महंगाई
मुद्रास्फीति (Inflation) एक अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य वृद्धि है, जिसे आमतौर पर महंगाई कहते हैं (Definition of Inflation). सामान्य मूल्य स्तर के बढ़ने से मुद्रा पहले से कम सामान और सेवाएं खरीदती है, नतीजतन मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी आ जाती है (Causes of Inflations). आमतौर पर कीमतें एक ही दर से नहीं बढ़ती हैं, लिहाजा इसके लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का उपयोग किया जाता है.
आमतौर पर मुद्रा की आपूर्ति में लगातार वृद्धि के कारण उच्च स्तर की मुद्रास्फीति या महंगाई होती है, जिसका अर्थव्यवस्था पर गंभीर विघटनकारी प्रभाव पड़ता है. महंगाई के कम या ज्यादा होने की वजहों को लेकर कई तरह के विचार दिए गए हैं. कम या मध्यम महंगाई को वस्तुओं और सेवाओं की वास्तविक मांग में उतार-चढ़ाव, या उपलब्ध आपूर्ति में परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है (Inflation Related Concepts).
अधिकांश अर्थशास्त्री मुद्रास्फीति की निम्न और स्थिर दर के पक्ष में हैं. कम मुद्रास्फीति श्रम बाजार को मंदी में अधिक तेजी से समायोजित करके आर्थिक मंदी की गंभीरता को कम करती है. महंगाई की दर को कम और स्थिर रखने का कार्य आमतौर पर मौद्रिक अधिकारियों को दिया जाता है. आमतौर पर, ये मॉनेटरी ऑथिरिटी केंद्रीय बैंक होते हैं जो ब्याज दरों को निर्धारित करके मॉनिटरी पॉलिसी को नियंत्रित करते हैं (Controlling Inflation).
Rupee Against Dollar: भारतीय रुपया सोमवार को अपने ऑल टाइम लो-लेवल पर आ गया. इंडियन करेंसी पहली बार डॉलर के मुकाबले 87.29 तक टूट गई. हालांकि, सरकार का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है.
Retail Inflation At 4 Months Low: महंगाई के मोर्चे पर सोमवार को देश की आम जनता के लिए राहत भरी खबर आई है. सरकार ने रिटेल महंगाई (CPI) के आंकड़े शेयर किए हैं और ये दिसंबर 2024 में घटकर 5.22% पर आ गई है.
क्या आप जानते हैं कैसे मापते हैं महंगाई? भारत में महंगाई मापने के दो इंडेक्स हैं. पहला है कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI. और दूसरा है होलसेल प्राइस इंडेक्स यानी WPI.
Lok Sabha Election 2024 के सभी चरणों की वोटिंग खत्म होने के बाद अब देश की जनता पर महंगाई का डबल अटैक हुआ है. एक ओर जहां NHAI ने टोल टैक्स के रेट में बढ़ोतरी की है, तो वहीं दूसरी ओर Amul Milk के दाम में सालभर बाद बढ़ोतरी की गई है.
DA Hike Latest Update : डीए-डीआर में बढ़ोतरी सीपीआई-आईडब्ल्यू (CPI-IW) डेटा के आधार पर करती है, जो कि इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए सीपीआई-आईडब्ल्यू का 12 महीने का औसत 392.83 रहा है. इस हिसाब से 4% डीए हाइक संभव है.
LPG Price From Delhi To Patna : सरकार की ओर से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ताजा कटौती के बाद अब भी बिहार की राजधानी पटना इसकी कीमत 1000 रुपये के पार बनी हुई है. यहां फिलहाल तक 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 1201 रुपये में बिक रहा था, जो अब घटकर 1001 रुपये का हो गया है.
अमेरिका में शटडाउन (America Shutdown) होने का सीधा मतलब है कि वहां पर तमाम तरह के सरकारी काम-काज ठप पड़ जाएंगे. देश के सिविल और डिफेंस सेक्टर से जुड़े करीब 33 लाख कर्मचारियों के सामने सैलरी का संकट पैदा हो जाएगा.
देश में महंगाई पिछले 15 महीने के उच्चतम स्तर पर है. ऐसे में भारत सरकार महंगाई पर लगाम लगाने के लिए रियायती कीमतों पर रूस से गेहूं आयात करने पर विचार कर रही है. 2017 के बाद यह पहली बार होगा जब सरकार राजनयिक माध्यम से गेहूं आयात करेगी.
सब्ज़ियों के बाद अब मसालों की कीमतों में तेज़ी देखने को मिल रही है. जीरा के भाव में पिछले महीने से ही भारी उछाल दर्ज किया जा रहा. अब आशंका जताई जा रही है कि सभी प्रमुख मसालों के भाव तेजी से बढ़ेंगे.
दिल्ली में ऑटो और टैक्सी से सफर करना महंगा हो गया है. सरकार ने ऑटो और टैक्सी का किराया बढ़ा दिया है. नई दरों के मुताबिक, ऑटो का मीटर अब 25 की बजाय 30 रुपये से शुरू होगा. जबकि, टैक्सी में शुरुआती न्यूनतम किराया 40 रुपये देना होगा. जानिए किराया बढ़ने के बाद आपकी जेब पर कितना असर होगा?