scorecardresearch
 
Advertisement

मंहगाई

मंहगाई

मंहगाई

महंगाई

मुद्रास्फीति (Inflation) एक अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य वृद्धि है, जिसे आमतौर पर महंगाई कहते हैं (Definition of Inflation). सामान्य मूल्य स्तर के बढ़ने से मुद्रा पहले से कम सामान और सेवाएं खरीदती है, नतीजतन मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी आ जाती है (Causes of Inflations). आमतौर पर कीमतें एक ही दर से नहीं बढ़ती हैं, लिहाजा इसके लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का उपयोग किया जाता है.

आमतौर पर मुद्रा की आपूर्ति में लगातार वृद्धि के कारण उच्च स्तर की मुद्रास्फीति या महंगाई होती है, जिसका अर्थव्यवस्था पर गंभीर विघटनकारी प्रभाव पड़ता है. महंगाई के कम या ज्यादा होने की वजहों को लेकर कई तरह के विचार दिए गए हैं. कम या मध्यम महंगाई को वस्तुओं और सेवाओं की वास्तविक मांग में उतार-चढ़ाव, या उपलब्ध आपूर्ति में परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है (Inflation Related Concepts). 

अधिकांश अर्थशास्त्री मुद्रास्फीति की निम्न और स्थिर दर के पक्ष में हैं. कम मुद्रास्फीति श्रम बाजार को मंदी में अधिक तेजी से समायोजित करके आर्थिक मंदी की गंभीरता को कम करती है. महंगाई की दर को कम और स्थिर रखने का कार्य आमतौर पर मौद्रिक अधिकारियों को दिया जाता है. आमतौर पर, ये मॉनेटरी ऑथिरिटी केंद्रीय बैंक होते हैं जो ब्याज दरों को निर्धारित करके मॉनिटरी पॉलिसी को नियंत्रित करते हैं (Controlling Inflation).

और पढ़ें

मंहगाई न्यूज़

Advertisement
Advertisement