एवरेस्ट फ़ूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (Everest Spices) एवरेस्ट ब्रांड नाम के तहत पिसे हुए मसालों और मसाला मिश्रण का एक निर्माता, वितरक और निर्यातक है. एवरेस्ट को 2003, 2006, 2009, 2012, 2015, 2017, 2019 और 2021 में, आठ बार सुपरब्रांड का दर्जा दिया गया है. इसे एफएमसीजी उपभोक्ता प्रतिक्रिया पुरस्कार भी मिल चुका है.
मुंबई में स्थित एवरेस्ट ने 2003 में टेलीविजन पर विज्ञापन देना शुरू किया और 2005 तक, भारत में ब्रांडेड शुद्ध मसालों के बाजार में इसकी 30 फीसदी हिस्सेदारी के साथ भारत का सबसे बड़ा मसाला ब्रांड बन गया. दो करोड़ (20 मिलियन) से अधिक परिवार नियमित रूप से एवरेस्ट मसालों का इस्तेमाल करते हैं.
यह ब्रांड 2007 तक भारत भर के 1,000 से अधिक शहरों में चार लाख आउटलेट्स में उपलब्ध था. प्रत्येक वर्ष एवरेस्ट उत्पाद के 370 करोड़ से अधिक पैक बेचे गए. एवरेस्ट स्पाइसेस का मुकाबला एमडीएच से है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 12 फीसदी है.
देश के दो बड़े मसाला ब्रांड एवरेस्ट और MDH की गुणवत्ता को लेकर विदेश में सवाल उठ रहे थे. अब इस मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण का बयान आया है. इसके मुताबिक, भारत के दोनों बड़े ब्रांड्स में एथिलीन ऑक्साइड के निशान नहीं मिले हैं. देखें वीडियो.
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हॉन्ग कॉन्ग और सिंगापुर की फूड एजेंसी ने एवरेस्ट के फिश करी मसाला पर रोक लगा दी थी. सिंगापुर ने एवरेस्ट के फिश करी मसाला के ऑर्डर को रिटर्न कर दिया था. उन्होंने दावा किया था कि फिश करी मसाला में एथिलीन ऑक्साइड तय मात्रा से कहीं ज्यादा है.
हॉन्गकॉन्ग..सिंगापुर...और अब नेपाल. इन तीनों देशों ने भारत की दो बड़ी मसाला कंपनियों MDH और एवरेस्ट के प्रोडक्ट्स पर बैन लगा दिया. दरअसल, इन दोनों मसाला कंपनियों के कुछ उत्पादों में कथित रूप से एथिलीन ऑक्साइड की मात्रा ज्यादा मिली थी. एथिलीन ऑक्साइड एक तरह का पेस्टीसाइड है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
भारत के दो बड़े मसाला ब्रांड- MDH और एवरेस्ट के उत्पादों को अब नेपाल में भी बैन कर दिया गया है. इससे पहले हॉन्गकॉन्ग और सिंगापुर ने भी ऐसा ही किया था. इनके मसालों में कथित रूप से हानिकारक केमिकल की मात्रा ज्यादा पाई गई है. ऐसे में समझते हैं कि आखिर भारत के मसलाों को लेकर दुनिया को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है?
नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के प्रवक्ता मोहन कृष्णा महाराजन ने कहा कि एवरेस्ट और एमडीएच ब्रांड के मसालों के आयात पर बैन लगा दिया गया है. हमने बाजार में इन मसालों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. इन मसालों में हानिकारक रसायन होने की खबर मिलने के बाद ये कदम उठाया गया है. इन दोनों ब्रांड के मसालों में खतरनाक रसायनों की जांच चल रही है. इसकी जांच रिपोर्ट आने तक प्रतिबंध जारी रहेगा.
हांगकांग और सिंगापुर में भारतीय मसाला कंपनियों एमडीएच और एवरेस्ट के चार मसालों की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध की जांच के बाद भारत सरकार ने इन मसालों की गुणवत्ता पर जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही देश में बिकने वाले दूसरी कंपनियों के मसालों की भी जांच का आदेश दिया है.
भारत की दो बड़ी मसाला कंपनियां- एमडीएच और एवरेस्ट सवालों के घेरे में आ गई हैं. हॉन्गकॉन्ग ने इन दोनों कंपनियों के कुछ मसालों को बैन कर दिया है. इनमें कथित तौर से एथिलीन ऑक्साइड की मात्रा ज्यादा पाई गई है. एथिलीन ऑक्साइड से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
US FDA Inquiry Against MDH-Everest : हांगकांग, सिंगापुर और मालद्वीव के बाद अब अमेरिका में भी भारतीय मसाला ब्रांड्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने MDH और Everest मसालों की जांच शुरू कर दी है.