शिवसेना प्रमुख महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री रहे एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में कोपरी- पाचपाखाड़ी सीट से चुनाव लड़ा. चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की. एकनाथ शिंदे ने फडणवीस के अधीन उपमुख्यमंत्री के रूप में काम करने पर सहमति जताई है. उन्होंने 5 दिसंबर 2024 को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली (Maharashtra Deputy CM).
पहले वे महाराष्ट्र सरकार में शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री थें (Eknath Shinde Former CM). वे शिवसेना के सदस्य के रूप में ठाणे, महाराष्ट्र के कोपरी-पछपाखडी निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा के सदस्य हैं. वह 2004, 2009, 2014 और 2019 के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में लगातार 4 बार निर्वाचित हुए हैं.
एकनाथ शिंदे का जन्म 9 फरवरी 1964 को हुआ था (Eknath Shinde age). उनका परिवार महाराष्ट्र के सतारा में पहाड़ी जवाली तालुका के मराठा समुदाय से हैं. ठाणे शहर आने के बाद, उन्होंने मंगला हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज, ठाणे से 11वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. उन्हें अपने परिवार की आजीविका के लिए शिक्षा छोड़नी पड़ी. हालाँकि, 2014 में भाजपा-शिवसेना सरकार में मंत्री बनने के बाद, उन्होंने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की और यशवंतराव चव्हाण मुक्त विश्वविद्यालय से दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से स्नातक की उपाधि प्राप्त की (Eknath Shinde education. उनके बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे कल्याण निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए संसद सदस्य के रूप में चुने गए. वह एक एक आर्थोपेडिक सर्जन भी हैं (Eknath Shinde son).
वह 1980 के दशक में शिवसेना में शामिल हुए और 1997 में पहली बार ठाणे नगर निगम के लिए पार्षद चुने गए. वे 2001 में ठाणे नगर निगम में सदन के नेता के पद पर निर्वाचित हुए. 2002 में, दूसरी बार ठाणे नगर निगम के लिए चुने गए. 2004 में, वह पहली बार महाराष्ट्र विधान सभा के लिए चुने गए. 2005 में, शिवसेना के ठाणे जिला प्रमुख के रूप में नियुक्त किए गए. शिंदे 2009 में महाराष्ट्र विधान सभा के लिए दूसरी बार निर्वाचित हुए और 2014 में उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाई. अक्टूबर 2014 से दिसंबर 2014 तक वह महाराष्ट्र विधान सभा में विपक्ष के नेता रहे. 2014 से 2019 तक, महाराष्ट्र राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी विभाग के कैबिनेट मंत्री बने. 2018 में, उन्हें शिवसेना पार्टी के नेता के रूप में नियुक्त किया गया. एकनाथ शिंदे 2019 में लगातार चौथी बार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए और सार्वजनिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बने. इसी साल उन्हें शिवसेना विधायक दल का नेता भी चुना गया साथ ही, शहरी विकास और लोक निर्माण मंत्री के रूप में भी नियुक्त हुए (Eknath Shinde political career).
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे दोनों ने अपनी-अपनी पार्टियों की ओर से आयोजित पुस्तक मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, ताकि मराठी गौरव के प्रति अपनी निष्ठा को प्रदर्शित कर सकें. वहीं, महायुति के सहयोगी दलों ने भी राज्य सरकार और विभिन्न संगठनों की ओर से मराठी विरासत से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया.
महाकुंभ में राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक बवाल मच गया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दोनों नेताओं पर कथनी और करनी में फर्क का आरोप लगाया है. इसके विपरीत यूपी कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की है.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ये लोग खुद को हिंदूवादी कहते हैं लेकिन कुंभ नहाने नहीं गए. इनकी कथनी और करनी में फर्क है. 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने महाकुंभ में डुबकी लगाई है लेकिन ये लोग नहीं गए.
नीतीश कुमार के लिए कोई मजबूरी नहीं थी कि वो सात नए मंत्री केवल बीजेपी के ही बनायें. हो सकता है कि सरकार बनते समय दोनों ही पार्टियों के बीच कुछ समझौता हुआ हो कि विधायक की संख्या के हिसाब मंत्री बनाए जाएंगे. पर अब तक यदि नीतीश कुमार बीजेपी विधायकों को मंत्री नहीं बना रहे थे अचानक कैसे तैयार हो गए? जाहिर है कि सवाल तो उठेंगे ही.
विधानसभा अध्यक्ष ने शिवसेना और एनसीपी दोनों को समितियों के लिए अपने नाम प्रस्तुत करने के लिए कहा है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपनी समितियों का दावा नहीं किया है और भाजपा के ऐलान के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. इस निर्णय से महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ आने की संभावना है, क्योंकि इससे सत्ता का संतुलन भी प्रभावित हो सकता है.
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में तनातनी और बढ़ चुकी है। तीन महीने पहले प्रचंड बहुमत हासिल करके सत्ता पर काबिज हुई महायुति गठगंधन सरकार के दोनों डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार भाजपा के हालिया कदम से नाराज हो गए हैं। इतना ही नहीं महायुति सरकार का प्रतिनिधित्व कर रही भारतीय जनता पार्टी के पक्षपात भरे रवैये और मनमानियों पर शिंदे शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी ने नाराजगी भी जाहिर की है।
महाराष्ट्र में MMRDA पर फ्रांसीसी कंपनी SYSTA ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. पेमेंट में देरी करने की बात भी कही है. इस बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक्शन में नजर आए. उन्होंने MMRDA पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के आदेश दे दिए हैं. मुंबई मेट्रो में देखें ये पूरा मामला क्या है.
महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ तब आया, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच मतभेद बढ़ने लगे. फडणवीस ने शिंदे के मुख्यमंत्री काल की योजनाओं पर रोक लगाने का फैसला किया है. इससे राजनीतिक तनाव बढ़ा है. शिंदे ने इशारों में साफ कर दिया है कि उन्हें हल्के में न लिया जाए. देखें.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने परिवार सहित प्रयागराज महाकुंभ में पवित्र स्नान किया और इसे सौभाग्य की बात बताया. उन्होंने संगम में स्नान करने के अनुभव को ऐतिहासिक कहा और आयोजन की भव्यता की सराहना की. शिंदे ने उत्तर प्रदेश सरकार और कुंभ प्रशासन के शानदार इंतजाम की तारीफ की.
महाराष्ट्र के डिप्टी एकनाथ शिंदे ने सपरिवार त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई. उनके अलावा, महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा गोपीनाथ मुंडे, चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी सोमवार को त्रिवेणी संगम पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार नोडल एजेंसियों की नियुक्ति, रणनीति निर्माण और खरीद एजेंसियों के चयन को लेकर नई नीति तैयार करने की योजना बना रही है. साथ ही, उन एजेंसियों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी, जो तय मानकों को पूरा नहीं करती हैं.
कार्यक्रम के दौरान शिंदे ने कहा कि 'मुझे हल्के में मत लेना' वाली टिप्पणी 2 साल पहले हुई एक घटना का संदर्भ थी. वहीं, अजित पवार ने कहा कि महायुति गठबंधन में कोई दरार नहीं है.
ठाणे शहर के कलेक्टर ऑफिस के पास गणेश नाइक के कार्यक्रम के बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं. राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा द्वारा शिवसेना के प्रभाव को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि गणेश नाइक और एकनाथ शिंदे के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है. जब शिंदे (अविभाजित शिवसेना) के ठाणे जिला प्रमुख थे, तब नाइक (अविभाजित एनसीपी) के कद्दावर नेता थे और नवी मुंबई में अपना दबदबा बनाए हुए थे.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'तांगा पलट' वाले बयान पर BJP नेता RP सिंह ने सफाई दी है. RP सिंह ने कहा कि शिंदे ने बीजेपी को नहीं बल्कि शिवसेना के ठाकरे गुट को मैसेज दिया है. उन्होंने ठाकरे समर्थकों को सचेत रहने की सलाह दी है. देखें RP सिंह का बयान.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नागपुर में जोरदार बयान देते हुए कहा कि उन्हें हल्के में न लिया जाए. उन्होंने इंगित किया कि 2022 में भी जब उन्हें हल्के में लिया गया था, तब उन्होंने सरकार को पलट कर दिखा दिया था. इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का दौर शुरू हो गया है.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक बयान में कहा कि उन्हें हल्के में न लिया जाए. उनके इस बयान को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए संदेश माना जा रहा है. इसको लेकर कांग्रेस प्रवक्ता अतुल पाटिल ने कहा कि लगता है कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस को बड़ा झटका लगने वाला है. देखें कांग्रेस प्रवक्ता अतुल पाटिल का बयान.
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि अगर कोई उन्हें हल्के में ले रहा है तो याद रहे तांगा पलट भी सकता है. इसपर शिवसेना नेत्री शाइना एनसी ने कहा कि शिंदे ने महायुति पर कुछ नहीं कहा है. महायुति में सभी लोग एकजुट हैं. देखें वीडियो.
देश, दुनिया, राज्य, महानगर, खेल, आर्थिक और बॉलीवुड में क्या कुछ हुआ. जानने के लिए यहां पढ़ें समय के साथ-साथ खबरों का लाइव अपडेशन...
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. इसके संकेत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हालिया बयानों से मिलते हैं. सूत्रों की मानें तो शिंदे और मुख्यमंत्री फडणवीस के बीच कोल्ड वॉर की स्थिति है. इस बीच शुक्रवार को एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर दो दिन पहले दिया अपना 'टांगा पलटने' वाला बयान दोहराया.
मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र के बुलढाणा से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की कार को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल भेजे थे. आरोपियों की पहचान मंगेश वायल (35) और अभय शिंगणे (22) के रूप में हुई है. प्रारंभिक जांच में यह शरारत लग रही है, लेकिन पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है.
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा.इसके संकेत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हालिया बयानों से मिलते हैं