आईएसी विक्रांत
आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 2 सितंबर 2022 को इसे भारतीय नौसेना को सौंप दिया (IAC Vikrant Handover to Indian Navy). इस विमानवाहक पोत के आने से भारत की समुद्री सीमाएं सुरक्षित हो जाएंगी. भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत (First Indigenous Aircraft Carrier) आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant Weapons) पर ऐसे हथियार लगे होंगे हैं जो उसकी और देश की सुरक्षा करेगा.
आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) पर फिलहाल तीन तरह के एयरक्राफ्ट्स तैनात हैं- मिग-29 फाइटर जेट, रोमियो हेलिकॉप्टर और कामोव हेलिकॉप्टर्स (Three Types of Aircraft on IAC Vikrant). इन एयरक्राफ्ट्स की बदौलत भारतीय नौसेना निगरानी, जासूसी, बचाव या हमला कर सकती है. साथ ही, पनडुब्बियों से बचाव भी कर सकती है. कुल मिलाकर इस विमानवाहक युद्धपोत पर 30 से 35 एयरक्राफ्ट तैनात किए जा सकते हैं. आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) के लिए भारतीय नौसेना ज्यादा बेहतर, तेज, खतरनाक और आधुनिक फाइटर एयरक्राफ्ट खोज रही है. इनमें - राफेल का नेवी वर्जन, बोइंग का F-18 सुपर हॉर्नेट, मिग-29के (MIG-29 K) और ग्रिपेन (Gripen) हो सकता है.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि बहुत जल्द तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर की शुरुआत हो जाएगी. हम तीन पर ही नहीं रुकेंगे. हम पांच-छह कैरियर और बनाएंगे. अगर ऐसा होता है तो भारतीय नौसेना की ताकत हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में कई गुना बढ़ जाएगी. चीन की हरकतों पर विराम लगेगा. जानिए कैसे?
भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए दूसरे विक्रांत क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर को बनाने की सहमित बन चुकी है. इससे भारतीय नौसेना की ताकत तो बढ़ेगी ही लेकिन इससे जापान को बड़ी मदद मिलेगी. ये बात आपको हैरान करेगी. लेकिन यह सच्चाई है. जापान को इसका फायदा रणनीतिक तौर पर होगा. आइए जानते हैं कैसे?
नौसेना प्रमुख ने संकेत दिए हैं कि INS Vikrant की तरह एक और स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर बनाने पर विचार किया जा रहा है. यह और आधुनिक होगा. खतरनाक होगा. इसे जल्दी बनाया जा सकेगा. आइए समझते हैं दूसरे एयरक्राफ्ट करियर के क्या फायदे हैं? कैसे नौसेना की ताकत बढ़ेगी? दुश्मन में डर बैठेगा?
भारतीय नौसेना का उसका अपना स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant मिल चुका है. अब उसके लिए लड़ाकू विमान चुनना है. मैदान में दो फाइटर जेट हैं. फ्रांसीसी और भारत का भरोसा जीत चुका राफेल. दूसरा है अमेरिका का प्रसिद्ध F-18 सुपर हॉर्नेट. विक्रांत के लिए 26 फाइटर जेट्स की जरुरत है. देखतें हैं कौन जीतेगा जंग?
भारतीय नौसेना के नए स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikrant पर दुनिया की सबसे खतरनाक AK 630 गन को इंस्टॉल कर दिया गया है. यह गन कंप्यूटर के साथ जुड़ी होती है, जो दुश्मन टारगेट की तरफ घूम-घूम कर गोलियां बरसाती है. आइए जानते हैं कि इस गन की ताकत और रेंज क्या है?
1971 का युद्ध. पाकिस्तान की नापाक साजिशों के सामने यमदूत बनकर खड़ा था भारतीय नौसेना का INS Vikrant. आज है 2022. सामने खड़ा है IAC Vikrant. देश का पहला स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत. 13 साल लगे बनने में. आइए जानते हैं कि पुराने विक्रांत से नये विक्रांत में क्या अंतर है? दोनों की ताकतों, क्षमताओं की तुलना...