पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में 17 जून 2024 को कंचनजंगा एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकरा गई. हादसे में 25 लोग के घायल हो गए और 8 लोगों की मौत हो गई है. एक एक्सप्रेस ट्रेन और मालगाड़ी के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई. कंचनजंघा एक्सप्रेस असम के सिलचर से कोलकाता के सियालदह जा रही थी, तभी न्यू जलपाईगुड़ी के पास रंगापानी स्टेशन के पास एक मालगाड़ी ने पीछे से उसे टक्कर मार दी (Jalpaiguri Train Accident).
रेलवे द्वारा शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, इंजन में समस्या के वास्तविक कारण की अभी जांच की जा रही है. अधिकारियों द्वारा स्थिति का आकलन करने के लिए ट्रेन को सबीरा रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया गया था. वहीं कुछ सूत्रों ने दावा किया कि मोटर और बैटरी दोनों इंजन से अलग हो गए होंगे, जिससे व्यवधान हुआ.
कंचनजंगा एक्सप्रेस रेल हादसे की शुरुआती जांच में न्यू जलपाईगुड़ी रेल डिवीजन की ट्रेन ऑपरेटिंग टीम की लापरवाही और मालगाड़ी चालक दल की बड़ी चूक सामने आई है. हादसे की जांच कर रही छह सदस्यीय टीम के पांच सदस्यों ने माना है कि सिग्नल की अनदेखी करने साथ-साथ गति प्रतिबंध का उल्लंघन करने के मालगाड़ी के लोको पायलट को दोषी ठहराया है.
न्यू जलपाईगुड़ी के पास हादसे का शिकार हुई कंचनजंगा एक्सप्रेस से जुड़े मामले में बड़े राज खुल सकते हैं. दरअसल, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए मालगाड़ी के असिस्टेंड ड्राइवर से पूछताछ करने की तैयारी चल रही है.
मानवीय भूल, सिग्नल की अवहेलना, ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम खराब होना- मालगाड़ी के कंचनजंगा एक्सप्रेस से टकराने से पहले क्या हुआ था? जानिए इस रिपोर्ट में...
बंगाल रेल हादसे में कंचनजंगा एक्सप्रेस के गार्ड आशीष डे की सोमवार को मौत हो गई. अब जानकारी आ रही है कि गार्ड ने फादर्स डे के मौके पर अपनी बेटी के साथ वक्त बिताने के लिए अपना ड्यूटी रोस्टर चेंज कराया था और अगले दिन सिलीगुड़ी स्टेशन ड्यूटी ज्वाइन की थी. लेकिन ड्यूटी ज्वाइन करने के कुछ वक्त बाद ही कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई है.
बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में हुए ट्रेन हादसे को लेकर ट्रेन के एक यात्री ने शिकायत दर्ज कराई है. इसके बाद न्यू जलपाईगुड़ी GRPS ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सोमवार को रेल हादसा हुआ. इसमें घायलों और रेल यात्रियों की मदद करने वाले स्थानीय लोगों को राज्य सरकार ने तोहफा देने का ऐलान किया है.
2004 से 2014 के बीच हर साल औसतन 171 रेल हादसे होते थे. जबकि 2014 से 2023 के बीच सालाना औसतन 71 रेल हादसे हुए. यूपीए सरकार के 10 साल में 1,711 रेल हादसे हुए थे. जबकि, मोदी सरकार में 2014 से मार्च 2023 के बीच 638 हादसे हुए.
बंगाल में हुए ट्रेन हादसे के बाद से देश में जगह-जगह से नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इस बीच ट्रेन हादसे पर कांग्रेस अध्यक्ष के जवाब मांगने पर BJP नेता अमित मालवीय ने मल्लिकार्जुन खड़गे के रेल मंत्री रहते हुए हादसों की रिपोर्ट पेश कर पलटवार किया.
न्यू जलपाईगुड़ी ट्रेन हादसा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस ट्रेन हादसे की जांच आज से शुरू हो गई है. इस बीच आजतक को वो महत्वपूर्ण दस्तावेज मिला है जो हादसे में हुई चूक पर बड़ा खुलासा कर रहे हैं. आजतक के पास वो पेपरलाइन परमिट है जो मालगाड़ी के ड्राइवर को दी गई थी.
पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में हुए रेल हादसे पर अब राजनीति तेज हो गई है. विपक्ष एक तरफ जहां रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफा मांग रहे हैं, तो वहीं रेल मंत्रालय भी ये बता रहा है कि यूपीए राज में हुए रेल हादसों को कांग्रेस न भूले. देखिए VIDEO
पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया. यहां एक मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को टक्कर मार दी. इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो गई है. ऐसे में जानते हैं कि भारत में ट्रेन हादसों पर आंकड़े क्या कहते हैं?
न्यू जलपाईगुड़ी में सोमवार सुबह हुए रेल हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. हादसा तब हुआ था, जब अगरतला से सियालदाह जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस को मालगाड़ी ने टक्कर मार दी थी. ऐसे में समझते हैं कि ये पूरा हादसा कैसे हुआ?
पश्चिम बंगाल में जिस जगह पर रेल हादसा हुआ था, वहां 20 घंटे से ज्यादा समय तक मरम्मत कार्य चला. उसके बाद ट्रेन का परिचालन सामान्य हो गया है. साइट पर अप और डाउन दोनों लाइनें चालू हो गई हैं. दुर्घटनास्थल को साफ कर दिया गया है. सोमवार सुबह कंचनजंगा एक्सप्रेस को एक मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी थी.
West Bengal Train Accident: पश्चिम बंगाल ट्रेन हादसे के बाद अब इस बात की जांच चल रही है कि आखिर इस पूरे मामले में गलती किसकी है? कुछ थ्योरी में ड्राइवर की गलती मानी जा रही है.
पश्चिम बंगाल में सोमवार सुबह उस वक्त एक बड़ा रेल हादसा हो गया जब रानीपतरा रेलवे स्टेशन और छत्तरहाट जंक्शन के बीच कंचनजंगा एक्सप्रेस को एक मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी. हादसे के वक्त वहां मौजूद चश्मदीद लोगों ने क्या बताया? जानिए
पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में कंचनजंगा एक्सप्रेस और मालगाड़ी की टक्कर से भयानक हादसा हुआ. इंजन और बोगी के परखच्चे उड़ गए. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मौके पर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की. रेलवे सूत्रों के अनुसार, सिग्नल सिस्टम की खराबी और ड्राइवर की लापरवाही हादसे की वजह हो सकती है. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के पास हुए रेल हादसे को अब चौबीस घंटे बीत चुके हैं. हादसे से चौबीस घंटे बाद भी कंचनजंगा एक्सप्रेस और मालगाड़ी की दुर्घटनाग्रस्त बोगी को हटाने का काम जारी है. हालांकि ट्रैक को साफ कर दिया गया है. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आखिर ये हादसा कैसे हुआ? देखें 'आज सुबह'.
त्रिपुरा के अगरतला से सियालदाह जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस को एक मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी. ये घटना सोमवार सुबह 8.55 बजे हुई थी. इस घटना में कुल नौ लोगों की मौत हुई है, जिसमें तीन रेलवे कर्मचारी जबकि पांच यात्री हैं.
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के पास हुए रेल हादसे को अब 24 घंटे बीत चुके हैं. हादसे से 24 घंटे बाद भी कंचनजंगा एक्सप्रेस और मालगाड़ी की दुर्घटनाग्रस्त बोगी को हटाने का काम जारी है. हालांकि ट्रैक को साफ कर दिया गया है. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आखिर ये हादसा कैसे हुआ? देखें '9 बज गए'.
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में कंचनजंगा एक्सप्रेस को मालगाड़ी ने टक्कर मार दी. हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 36 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. रेलवे बोर्ड की चेयरमैन का दावा है कि मालगाड़ी के ड्राइवर ने सिग्नल को तोड़ा, जिससे ये हादसा हुआ. देखें गुजरात आजतक.