पृथ्वी एक अनोखे मौसम पैटर्न के लिए जानी जाती है जो एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आसानी से प्रवाहित होता है. हालांकि, कभी-कभी सिस्टम के भीतर व्यवधान होते हैं जिनका वैश्विक प्रभाव होता है. ऐसी ही एक घटना है 'एल नीनो' (El-Nino) जो भूमध्य रेखा के आसपास प्रशांत महासागर में होती है.
एल नीनो एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर पर हवाओं और समुद्र की सतह के तापमान में बदलाव से बनती है. उन बदलावों का एक अनियमित पैटर्न होता है.एल नीनो की घटना का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है. यह उष्णकटिबंधीय (ट्रॉपिक्स) और उपोष्णकटिबंधीय (सबट्रॉपिक्स) क्षेत्रों की जलवायु को प्रभावित करता है और इसका संबंध दुनिया के हायर लैटिट्यूड क्षेत्रों से है. समुद्र की सतह के तापमान के गर्म होने के चरण को 'एल नीनो' और ठंडे होने के चरण को 'ला नीना' के रूप में जाना जाता है.
अफ्रीका के कई देशों में पहले बाढ़ आई. फिर हैजा फैला. उसके बाद सूखे की मार. चार दशकों का सबसे भयानक सूखा. फसल बची नहीं. पानी के स्रोत सूख गए हैं. नतीजा ये कि जमीन, जानवर और इंसान सब सूख रहे हैं. वहां से भयानक तस्वीरें सामने आ रही हैं...
Weather Update: उत्तर भारत में गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है. यहां तक कि रात में मौसम काफी ज्यादा गर्म है. ऐसे में सवाल है कि आखिर इस बार ऐसा क्या हुआ कि गर्मी इतनी तेज पड़ रही है.
मौसम विभाग लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में हीटवेव और प्रचंड गर्मी का अलर्ट घोषित कर रहा है. हर साल देश में हीटवेव और गर्मी की वजह से सैकड़ों लोग मारे जाते हैं. 2015 से 2023 तक कुल मिलाकर पूरे देश में हीटवेव से 4057 लोगों की मौत हुई है.
गर्मी है 41 डिग्री की... महसूस हो रही है 50. हो सकता है कुछ दिनों में 56 डिग्री महसूस करें. कब मिलेगी इस गर्मी से राहत? कौन और क्या है इसके पीछे की वजह? क्यों भारत लगातार गर्म होता जा रहा है. आइए जानते हैं इस गर्मी को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?