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गोरखपुर

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गोरखपुर भारत के राज्य उत्तर प्रदेश (Gorakhpur, Uttar Pradesh) का एक शहर और जिला है. राप्ती और रोहणी नदी के किनारे बसे गोरखपुर जिले का क्षेत्रफल 3,321 वर्ग किलोमीटर है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditya Nath) 1998 से 2017 तक लगातार 5 बार गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे हैं. गोरखपुर के मौजूदा सांसद भाजपा के ही रवि किशन (Ravi Kishan, BJP) हैं. गोरखपुर जिले में दो लोकसभा क्षेत्र, गोरखपुर और बांसगांव, और नौ विधानसभा क्षेत्र हैं (Gorakhpur Constituency).

2011 की जनगणना के आंकड़ों पर नजर डालें तो गोरखपुर की 70.83 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 81.80 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 59.36 फीसदी है. इस जिले का लिंग अनुपात 950 है और जनसंख्या घनत्व 1,337 प्रति वर्ग किलोमीटर है (Gorakhpur Literacy).

गोरखपुर भारत का एक महत्वपूर्ण धार्मिक केन्द्र है. यह बौद्ध, हिन्दू, मुस्लिम, जैन और सिख सन्तों की साधनास्थली रहा है. मध्यकाल के सर्वमान्य सन्त गोरखनाथ के बाद, उनके ही नाम पर इसका वर्तमान नाम गोरखपुर रखा गया. यहाँ का प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर (Gorakhnath Mandir or Math) नाथ सम्प्रदाय की पीठ है. यहां हर साल मकर संक्रांति के मौके पर खिचड़ी-मेला का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं. गोरखपुर को इसका नाम संस्कृत शब्द गोरक्षपुरम से मिला है जिसका मतलब होता है गोरखनाथ का निवास (Gorakhpur Religious Place).

गोरखपुर के प्रमुख दार्शनिक स्थलों में गोरखनाथ मंदिर, विष्णु मंदिर, गीताप्रेस, विनोद वन, गीतावाटिका, रामगढ़ ताल और सूर्यकुण्ड मंदिर शामिल है (Gorakhpur tourist place).

महान हिन्दी साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद और संत कबीर की कर्मस्थली गोरखपुर रहा है. यहां स्थित हिन्दू धार्मिक ग्रन्थों का प्रमुख प्रकाशन संस्थान गीताप्रेस पूरे देश में प्रसिद्ध है (Geeta Press).

गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक विश्व का सर्वाधिक लम्बा प्लेटफॉर्म है. पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर में ही स्थित है (Longest Platform in Guinness Book of World Records).

गोरखपुर भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों का एक महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है. महान क्रन्तिकारी नेता राम प्रसाद बिस्मिल (Ram Prasad Bismil) को आजादी की लड़ाई में सक्रिय योगदान के लिए ब्रिटिश सरकार ने गोरखपुर जेल में ही फांसी दी थी.

गोरखपुर में कुछ महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान हैं, जिनमें दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University,DDUGU), सेंट एन्ड्रयूज कॉलेज (St. Andrews College), मदन मोहन मालविय इंजनीयरिंग कॉलेज (Madan Mohan Malviya Engineering College (MMMEC) विशेष तौर पर उल्लेखनीय हैं.

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