जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट
जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट (High Court of Jammu and Kashmir and Ladakh) जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों के लिए साझा उच्च न्यायालय है (Common High Court for Union Territories of Jammu and Kashmir and Ladakh). अदालत की सीट ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और शीतकालीन राजधानी जम्मू के बीच बदलती है.
न्यायालय के पास अपीलीय के अलावा मूल क्षेत्राधिकार है. इस कोर्ट के निर्णयों की अपील केवल भारत के सर्वोच्च न्यायालय में की जा सकती है. जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित 17 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या है, जिनमें से 13 स्थायी न्यायाधीश हैं, और 4 अतिरिक्त न्यायाधीश हैं ((High Court of Jammu and Kashmir and Ladakh Sanctioned Strength). 4 जनवरी 2021 से, न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज मिथल हैं (High Court of Jammu and Kashmir and Ladakh Current Chief Justice).
जम्मू और कश्मीर के उच्च न्यायालय की स्थापना 26 मार्च 1928 को महाराजा हरि सिंह द्वारा जारी आदेश संख्या 1 के तहत की गई थी (Jammu and Kashmir High Court Establishment). महाराजा ने लाला कंवर सेन को पहले मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया था (Jammu and Kashmir High Court First Chief Justice). अगस्त 2018 में, उच्च न्यायालय को अपनी पहली और दूसरी महिला न्यायाधीश मिलीं. जस्टिस सिंधु शर्मा को एक न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था, जबकि न्यायमूर्ति गीता मित्तल इस अदालत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुई थीं First Woman Chief Justice of Jammu and Kashmir High Court).
अगस्त 2019 में, भारतीय संसद के दोनों सदनों ने एक पुनर्गठन विधेयक पारित किया. इस विधेयक ने 31 अक्टूबर 2019 तक जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों-जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में पुनर्गठित किया. इस पुनर्गठन के बाद, जम्मू और कश्मीर के उच्च न्यायालय ने जम्मू और कश्मीर और लद्दाख, दोनों केंद्र शासित प्रदेश के हाई कोर्ट के रूप में कार्य करना जारी रखा (Jammu and Kashmir High Court serves as High Court of Jammu and Kashmir and Ladakh Union Territories).
पहले फेज में वोटर्स की संख्या काफी अच्छी रही थी. 18 सितंबर को पहले चरण में 61.38 प्रतिशत और 26 सितंबर को दूसरे चरण में 57.31 प्रतिशत मतदान हुआ था. अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद से जम्मू और कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव है, जिसके नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.
उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बने रहने तक विधानसभा चुनावों में भाग नहीं लेने का संकल्प व्यक्त किया था, लेकिन मंगलवार को पार्टी द्वारा घोषित 32 उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम भी शामिल था. पूर्व मुख्यमंत्री गांदेरबल से चुनाव लड़ेंगे, जहां से उन्होंने 2008 में जीत हासिल की थी.
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने मंदिरों और तीर्थस्थलों की संपत्तियों के संरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आदेश दिया कि कश्मीरी हिंदू मंदिरों, तीर्थस्थलों को जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा संरक्षित किया जाए.
पाकिस्तान बेस्ड जिन आतंकियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है, उनके नाम बशीर अहमद गनी निवासी तिलगाम, मेहराज उद्दीन लोन निवासी खरगाम, गुलाम मोहम्मद याटू निवासी तिलगाम, अब्बू रहमान भट निवासी वानीगाम पाईन और अब्बू राशिद लोन निवासी सतरेसीरन हैं.
जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए जिस आतंकी हमले में 10 आम लोगों की मौत हो गई, उसकी जिम्मेदारी अब जैश और लश्कर के इशारे पर आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले द रेजिस्टेंस फ्रंट आतंकी संगठन ने ली है.
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वू कियान ने कहा है कि वर्तमान में भारत और चीन के बीच सीमा क्षेत्रों की स्थिति सामान्यतः स्थिर है. दोनों देश राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से प्रभावी कम्युनिकेशन बनाए हुए हैं. दोनों देश जल्द से जल्द एक ऐसे समाधान पर पहुंचने पर सहमत हुए हैं जो दोनों देशों को मंजूर हो.
कुपवाड़ा के माछिल में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षाबलों ने 5 आतंकियों को ढेर कर दिया. भारतीय सुरक्षाबलों की कार्रवाई से बौखलाई पाकिस्तानी सेना ने फायरिंग कर दी. इसमें एक जवान और चार नागरिक जख्मी हुए हैं.
मोहम्मद अकबर लोन पाकिस्तान का समर्थन करते हैं. जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस से संसद सदस्य भी हैं. अर्जी के मुताबिक लोन 2002 से 2018 तक विधान सभा के सदस्य भी रहे. उन्होंने जम्मू- कश्मीर विधानसभा के सदन में "पाकिस्तान जिंदाबाद" जैसे नारे भी लगाए थे.
राइका में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग की आधारशिला रखी गई. चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपने संबोधन में न्यायिक अधिकारियों को फ्रंड वॉरियर बताते हुए न्याय चाहने वाले आम आदमी की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रोत्साहित किया.
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सेना के एक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान शहीद हो गया और छह अन्य घायल हो गए.
इन कर्मचारियों ने कश्मीर डिवीजन में अपना काम फिर से शुरू कर दिया है. धरने पर बैठे सरकारी कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया जाएगा. आदेश के अनुसार, केवल उन लोगों का वेतन जारी किया जाएगा जो काम पर वापस लौट आए हैं और काम फिर से शुरू कर चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है कि सिनेमा हॉल में बाहर का खाना ले जाने की अनुमति मिलनी चाहिए या नहीं? जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट इसकी अनुमति दे चुका है, जिसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर सिनेमा हॉल ऑनर्स एसोसिएशन सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. आज हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर कई टिप्पणियां की हैं.
जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की लगातार हो रही हत्या की एसआईटी जांच के लिए दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा. गैर सरकारी सामाजिक संगठन वी द सिटीजन ने यह जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में कश्मीरी पंडितों के उत्पीड़न और विस्थापितों के पुनर्वास की भी मांग की गई है.
जानकारी के मुताबिक थिलू पंचायत से जंगल में लकड़ी लेने गए एक ही परिवार के लोग जब लकड़ियां इकट्ठी कर रहे थे उसी वक्त अचानक लैंडस्लाइड हो गया.
राहुल भट्ट की हत्या फॉरेस्ट काना की हत्या के बाद से लगातार काश्मीर घटी में तनाव बना हुआ है. कश्मीरी पंडित खौफ के साए में जी रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर पुलिस मुख्यालय ने आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल घरों के कुर्की जब्ती और वाहनों को जब्त करने का आदेश दिया है.