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HMPV वायरस

HMPV वायरस

HMPV वायरस

कोविड महामारी के चार साल बाद ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV Virus) अब लोगों को डरा रहा है. दरअसल एक रिपोर्ट के अनुसार चीन एक और घातक महामारी से जूझ रहा है. US सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, HMPV वायरस 2001 में खोजा गया था. यह HMPV न्यूमोविरिडे फैमिली से संबंधित है जो एक रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) की ही फैमिली है. यह आमतौर पर ऊपरी और निचले श्वसन संक्रमण का कारण बनता है जो सामान्य सर्दी या फ्लू के जैसे लक्षण पैदा करता है. 

CDC के अनुसार, यह छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इसके संक्रमण के सबसे अधिक खतरे में होते हैं. HMPV खांसने या छींकने से निकलने वाले ड्रापलेट्स, हाथ मिलाने, किसी को स्पर्श करने, नजदीकी संपर्क में आने, दूषित सतहों पर हाथ लगाने, मुंह, नाक या आंखों को छूने से फैलता है. खांसी और बहती हुई नाक, बुखार, गले में खराश, गले में जलन या कुछ मामलों में सांस लेने में कठिनाई ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के सामान्य लक्षण हैं. कुछ मामलों में संक्रमण ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या अस्थमा के लक्षणों में भी तब्दील हो सकता है.

इस वायरस के कारण कई देश इसके प्रसार पर निगरानी रख रहे हैं. भारत में इस पर निगरानी रखी जा रही है.

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