भारतीय प्रशासनिक सेवा
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारत सरकार की अखिल भारतीय सेवाओं की प्रशासनिक शाखा है (Administrative Arm of All India Services of Government of India). इसे भारत की प्रमुख केंद्रीय सिविल सेवा माना जाता है. आईएएस भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के साथ-साथ अखिल भारतीय सेवाओं की तीन भुजाओं में से एक है. इन तीनों सेवाओं के सदस्य भारत सरकार के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों की सेवा करते हैं. IAS अधिकारियों को विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों जैसे संवैधानिक निकायों, कर्मचारियों और लाइन एजेंसियों, सहायक निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, नियामक निकायों, वैधानिक निकायों और स्वायत्त निकायों में भी तैनात किया जाता है (IAS Cadre Allocation).
ईस्ट इंडिया कंपनी की अवधि के दौरान, सिविल सेवाओं को तीन भागों में वर्गीकृत किया गया था. 1858 में Honourable East India Company's Civil Service (HEICCS) को भारतीय सिविल सेवा (आईसीएस) से रिप्लेस किया गया था, जो 1858 और 1947 के बीच भारत में सर्वोच्च सिविल सेवा बन गई. आईसीएस में अंतिम नियुक्तियां 1942 में की गई थीं. 1947 में अंग्रेजों के जाने के बाद आईसीएस को भारतीय प्रशासनिक सेवा नाम दिया गया. आधुनिक भारतीय प्रशासनिक सेवा भारत के संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 312(2) अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 के तहत बनाई गई थी (IAS History).
सेवा की पुष्टि होने पर, एक आईएएस अधिकारी एक उप-मंडल मजिस्ट्रेट के रूप में प्रोबेशन पीरियड में कार्य करता है. इस प्रोबेशन को पूरा करने के बाद उसकी एक जिले में एक जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर के रूप में एक कार्यकारी प्रशासनिक भूमिका होती है जो कई वर्षों तक चलती है. इस कार्यकाल के बाद, एक अधिकारी को एक संभागीय आयुक्त के रूप में पूरे राज्य के प्रशासनिक प्रभाग के प्रमुख के रूप में पदोन्नत किया जा सकता है. वेतन मैट्रिक्स के उच्च वेतनमान प्राप्त करने पर, आईएएस अधिकारी सरकारी विभागों या मंत्रालयों का नेतृत्व कर सकता है. इन भूमिकाओं में आईएएस अधिकारी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं (IAS Promotion and Progression).
डेपुटेशन पर सेवा देने के दौरान उन्हें विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, एशियाई विकास बैंक, एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक, या संयुक्त राष्ट्र, या इसकी एजेंसियों में नियोजित किया जा सकता है. IAS अधिकारी भारत के चुनाव आयोग द्वारा अनिवार्य रूप से भारत में चुनावों के संचालन में भी शामिल होते हैं (IAS Deputation).
तेलंगाना के एक IAS अधिकारी प्रफुल देसाई पर यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए अपनी विकलांगता सर्टिफिकेट में जालसाजी करने का आरोप लगाया गया है. प्रफुल देसाई पर यह आरोप उनकी एडवेंचर करने से जुड़ी कुछ तस्वीरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लगाई गई हैं. हालांकि देसाई ने स्पष्ट किया कि उनका बायां पैर पोलियो से संक्रमित हो गया था लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे चल या दौड़ सकते हैं.
IAS Yuvraj Marmat: छत्तीसगढ़ में पदस्थ ट्रेनी आईएएस अधिकारी युवराज मरमट पर दिल्ली के राजेंद्र नगर में रहने वाली एक महिला ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है. अब अफसर ने भी राजस्थान के जयपुर जाकर महिला पर ब्लेकमेलिंग करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दर्ज कराई है.
IPS अधिकारी प्रताप गोपेंद्र ने एक वीडियो में UPSC एग्जाम क्रैक करने की कहानी शेयर की. उन्होंने माना कि ग्रेजुएशन करने तक उन्हें अपने भविष्य और करियर को लेकर कोई अंदाजा नहीं था. उन्होंने कई प्रतियोगी एग्जाम दिए, कई बार असफलता मिली. लेकिन, अंतत: पॉजिटिव एटीट्यूड की वजह से वह सफल हो सके.
हरियाणा के गांव से ताल्लुक रखने वाली IPS सिमरन भारद्वाज ने पहले ही प्रयास में UPSC एग्जाम क्रैक किया. सिमरन ने कहा कि उन्होंने सेल्फ स्टडी की और कॉलेज करते हुए एग्जाम की तैयारी की. सिमरन ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और परिजनों को दिया. उन्होंने कहा कि UPSC को केवल परीक्षा के तौर पर देखें.
आईएएस अधिकारी के बारे में लोगों की काफी जिज्ञासाएं होती हैं. घर अंदर से कैसे दिखते हैं, वहां रहने वाले लोगों की जिंदगी कैसे होती है. इन्हीं कुछ दिलचस्प बातों को बयां करते हुए IAS अधिकारी की पत्नी ने कुछ वीडियोज बनाए हैं. इन वीडियोज में उन्होंने IAS के घर से जुड़ी कई दिलचस्प कहानियां भी बताई हैं.
IAS बन चुकी कृति राज ने UPSC इंटरव्यू से जुड़ा एक रोचक किस्सा शेयर किया है. उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि वह इंटरव्यू से पहले 'फिल्मी' हो गई थीं. इंटरव्यू से पहले उन्होंने खुद से कहा, 'ये तीस मिनट तुमसे खुदा भी नहीं छीन सकता'. और कुछ इसी सोच से इंटरव्यू देकर वह UPSC में सफल भी हो गईं.
आईएएस अतहर आमिर खान और डॉ मेहरीन काजी का एक रोमांटिक फोटो चर्चा में हैं. फोटो में कपल नदी के किनारे खड़ा नजर आ रहा है. हाल में इस कपल ने शादी की थी. ये दोनों ही लोग सोशल मीडिया पर भी काफी पॉपुलर हैं. आमिर खान और डॉ मेहरीन काजी की नई फोटो भी वायरल हो गई है.
देश के पूर्वोत्तर राज्यों में तैनात होने वाले ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों को अब से कोई स्पेशल भत्ता नहीं मिलेगा. केन्द्र सरकार ने इस नीति को वापस ले लिया है, यानी अब पूर्वोत्तर राज्यों के कैडर वाले आईएएस-आईपीएस और अन्य अधिकारी किसी स्पेशल भत्ते के हकदार नहीं होंगे.
यूपी पुलिस में एडीजी पद पर तैनात IPS नवनीत सिकेरा ने उधारी देने का अनुभव फेसबुक पर शेयर किया. IPS ने उधार मांगकर वापस करने वाले शख्स की रोचक कहानी बताई. इस पोस्ट पर यूजर्स मजेदार रिएक्शन दे रहे हैं. उनका पोस्ट वायरल हो गया है. पोस्ट पर 3 हजार से ज्यादा यूजर्स कमेंट कर चुके हैं.