जेएफ-17 थंडर पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (CAC) ने संयुक्त रूप से निर्माण किया है. यह एक हल्का, सिंगल इंजन, मल्टीपर्पस फाइटर जेट है. इसे पाकिस्तान वायुसेना (PAF) में थर्ड जेनरेशन के A-5C, F-7P/PG, मिराज III और मिराज फाइटर जेट के स्थान पर फोर्थ जेनरेशन के रूप में डिजाइन और विकसित किया गया था.
पाकिस्तान ने साल 2024 में JF-17 Thunder में परमाणु क्रूज मिसाइल Ra'ad को तैनात किया. जिसे वो हत्फ-8 बुलाता है. यह मिसाइल लगाने के बाद पाकिस्तान लंबी दूरी तक परमाणु हमला करने में सक्षम हो गया है. जेएफ-17 का इस्तेमाल कई भूमिकाओं के लिए किया जा सकता है (JF-17 Thunder Fighter Jet Pakistan).
114 बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों को शामिल करने की योजना से वायु सेना को स्वदेशी लड़ाकू विमानों के साथ-साथ अगले 10 वर्षों तक अपनी स्क्वाड्रन पॉवर को बनाए रखने में मदद मिलेगी.
पाकिस्तान और बांग्लादेश अपनी सेना को ताकतवर बनाने के लिए चीन से फाइटर जेट खरीद रहे हैं. बांग्लादेश भी पाकिस्तान के रास्ते पर चल रहा है. लेकिन सवाल ये है कि क्या ये दोनों देश मिलकर भी भारत के बराबर की ताकत हासिल कर पाएंगे. आइए जानते हैं भारत के सामने इन देशों का दम...
ताइवान पर चीन का संकट मंडरा रहा है. ताइवान को घेरने के लिए चीनी सेना का ऑपरेशन ज्वाइंट स्वॉर्ड 2024बी शुरू हो चुका है. ताइवानी सेना पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार है. इतना ही नहीं ताइवान में वॉर अलर्ट घोषित हो गया है. यानी किसी भी समय जंग हो सकती है. ताइवानी के सपोर्ट में अमेरिका भी है.
चीन तेजी से अपनी वायुसेना को खतरनाक और खूंखार बना रहा है. हर साल 240 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बनाए जा रहे हैं. इसमें 100 J-20 माइटी ड्रैगन, 40 J-10C विगोरस ड्रैगन, 100 से ज्यादा J-16 हिडेन ड्रैगन शामिल हैं. J-11 और J-15 की तो संख्या ही पता नहीं. तीन तो बेहद खतरनाक युद्धक विमान बन रहे हैं... FC-31 Gyrfalcon, J-XD सिक्स्थ जेनरेशन फाइटर और H-20 बॉम्बर. क्या भारतीय वायुसेना इन्हें टक्कर दे पाएगी?
Pakistan ने अपने नए फाइटर जेट JF-17 Thunder में परमाणु क्रूज मिसाइल Ra'ad को तैनात कर दिया है. जिसे वो हत्फ-8 बुलाता है. यह मिसाइल लगाने के बाद पाकिस्तान लंबी दूरी तक परमाणु हमला करने में सक्षम हो गया है. यानी इससे भारत को भी खतरा हो सकता है. लेकिन कैसे और कितना, जानिए...