिंदा खड़ा है और उसकी जगह बकरे जैसी शक्ल का जानवर कटा हुआ लेटा है. जिसके बाद अल्लाह की राह में कुर्बानी देने की शुरुआत हुई (History of Sacrifice in Bakrid).
जम्मू-कश्मीर के लोगों से बीजेपी ने सत्ता में आने पर ईद और मोहर्रम पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा किया है. मुस्लिम तुष्टिकरण का सख्त विरोध, और कट्टर हिंदुत्व की राजनीति करने वाली बीजेपी की तरफ से आई ये बात सोशल मीडिया पर किसी को आसानी से हजम नहीं हो पा रही है.
Ias Athar Aamir Khan wife Dr. Mehreen Qazi: कश्मीर की रहने वाली डॉ. महरीन काजी ने 2022 में कश्मीर के आईएएस अधिकारी अतहर आमिर खान से शादी की है. ईद के मौके पर उन्होंने अपनी खास तस्वीरें शेयर की. देखें वीडियो.
सोमवार (17 जून) को ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया गया. मगर इस बार यह ईद पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं रही. इसके इतर पाकिस्तान में मौजूद अन्य क्रिकेटर्स ने बड़े धूमधाम से ईद मनाई.
17 जून को देशभर में ईद-उल-अजहा धूमधाम से मनाई जा रही है. मोहसिन के लिए भी इस बार की ईद स्पेशल है, क्योंकि वो परिवार के साथ हैं.
Bakrid 2024: बकरीद के मौके पर कुर्बानी के लिए लाखों रुपये के बकरे भी खरीदे-बेचे जाते हैं. क्या आप जानते हैं कि आखिर कुछ बकरों की रेट इतनी ज्यादा क्यों होती है और इसका क्या कारण है?
Eid al-Adha 2024: इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, इस बार बकरा ईद 17 जून यानी आज मनाई जाएगी. इस मौके पर ईदगाह या मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है. इस पर्व पर इस्लाम धर्म के लोग साफ-पाक होकर नए कपड़े पहनकर नमाज पढ़ते हैं और उसके बाद कुर्बानी देते हैं.
Eid al-Adha 2024: आज देशभर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस्लामिक मान्यता के अनुसार ईद-उल-जुहा हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि बकरीद पर आखिर क्यों दी जाती है कुर्बानी.
बकरीद के दिन इस्लाम धर्म के लोग मस्जिद में नमाज अदा करते हैं और फिर जानवर की कुर्बानी देते हैं. इसे अल्लाह की राह में एक बड़ी इबादत समझा जाता है. लेकिन बकरीद पर जानवर की कुर्बानी देने वालों को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.