इंफोसिस
इंफोसिस लिमिटेड (Infosys Limited) एक भारतीय बहुराष्ट्रीय इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी है (Multinational information technology company). यह व्यापार परामर्श, सूचना प्रौद्योगिकी और आउटसोर्सिंग जैसी सेवाएं प्रदान करती है. कंपनी की स्थापना पुणे में हुई थी और इसका मुख्यालय बैंगलोर में है (Founded in Pune and is headquartered in Bangalore). फोर्ब्स ग्लोबल 2000 रैंकिंग के अनुसार 2020 के राजस्व के आंकड़ों के मुताबिक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के बाद इंफोसिस दूसरी सबसे बड़ी भारतीय आईटी कंपनी है (Second-largest Indian IT company after TCS). यह दुनिया की 602वीं सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनी है.
इंफोसिस की स्थापना पुणे, महाराष्ट्र, भारत में सात इंजीनियरों द्वारा 1981 में 250 डॉलर की प्रारंभिक पूंजी के साथ की गई थी (History of Infosys). इसे 2 जुलाई 1981 को इंफोसिस कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के रूप में रजिस्टर किया गया था. 1983 में, इसने अपने कार्यालय को पुणे से बैंगलोर स्थानांतरित कर दिया. कंपनी ने अप्रैल 1992 में अपना नाम इंफोसिस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और जून 1992 में एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनने पर इंफोसिस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में बदल दिया. जून 2011 में इसका नाम बदलकर इंफोसिस लिमिटेड कर दिया गया. 1981 में इसकी स्थापना के बाद से 2014 तक, इंफोसिस के सीईओ इसके प्रमोटर, एन आर नारायण मूर्ति थे (N. R. Narayanmurthy). डॉ विशाल सिक्का इन्फोसिस के पहले नॉन-प्रमोटर सीईओ थे (Infosys first non-promoter CEO). इंफोसिस ने 2 जनवरी 2018 को सलिल पारेख को कंपनी का सीईओ और एमडी नियुक्त किया (Infosys CEO and MD).
इंफोसिस 1999 में नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी (First Indian company to be listed on Nasdaq). उस समय, इंफोसिस नैस्डैक में बाजार पूंजीकरण के हिसाब से 20 सबसे बड़ी कंपनियों में से एक थी. 1999 में इसका वार्षिक राजस्व US$100 मिलियन, 2004 में US$1 बिलियन और 2017 में US$10 बिलियन तक पहुंच गया. 2019 में, इसके राजस्व का 60% उत्तरी अमेरिका, 24% यूरोप, और 3% भारत में परियोजनाओं से प्राप्त हुआ था. शेष 13% राजस्व शेष विश्व से प्राप्त हुआ था (Infosys revenue and profit).
इंफोसिस में 2021 तक कुल 259,619 कर्मचारी थे, जिनमें से 38.6% महिलाएं थीं. इसके कुल कर्मचारियों में से 229,658 सॉफ्टवेयर पेशेवर हैं और शेष 13,796 सपोर्ट और सेल्स के लिए काम करते हैं. 2016 में, इसके 89% कर्मचारी भारत में काम करते थे. जनवरी में अपने Q3FY22 परिणामों में, इंफोसिस ने तीसरी तिमाही के लिए 5,809 करोड़ रुपये के लाभ की घोषणा की और वित्त वर्ष 22 के लिए 55,000 फ्रेशर्स को नियुक्त करने की योजना को सामने रखा (Employees at Infosys).
इंफोसिस वित्त, बीमा, निर्माण और अन्य डोमेन में कंपनियों को सॉफ्टवेयर विकास, रखरखाव और स्वतंत्र सत्यापन सेवाएं प्रदान करता है (Infosys products and services).
भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, मध्य पूर्व और यूरोप सहित, इन्फोसिस के 31 मार्च 2018 तक दुनिया भर में 82 सेल्स और मार्केटिंग कार्यालय और 123 विकास केंद्र हैं (Infosys geographical presence).
Stock Market Fall: शेयर बाजार में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन ग्रीन जोन में कारोबार शुरू हुआ, लेकिन इसकी चाल आज भी हैरान करने वाली रही और कुछ ही मिनटों के कारोबार में ये कभी तेजी, तो कभी गिरावट के साथ लाल निशान पर नजर आया.
Stock Market: शेयर बाजार में बजट पेश होने से एक दिन पहले हरियाली देखने को मिली है. शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती कारोबारी में ही 180 अंक चढ़ गया, तो निफ्टी 23900 के पार निकल गया.
Sensex की टॉप-10 कंपनियों में से छह कंपनियों ने बीते सप्ताह ताबड़तोड़ कमाई की, तो वहीं चार कंपनियों ने निवेशकों को तगड़ा घाटा कराया. इस बीच आईटी दिग्गज इंफोसिस (Infosys) के निवेशकों ने पांच दिन में ही करीब 25,000 करोड़ रुपये छाप डाले.
70 Hour Work Week की अपनी सलाह पर अब इंफोसिस को-फाउंडर ने कहा है कि ये बहस का मुद्दा नहीं है और गलत भी नहीं है, लेकिन ये एक पर्सनल चॉइस हो सकती है, बल्कि किसी पर थोपी नहीं जा सकती.
P. Chidambaram ने इंफोसिस को-फाउंडर नारायणमूर्ति के 70 घंटे काम और एलएंडटी चेयरमैन के हफ्ते में 90 घंटे काम की सलाह का समर्थन किया और इसके पीछे बड़ा तर्क दिया है.
Sensex की टॉप-10 कंपनियों में से छह कंपनियों को बीते सप्ताह तगड़ा घाटा उठाना पड़ा, लेकिन इस बीच चार कंपनियों ने निवेशकों को ताबड़तोड़ कमाई कराई. मुकेश अंबानी की Reliance नंबर-1 पर रही है और पांच दिन में निवेशकों ने करीब 80,000 करोड़ रुपये छाप डाले.
आंकड़ों के मुताबिक, भारत में क्लेरिकल स्टाफ एक हफ्ते में 56 घंटे काम करता है, जबकि सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डॉक्टर, लॉयर जैसे प्रोफेशनल्स सप्ताह में 52 घंटे काम करते हैं. भारत के कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले CEOs, मैनेजर और अन्य फैसले लेने वाले अफसर हफ्ते में 57 घंटे काम करते हैं.
L&T चेयरमैन की सप्ताह में 90 घंटे काम (90Hour Work) की सलाह पर कर्नाटक आईटी कर्मचारी संघ ने कड़ी आलोचना की है और कहा है कि हम आपके फायदे के लिए मरेंगे नहीं.
L&T Chairman एस एन सुब्रह्मण्यन द्वारा कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम करने की सलाह इस समय सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन चुकी है. बता दें कि भारत पहले से ही सबसे लंबे वीकली वर्क ऑवर वाली लिस्ट में शामिल है.
L&T Chairman एस एन सुब्रह्मण्यन सप्ताह में 90 घंटे काम करने की सलाह देकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं. कर्मचारियों को ये सलाह देने के साथ ही उन्होंने कहा था, 'कितनी देर अपनी पत्नी को निहारोगे, घर पर कम और ऑफिस में ज्यादा समय बिताएं.'
L&T के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा में आ गए हैं. इसकी वजह है उनका एक बयान, जिसमें उन्होंने सप्ताह में 90 घंटे काम करने की सलाह अपने कर्चारियों को दी है. इसके साथ ही उन्होंने कुछ ऐसा कहा है, जो वायरल हो रहा है.
L&T चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन हफ्ते में 90 घंटे काम (90 Hours Work Week) की सलाह देकर ट्रोल हुए, तो आनन-फानन में कंपनी की ओर से सफाई भी जारी कर दी गई. उनके बयान की बिजनेस से लेकर फिल्म जगत की हस्तियों तक ने निंदा की.
फेडरल बैंक ने 0.25 फीसदी रेट कट किया है और अभी दो और कटौती का अनुमान लगाया है, जिस कारण बाजार का मूड खराब हो गया और यूएस मार्केट में बड़ी गिरावट आई. अब इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख रहा है.
बीएसई सेंसेक्स के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो SBI को छोड़कर सभी स्टॉक में भारी गिरावट हुई है. सबसे ज्यादा आईटी सेक्टर्स के शेयर टूटे हैं. Infosys 3.50 फीसदी, अडानी पोर्ट 3 फीसदी, बजाज फाइनेंस 2.90 फीसदी, टीसीएस, Reliance Industries, HCL Tech और नेस्ले इंडिया के शेयर 3 फीसदी तक गिरे हैं.
Top-10 Firms Market Value: बीता सप्ताह शेयर बाजार के लिए बेहद खराब साबित हुआ और सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटे. इस बीच SBI-Reliance समेत कई बड़ी कंपनियों को घाटा हुआ, जबकि Infosys-TCS को फायदा हुआ.
आईटी दिग्गज ने डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर और भुगतान डेट के रूप में 8 नवंबर, 2024 तय किया है.
अमेरिकी दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी Cognizant ने इसे लेकर अधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन इंफोसिस ने आरोपों का पुरजोर खंडन किया है. इंफोसिस ने कहा कि हमें मुकदमे के बारे में जानकारी है. हम इन आरोपों से इनकार करते हैं.
भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह कभी जोरदार तेजी, तो अगले ही पल भयंकर गिरावट का दौर रहा. 5 दिन के कारोबार में Sensex की आठ कंपनियों की मार्केट वैल्यू संयुक्त रूप से 1,66,954.07 करोड़ रुपये घट गया.
Infosys पर टैक्स चोरी का ये मामला जुलाई 2017 से 2021-2022 तक का है. आरोप है कि इस अवधि के दौरान कंपनी ने अपनी विदेशी शाखाओं से सेवाएं प्राप्त की लेकिन उन पर 32,403 करोड़ रुपये के टैक्स का भुगतान नहीं किया.
रिपोर्ट के मुताबिक, इंफोसिस पर जीएसटी के तौर पर जुलाई 2017 से 2021-22 तक 32,403.46 करोड़ रुपये का बकाया है. इस खबर के आते ही इंफोसिस के शेयर तेजी से गिर गए. गुरुवार को यह स्टॉक 1.10 प्रतिशत गिरकर 1,847.65 रुपये पर बंद हुआ.
टैक्स चोरी का ये मामला जुलाई 2017 से 2021-2022 तक का है. आरोप है कि इस अवधि के दौरान इंफोसिस ने अपनी विदेशी शाखाओं से सेवाएं प्राप्त की लेकिन उन पर 32,403 करोड़ रुपये के टैक्स का भुगतान नहीं किया. टैक्स डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि इंफोसिस सर्विसेज के प्राप्तकर्ता के रूप में सेवाओं के इपोर्ट पर आईजीएसटी का भुगतान नहीं करने के मामले पर जांच के दायरे में है.