हज (Hajj), सऊदी अरब के मक्का की एक वार्षिक इस्लामी तीर्थयात्रा है (Hajj Yatra), जो मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र शहर है. हज मुसलमानों के लिए एक अनिवार्य धार्मिक कर्म है जिसे उन सभी वयस्क मुसलमानों को अपने जीवन में कम से कम एक बार करना होता है, जो शारीरिक और आर्थिक रूप से यात्रा करने में सक्षम हों.
हज यात्रा की तारीख इस्लामी चंद्र कैलेंडर द्वारा निर्धारित की जाती है. इसके अनुसार, 1 तारीख को शुरू होती है और 10 धू अल-हिज्जा, इस्लामी कैलेंडर के बारहवें और आखिरी महीने पर समाप्त होती है. इन दस दिनों में से 9वें ज़िलहिज्जा को अराफा का दिन कहा जाता है और इस दिन को हज का दिन कहा जाता है (Hajj Yatra Date).
हज के लिए अपनी यात्रा के दौरान, तीर्थयात्री परंपरागत रूप से मदीना शहर की यात्रा करते हैं. यहां विशेष रूप से अल-मस्जिद-ए-नबावी (पैगंबर की मस्जिद) में प्रार्थना की जाती है. इस मस्जिद में पैगंबर मुहम्मद की कब्र है (Hajj Yatra Macca Medina).
हज से पहले पाकिस्तानियों को लगवानी होगी पोलियो की वैक्सीन. सऊदी अरब ने एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें ये घोषणा की है कि उमराह के लिए जा रहे हर पाकिस्तानी को पोलियो टीकाकरण का सर्टिफिकेट दिखाना होगा.
कुंभ हो या हज यात्रा या फिर क्रिश्चयन समुदाय का वेटिकन मास, धर्म की पुकार सदियों से इंसानों को एक स्थान पर खींचती आई है. हर सभ्यता में मनुष्य एक तय समय पर अपने ही जैसे विश्वास के लोगों से मिलता है और अनुष्ठान कर एक बेहतर जिंदगी की कामना करता है. कैसे एक स्थान पर जमा होते हैं लोग, क्या है परंपराएं, क्या होता है वहां अर्थशास्त्र? पढ़ें इस विस्तृत रिपोर्ट में.
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने सऊदी अरब के दौरे पर भारत के हज यात्रियों के लिए कोटा पॉलिसी पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत, 2025 में 1,75,025 भारतीय हज तीर्थयात्रियों को इजाजत मिलेगी. दोनों देशों के बीच यह समझौता तीर्थयात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है.
भारत और सऊदी अरब के बीच हज 2025 को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की सऊदी अरब यात्रा के दौरान यह करार किया गया. इस नए समझौते के तहत, भारत को पिछले साल की तुलना में 10,000 अतिरिक्त हाजियों को भेजने की अनुमति मिली है. इस वर्ष कुल 1,75,000 से अधिक भारतीय हज यात्रा पर जा सकेंगे. देखिए VIDEO
पाकिस्तान की सरकार ने हज 2025 के लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए हैं. शुरुआत के एक हफ्ते से भी कम वक्त में सरकार को बहुत से आवेदन मिले हैं. उम्मीद है कि इस साल आवेदन की संख्या ज्यादा होगी क्योंकि पाकिस्तान की सरकार ने हाजियों के लिए फ्लाइट के किराए में कटौती की है.
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने पत्र के जरिए मांग की है कि हज कमेटी के टॉप अधिकारियों के कार्यों की स्वतंत्र जांच की जाए. मंत्रालय के किसी भी प्रभाव से रहित स्वतंत्र प्रक्रिया के डरिए एक नए, नियमित सीईओ की तत्काल नियुक्ति की जाए.
Hajj Yatra: काबा मुसलमानों के सबसे पवित्र धर्मस्थल में से एक है, जहां की यात्रा हर एक मुस्लिम करना चाहता है. काबा से जुड़ी कई ऐसी परंपराएं हैं, जो कई सालों से निभाई जा रही हैं, जिसमें से एक है गुस्ल-ए-काबा.
Hajj 2024: इस बार हज यात्रा 14 जून से लेकर 19 जून तक की जाएगी. इस्लाम धर्म की मान्यताओं के अनुसार, हर मुस्लिम को अपने जीवन में एक बार हज जरूर जाना चाहिए. आइए आपको हज यात्रा का महत्व और इसके कुछ खास निय बताते हैं.
सऊदी अरब के मक्का में हज का सीजन चल रहा है. हज 14 जून से शुरू हुआ था जो 19 जून तक चलेगा. इस हज सीजन के दौरान सऊदी अरब भयंकर गर्मी से जूझ रहा है जो हाजियों और पुलिस अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है.
सऊदी अरब में हज सीजन अब खत्म होने वाला है. इसी बीच खबर है कि हज के लिए आए 550 से अधिक लोग झुलसाने वाली गर्मी का शिकार हो गए हैं. मरने वालों में सबसे अधिक मिस्र से हैं.
Hajj 2024: 14-19 जून के बीच चला हज समाप्त हो चुका है. भयंकर गर्मी की वजह से इस बार एक हजार से अधिक लोगों के मरने की खबर है. मरने वालों में सबसे अधिक मिस्र के नागरिक हैं. बिना रेजिस्ट्रेशन हज के लिए जाने वाले लोगों पर गर्मी का कहर सबसे ज्यादा बरपा है.
सऊदी अरब में जहां एक तरफ पवित्र हज यात्रा शुरू हो चुकी है तो दूसरी तरफ भीषण गर्मी का कहर जारी है. करीब एक हजार से ज्यादा हज यात्री अपनी जान गंवा चुके हैं. मरने वालों में काफी संख्या भारतीयों की भी है. भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, अभी तक 98 भारतीय नागरिकों हज यात्रा 2024 के दौरान मौत हो गई है.
सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री फहद अल-जलाजेल ने रविवार को बताया कि इस साल हज यात्रा के दौरान अब तक कुल 1,301 लोगों की मौत हो चुकी है. सरकारी टेलीविजन ने मंत्री के हवाले से कहा कि हज यात्रियों की मौत 'पर्याप्त आश्रय या आराम के बिना सीधी धूप में लंबी दूरी तय करने' के कारण हुई.
Eid-ul-Adha 2024: ईद उल-अज़हा कर्बानी का त्योहार है. भारत में बकरे की कुर्बानी देकर ईद का जश्न मनाया जाता है. इस दिन सभी लोग आपस में मिलजुल ईद की मुबारकबाद देते हैं.
Eid-ul-Adha बकरीद या ईद उल-अज़हा मुस्लिम समुदाय के खास त्योहारों में से एक है. ईद उल-अजहा के पर्व को बलिदान का प्रतीक माना गया है. इस दिन लोग दोस्त, रिश्तेदारों के साथ प्यार बांटते हैं. तो आइए ये खूबसूरत मैसेज और मुबारकबाद भेजकर इस दिन को और खास बनाते हैं.
ईद-उल-अजहा को बकरीद या बकरा ईद के नाम से भी जाना जाता है. यह कुर्बानी का त्योहार है. इस दिन बकरे की कुर्बीनी दी जाती है और सभी लोग एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं.
हर मुसलमान की ये ख्वाहिश होती है कि वो जिंदगी में कम से कम एक बार हज कर सके लेकिन ज्यादा खर्चा, ज्यादा वक्त और लंबा प्रॉसेस के चलते हर किसी के लिए ये मुमकिन नहीं हो पाता.
पूर्व भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से तलाक के बाद अब नई शुरुआत में जुटी हैं. सानिया ने बताया है कि वो अब हज यात्रा पर रवाना हो गई हैं.
मक्का सऊदी अरब का वो शहर है, जो दुनिया के मुसलमानों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है. मक्का स्थित मस्जिद के फर्श का दायरा 1 लाख 60 हजार यार्ड है, जहां एक साथ 12 लाख लोग नमाज पढ़ सकते हैं. यह मस्जिद काबा के चारों तरफ बनी है.
Hajj 2024: सऊदी अरब के मक्का जाकर हज करना इस्लाम में पवित्र माना गया है. मान्यता है कि इससे इंसान से सभी पाप धुल जाते हैं. हर साल हज के लिए दुनियाभर से लाखों लोग सऊदी अरब की यात्रा करते हैं.
हज यात्रियों की पहली फ्लाइट दिल्ली लौटी.