जहांगीरपुरी हिंसा
भारत (India) की राजधानी दिल्ली (Delhi) के जहांगीरपुरी (Jahangirpuri) में हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई, जिसके दौरान अचानक ही शोभायात्रा में शामिल लोगों पर कुछ लोग पत्थर फेंकने लगे और देखते ही देखते मामला काफी बिगड़ गया. पुलिस की माने तो शोभायात्रा में शामिल लोगों के पास तलवार और पिस्तौल थे. दो समुदायों के बीच हुई झड़प में पथराव और आगजनी की घटनाएं तुल पकड़ती गई (Jahangirpuri Violence). स्थिति को काबू करने पहुंची पुलिस पर भी पत्थरों से हमला किया गया जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए (Delhi Police Injured in Jahangirpuri Violence).
इस हिंसा में दिल्ली पुलिस ने लगभग 20 आरोपियों को पकड़ा है. इनके जरिए पुलिस इस साजिश के तह तक पंहुने की कोशिश कर रही है (Accused of Jahangipuri Violence Arrested).
दिल्ली पुलिस के पास करीब सौ सीसीटीवी फुटेज हैं जिसके जरिए हर एक आरोपियों की पहचान की जा रही है. पुलिस के हाथ लगे वीडियो से इस हिंसा के मुख्य आरोपी असलम और अंसार को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने रोहिणी कोर्ट में पेश किया है (Accused Produced by Delhi Police in Rohini Court).
तीन साल पहले यानी 25 फरवरी, 2020 को हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान दिल्ली के बृजपुरी में अशफाक हुसैन और जाकिर की हत्या कर दी गई थी. जिसके लिए आरोपी अशोक, अजय, शुभम और जितेंद्र कुमार के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए थे.
आज पूरे देश में हनुमान जयंती मनाई गई. रामनवमी पर हुई हिंसा के बाद इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि उपद्रवी हनुमान जयंती पर हंगामा कर सकते हैं. गृहमंत्रालय ने इस पर अलर्ट भी जारी किया था. जिसके बाद दिल्ली के जहांगीरपुरी में हाई अलर्ट के बीच हनुमान जयंती मनाई गई. देखें.
दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाले जाने के मद्देनजर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है. जहांगीरपुरी के सी ब्लॉक में दिल्ली पुलिस ने बैरिकेंडिंग कर दी है. कई घरों के बाहर ताले भी लटके मिले हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लोग 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलें.
दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर जुलूस के दौरान जिस इलाके में हिंसा हुई थी, वहां से पुलिस ने इस साल रामनवमी की यात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. पुलिस ने दलील दी है कि एक समूह ने रमजान के दौरान पार्क में नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी थी. इसे भी स्वीकार नहीं किया गया.
बीते दिनों दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके से अरेस्ट किए गए संदिग्ध आतंकी नौशाद और जगजीत सिंह से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस का कहना है कि दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में भी थे. दोनों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है. इन दोनों ने राइट विंग लीडर की हत्या की साजिश रची थी.
पेरू में चुनाव की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ है. हिंसक झड़प में दो युवकों की मौत हो गई है. इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए, जमकर आगजनी की गई. बैरिकेड को आग के हवाले कर दिया. शुक्रवार से ये बवाल जारी है. देखें पूरी खबर.
जमानत पर बाहर आते ही अंसार और जाकिर इलाके में जुलूस निकालकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे. इसकी सूचना पर दो अन्य साथियों के साथ पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. साथ ही क्राइम ब्रांच को भी इनकी गिरफ्तारी की जानकारी साझा की. गौरतलब है कि रामनवमी में जुलूस के दौरान भड़की हिंसा के मास्टरमाइंड में से एक अंसार को अदालत ने जमानत दी थी.
अब दंगाइयों और पत्थरबाजों की खैर नहीं है. हिंसक भीड़ पर सामने से आंसू गैस छोड़ने में कई बार सुरक्षाकर्मी घायल हो जाते थे. इससे बचने के लिए BSF ने ड्रोन से आंसू गैस के गोले छोड़ने की तकनीक विकसित की है. इस ड्रोन को भीड़ के ऊपर ले जाकर वहां से छह गोले छोड़े जा सकते हैं.
जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के दौरान हुई हिंसा के मामले में रोहिणी कोर्ट ने सभी संबंधित मुकदमे सत्र न्यायालय में ट्रांसफर कर दिए हैं. अब इस मामले पर सेशंस कोर्ट 17 अगस्त को अगली सुनवाई करेगा. शनिवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान गिरफ्तार सभी 37 आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए थे.
दिल्ली पुलिस ने रोहिणी कोर्ट में 37 आरोपियों के खिलाफ 2063 पेज की चार्जशीट फाइल की है. इसमें दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बताया कि हिंसा भड़काने के लिए वाट्सएप का इस्तेमाल किया गया था.
दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा के मामले में 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दिया है. दिल्ली पुलिस की ओर से दायर चार्जशीट में जहांगीरपुरी हिंसा को शाहीन बाग आंदोलन से जुड़ा बताया गया है.
जहांगीरपुरी में अवैध कब्जों पर आज सुबह से ही दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का बुलडोजर चल रहा है. ये कार्रवाई तब भी जारी रही जब सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश भी दे दिए.
उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने जहांगीरपुरी हिंसा के आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने का ऐलान किया है. निगम के इस फैसले के बाद सुबह से ही जहांगीरपुरी में हलचल भरा माहौल है. लोग अपना सामान हटा रहे हैं. वहीं, सुरक्षाबलों ने फ्लैगमार्च भी किया.
दिल्ली के जहांगीरपुरी हिंसा का मुख्य आरोपी अंसार को माना गया है. आजतक की टीम पश्चिम बंगाल के हल्दिया में अंसार के गांव पहुंची. अंसार की छवि अपने गांव में 'रॉबिनहुड' की है और उसे गांव के लोग 'दानवीर' कहते हैं.