गुजरात विधानसभा चुनाव
गुजरात विधानसभा चुनाव दिसंबर 2022 में होना है (Gujarat Assembly Election 2022). भारत के चुनाव आयोग ने 3 नवंबर 2022 को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी (Election Schedule Announced by Election Commission 2022). 14वीं गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी 2023 को समाप्त होने वाला है (14th Gujarat Assembly Election). पिछला विधानसभा चुनाव दिसंबर 2017 में हुआ था. चुनाव के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार बनाई, जिसमें विजय रूपाणी मुख्यमंत्री (Former CM Vijay Rupani) बने थे. विजय रूपाणी ने 11 सितंबर 2021 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और उनके बाद भूपेंद्र पटेल नए मुख्यमंत्री बनाए गए थे (Bhupendra Patel, CM Gujarat).
पिछले विधानसभा चुनावों के बाद से, कई उपचुनाव हुए, जिनमें से अधिकांश भाजपा ने जीते, उनकी संख्या 99 से 112 हो गई. भाजपा ने सभी निगमों और जिला पंचायतों को जीतकर 2021 के गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल की और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक नगर पालिका और 18 तालुका पंचायतों में बहुमत हासिल किया. एक तरफ भाजपा ने अपनी ताकत बढ़ाई और दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य में एक दावेदार के रूप में महत्वपूर्ण पैठ बनाई (Gujarat Local Body Election 2021).
2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव में, किसान और पाटीदार आंदोलन के कारण सौराष्ट्र के कुछ जिलों में भाजपा हार गई थी, विशेष रूप से अमरेली और गिर सोमनाथ में जहां वह कांग्रेस से सभी सीटें हार गई. हालांकि, जब अन्य जिलों के साथ-साथ अमरेली में पंचायत चुनाव हुए, तो बीजेपी ने अमरेली के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त के साथ दो तिहाई बहुमत हासिल किया था. जबकि ग्रामीण गुजरात में आप की बढ़त ने गुजरात को एक त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़या (Gujarat Assembly Election 2017).
गुजरात में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, और कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन अप्रैल में ही होने जा रहा है - और उससे भी पहले 7-8 मार्च को राहुल गांधी गुजरात के दौरे पर जा रहे हैं.
लोकसभा चुनावों के बाद गुजरात में कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी हुई है. इसके लिए शहर-शहर कांग्रेस के संगठन को फिर से खड़ा करने की तैयारी की जा रही है. राहुल गांधी के बाद अब गुजरात कांग्रेस के प्रभारी तीन दिन के गुजरात के दौरे पर पहुंचे हैं. देखें गुजरात आजतक.
बिलकिस बानो केस में सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद सभी 11 दोषी लोगों को फिर से जेल जाना होगा. कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को फिर से कठघरे में खड़ा कर दिया है - लोक सभा चुनाव से पहले आया ये फैसला क्या कांग्रेस के लिए फायदेमंद और बीजेपी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है?
कांग्रेस ने बीजेपी के साथ लड़ाई का तरीका बदल लिया है. राहुल गांधी को पहले मंदिर और मठों में घूमते देखा जाता था, लेकिन अब वो लगातार जातीय जनगणना की मांग कर रहे हैं. सॉफ्ट हिंदुत्व आजमाने के बाद राहुल गांधी का पूरा जोर अब जातिवाद की राजनीति पर है. रणनीति बदलने से जरूरी उस पर अमल करना होता है.
आजम खान और उनके करीबियों के यहां हुई छापेमारी को लेकर समाजवादी पार्टी बिलकुल वैसे ही बचाव कर रही है, जैसे आम आदमी पार्टी मनीष सिसोदिया का. ये ठीक है कि आजम खान और मनीष सिसोदिया दोनों पर आरोप तो भ्रष्टाचार के ही लगे हैं, लेकिन दोनों की तरफदारी में थोड़ा फर्क भी है.
सरप्राइज में यकीन रखने वाली नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा का एजेंडा तो तय कर ही दिया है. तमाम कयास लगाये जा रहे हैं. एक देश एक चुनाव से लेकर यूसीसी, जनसंख्या नियंत्रण और महिला आरक्षण बिल तक लाये जाने की संभावना जतायी जा रही है - लेकिन वास्तव में होना क्या है, ये अभी किसी को नहीं पता.
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि गुजरात के वडोदरा के उत्तमनगर इलाके में हुई बीजेपी की रैली में ज्यादातर कुर्सियां खाली पड़ी रहीं. गुजरात चुनाव से पहले इस बड़े दावे के बाद आजतक की फैक्ट चेक टीम ने दावे की पड़ताल शुरू की तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई.
राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द किए जाने कि खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हंगामा किया. इसके बाद कांग्रेस के 17 में से 16 विधायकों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए 29 मार्च तक निलंबित कर दिया गया. देखें ये वीडियो.
सर्दी वाले शास्त्र की और सियासी गर्मी वाले शास्त्र की, वैसे तो सर्दी और सियासत का कोई तालमेल नहीं, लेकिन दिल्ली में पॉलिटिक्स के 2024 वाले एंगल ने सर्दी के मौसम में भी पार्टियों के पसीने छुड़ा दिए, सोचिए जब दिल्ली का तापमान 1.4 डिग्री तक लुढ़क गया, तो 2024 की सियासी लड़ाई ने दिल्ली के तापमान को HIGH कर दिया. मतलब ये दिल्ली का तापमान डाउन हैं, लेकिन उसी दिल्ली में POLITICS का पारा हाई है.
देश में चुनावों को लेकर एक्शन मोड में ज्यादातर दल दिखने लगे हैं. इस साल देश में इतने विधानसभा चुनाव हैं, जहां करीब 91 लोकसभा सीट आती हैं. हर विधानसभा चुनाव को लोकसभा का सेमीफाइनल माना जाने लगता है. इसीलिए साल के पहले महीने में अगले 16 महीनों को लेकर चुनावी जीत चाहने वाली दवा की व्यवस्था करने में बीजेपी-कांग्रेस लग गए हैं. देखें ये वीडियो.
Gujarat Rajkot South Vidhan Sabha Results: राजकोट दक्षिण विधानसभा सीट बीजेपी का गढ़ है. साल 2012 में बीजेपी ने गोविंद पटेल को मैदान में उतारने के लिए रिपीट थ्योरी का इस्तेमाल किया था. 2012 में बीजेपी के गोविंद पटेल ने 50 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी, जबकि 2017 में उन्होंने 47 हजार से अधिक मतों की बढ़त के साथ जीत हासिल की थी.
Gujarat Rajkot East Vidhan Sabha Results: गुजरात की राजकोट पूर्व विधानसभा सीट पर साल 2012 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 2017 में यह सीट बीजेपी के खाते में गई. इसके बाद इस बार चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका लगा. सौराष्ट्र के दो दिग्गज नेता पूर्व विधायक इंद्रनील राजगुरु और राजकोट कांग्रेस के पार्षद वासराम सगथिया आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे.
Gujarat Vadodara Vidhan Sabha Results: वडोदरा सिटी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. मनीषाबेन वकील दो बार से इस सीट पर विधायक चुनी गई हैं. इस सीट पर ओबीसी, दलित और पाटीदार मतदाता प्रभावी व निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इसमें 27 फीसदी ओबीसी वोटर, 17 फीसदी दलित वोटर और 13 फीसदी पाटीदार वोटर हैं.
Gujarat Anand Vidhan Sabha Results: आणंद विधानसभा सीट पर 1 लाख 60 हजार 612 पुरुष और 1 लाख 55 हजार 458 महिला व 4 अन्य मतदाता हैं. आणंद विधानसभा सीट पर अब तक 14 बार चुनाव हुआ है. इसमें 2014 का उपचुनाव भी शामिल है. इसमे 6 बार बीजेपी और 6 बार कांग्रेस की जीत हुई है. इस बार फिर बीजेपी ने बाजी मारी है.
AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में जीेते AAP विधायकों से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद केजरीवाल ने लिखा कि गुजरात के नवनिर्वाचित आप विधायकों से मुलाकात की. मैं उनके सफल कार्यकाल के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं क्योंकि वे गुजरात के लोगों की अथक सेवा करेंगे. बता दें कि गुजरात में AAP के सिर्फ 5 ही नेता चुनाव जीत सके.
Bhupendra Patel Oath Ceremony: गुजरात में बीजेपी की 7वीं बार सरकार बन गई है. सोमवार को भूपेंद्र पटेल ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में 16 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. इनमें 6 चेहरे नए हैं. सबसे ज्यादा 4 मंत्री सूरत से बनाए गए हैं. इससे पहले भूपेंद्र पटेल ने सितंबर 2021 में पिछले कार्यकाल के लिए शपथ ली थी.
गुजरात में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद सोमवार को भूपेंद्र पटेल ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. पटेल के साथ 16 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इनमें 6 नए चेहरे हैं. नई सरकार के गठन के बाद भूपेंद्र पटेल सरकार एक्शन में है. शपथ ग्रहण के बाद तुरंत एक बैठक बुलाई गई और मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया गया है.
Bhupendra Patel Oath Ceremony: गुजरात में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद सोमवार को भूपेंद्र पटेल की दूसरी बार ताजपोशी हो गई. भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में सीएम पद की शपथ ली. इससे पहले भूपेंद्र पटेल ने सितंबर 2021 में पिछले कार्यकाल के लिए शपथ ली थी. भूपेंद्र पटेल के अलावा 16 विधायकों ने भी मंत्रिपद की शपथ ली.
गुजरात में आज शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है. भूपेंद्र पटेल ने बतौर सीएम एक बार फिरसे शपथ ली. इस समारोह में पीएम मोदी से लेकर बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की. बता दें कि गुजरात में बीजेपी को बंपर जीत मिली है. और इस जीत से बीजेपी ने गुजरात में इतिहास रख दिया है. देखें
गुजरात में आज शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है. भूपेंद्र पटेल ने बतौर सीएम एक बार फिरसे शपथ ली. इस समारोह में पीएम मोदी से लेकर बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की. देखें समारोह की कुछ झलकियां.
Bhupendra Patel Oath Ceremony: गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है. पार्टी राज्य में 156 सीटें जीती. यह गुजरात में किसी भी पार्टी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. बीजेपी की इस जीत के बाद भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को सीएम पद की शपथ ली. बीजेपी ने चुनाव से पहले ही सीएम चेहरे के तौर पर उनके नाम का ऐलान कर दिया था.