इंडिया गेट
इंडिया गेट (India Gate), भारत की राजधानी नई दिल्ली (Delhi) के राजपथ (Rajpath) पर स्थित एक युद्ध स्मारक है. इसे पहले किंग्सवे (Kingsway) कहा जाता था. प्रथम विश्व युद्ध (World War I) में हुए शहीद ब्रिटिश भारतीय सेना के 90,000 सैनिकों के स्मारक के रूप में खड़ा है. इस स्मारक में 13,300 सैनिकों के नाम लिखे हुए हैं (India Gate War Memorial).
इंडिया गेट का निर्माण 1918 में किया गया था (India Gate Built Date), जिसे सर एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था. इंडिया गेट इंपीरियल वॉर ग्रेव्स कमीशन (IWGC) के काम का हिस्सा था (India Gate Designed by Sir Edwin Lutyens).
इंडिया गेट की आधारशिला तब अखिल भारतीय युद्ध स्मारक कहा जाता था. 10 फरवरी 1921 को ब्रिटिश भारतीय सेना, इंपीरियल सर्विस ट्रूप्स के अधिकारियों, कमांडर इन चीफ, और चेम्सफोर्ड, वायसराय द्वारा आयोजित एक समारोह में ड्यूक ऑफ कनॉट द्वारा रखी गई थी (India Gate Foundation Date).
दिसंबर 1971 में बांग्लादेश की मुक्ति के युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में इंडिया गेट के नीचे एक संरचना बनाया गया था, जिसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जनवरी 1972, तेईसवें भारतीय गणतंत्र दिवस पर किया था. यह एक अमर जवान ज्योति के रूप में एक संरचना है जिसमें काले संगमरमर की कुर्सी बनी है, जिसमें उलटी राइफल होती है और युद्ध में इस्तेमाल होने वाले हेलमेट से ढकी होती है. यह चार कलशों से बंधी होती है और प्रत्येक में प्राकृतिक गैस की स्थायी ज्योति निकलती रहती है. यह अमर जवान ज्योति पर हर गणतंत्र दिवस, विजय दिवस पर प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के प्रमुखों द्वारा माल्यार्पण किया जाता है (India Gate, Amar Jawan Jyoti).
इंडिया गेट, भारत के पर्यटक स्थलों में से एक है. इसे देखने दुनिया भर के सैलानी आते हैं (Tourist Place in Delhi).
21 जनवरी 2022 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने घोषणा की कि सुभाष चंद्र बोस की एक प्रतिमा इंडिया गेट पर चंदवा में स्थापित की जाएगी. यह घोषणा स्वतंत्रता सेनानी की 125वीं जयंती से दो दिन पहले की गई. 23 जनवरी 2022 को स्थल पर बोस की 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी 3डी होलोग्राफिक प्रतिमा का उद्घाटन किया गया, जिसे प्राक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर आपदा प्रबंधन में अनुकरणीय कार्य के लिए बोस के नाम से एक पुरस्कार भी स्थापित किया गया है (Atatue of Subhas Chandra Bose at India Gate).
आजाद भारत ने चीन और पाकिस्तान के साथ जंग खुद भी झेली है लेकिन उससे पहले का एक दौर ऐसा भी था जब विश्वयुद्ध की आंच भारत पर, खासकर राजधानी दिल्ली पर आ गई थी. कभी भी दिल्ली विश्व युद्ध में शामिल देशों की जंग का अखाड़ा बन सकती थी और इस माहौल में दिल्ली की सड़कों पर अमेरिकी सैनिकों तक की तैनाती हुई थी. आखिर कैसा था वो दौर और दिल्ली को तबाह करने का मंसूबा पालने वाला दुश्मन था कौन?
नववर्ष के पहले दिन दिल्ली के इंडिया गेट पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों ने ठंड की परवाह किए बिना नए साल का जश्न मनाया. इंडिया गेट के आसपास और कर्तव्यपथ पर भी लोगों की भारी भीड़ देखी गई. इस कारण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई. पुलिस ट्रैफिक को सुचारू रखने का प्रयास कर रही है. परिवार सहित आने वाले लोगों के लिए यह ग्राउंड रिपोर्ट महत्वपूर्ण है. VIDEO
Indian Gate History: पहली बार दिल्ली आने वाले लोगों की इच्छा होती है कि वो इंडिया गेट जरूर देख लें. आपने भी हकीकत या तस्वीर में इंडिया गेट जरूर देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं जहां इंडिया गेट बना है, वहां पहले क्या था?
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान प्रभात (23) के रूप में हुई है, जो दिल्ली के हमदर्द नगर का रहने वाला है. शुरुआती जांच में पता चला है कि प्रभात, आइसक्रीम बेच रहा था, तभी एक शख्स उसके पास आया और आइसक्रीम के रुपए देने पर विवाद हो गया.
दुनियाभर में शनिवार को अर्थ आवर डे मनाया गया. इसकी शुरुआत वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने की थी. इसका उद्देश्य शून्य-कार्बन जीवन शैली और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता पर जोर देना है. इसमें प्रतिष्ठित स्थलों के साथ-साथ लोगों से एक घंटे के लिए घरों की बिजली भी बंद करने की अपील की जाती है.
पूरे उत्तर भारत में आज भी कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक कोहरे की ये स्थिति अगले 2 दिन तक बनी रहेगी. शीतलहर को लेकर अगले 4-5 दिनों के लिए अलर्ट है. ठंड की वजह से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के स्कूलों में कल तक स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है. पंजाब में 21 जनवरी तक प्राइमरी स्कूल बंद रहेंगे.
दिवाली से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. रात एक बजे नई दिल्ली के अशोक विहार इलाके में हवा की गुणवत्ता मामने वाला एक्यूआई लेवल 999 दर्ज किया गया. बाकी इलाकों में भी प्रदूषण से हालात बदतर होते जा रहे हैं.
भारी बारिश के बाद दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान के ऊपर है. दिल्ली के कई इलाकों में जलजमाव हो गया है. सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं. लोगों का कहीं आना-जाना भी मुश्किल हो गया है. वहीं दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में शामिल इंडिया गेट के पास सड़क धंस गई है. देखें वीडियो.
पहलवानों ने दिल्ली के इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला, पहलवान लगातार बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक जाने वाली सड़क को नया नाम 'कर्तव्य पथ' दिया. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत इस पूरे इलाके का कायाकल्प किया गया है. इसी के साथ पीएम मोदी ने इंडिया गेट के पीछे बनी छतरी के नीचे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण भी किया.
देश की संसद तक पहुंचने का एक रास्ता अब तक 'राजपथ' और 'विजय चौक' से होकर गुजरता था, लेकिन अब 'राजपथ' का नाम 'कर्तव्यपथ' हो चुका है. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत इंडिया गेट अब नए रंग-रूप में तैयार है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक जाने वाली तीन किलोमीटर लंबी सड़क के 'कर्तव्यपथ' बनने के साक्षी बने हैं. साथ ही उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण भी कर दिया है.
इतिहास कब कैसे करवट ले, ये किसे पता होता है? लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय जरूर जोड़ने जा रहे हैं. आज शाम 'राजपथ' का नाम 'कर्तव्य पथ' हो जाएगा, साथ ही सेंट्रल विस्टा एवेन्यू की योजना के तहत इंडिया गेट के पास छतरी के नीचे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का भी अनावरण होगा.