झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 राज्य विधानसभा के सभी 81 सदस्यों का चुनाव करने के लिए नवंबर में चुनाव संपन्न कराया गया. चुनाव 2024 में झारखंड विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए गए. पहला चरण 13 नवंबर और दूसरा चरण 20 नवंबर को हुआ. मतों की गिनती 23 नवंबर को हुई. इस चुनाव में भी जेएमएम ने बाजी मार ली. झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को समाप्त होने वाला है. पिछला विधानसभा चुनाव दिसंबर 2019 में हुआ था (Jharkhand Assembly Election 2024).
योगी आदित्यनाथ के दिल्ली में दस्तक देने के पहले से ही 'बंटेंगे तो कटेंगे' का नारा गूंजने लगा है. देखना है योगी आदित्यनाथ का अगला कैंपेन बीजेपी के लिए हरियाणा-महाराष्ट्र जैसे रिजल्ट लाता है, या झारखंड की तरह फिर से हार का मुंह देखना पड़ता है.
कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से संबंधित केवल आंशिक व्यय रिपोर्ट दी है. इसने महाराष्ट्र पार्टी प्रमुख नाना पटोले को प्रचार और प्रचार के लिए केवल 40 लाख रुपये दिए. कांग्रेस ने चुनाव आयोग को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में झारखंड विधानसभा चुनाव पर हुए खर्च का कोई ब्योरा नहीं दिया है.
कैबिनेट में हर वर्ग को शामिल करने का आश्वासन देते हुए जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हम बहुत ही सौहार्दपूर्ण तरीके से कैबिनेट का गठन करेंगे. हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिलेगा. इसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों को शामिल किया जाएगा.
महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए जिम्मेदार नेताओं पर गाज गिरने वाली है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऐसा बोला है, और राहुल गांधी ने उस पर मुहर लगाई है - लेकिन बड़ा सवाल ये है कि हार के लिए असली जिम्मेदार कौन है?
महाराष्ट्र में बीजेपी की टीम ने जबरदस्त कमबैक किया है. झारखंड में 'हेमंत सोरेन Returns' और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने अपना जलवा कायम रखा है. हरियाणा की तरह महाराष्ट्र में भी बीजेपी ने कमाल कर दिया. महाराष्ट्र की जनता ने एक नया 80-20 का फॉर्मुला दिया है.
झारखंड में हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद पर फिर से शपथ ली, बड़ी जीत के साथ वापसी की है. उनकी सरकार में कैबिनेट विस्तार की तैयारी चल रही है, जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श हो रहा है. 9 दिसंबर से पहले मंत्रियों की घोषणा की उम्मीद है.
झामुमो के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में 56 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 24 सीटें मिलीं. इंडिया ब्लॉक में शामिल पार्टियों में अकेले झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 34 सीटें, जबकि कांग्रेस ने 16 सीटें जीतीं. राजद ने 4 और सीपीआई-एमएल ने 2 सीटों पर जीत हासिल की.
हेमंत सोरेन ने आज चौथी बार झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. उनका शपथग्रहण समारोह रांची के मोरहाबादी मैदान में हुआ. इस कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं की उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन और भी खास हो गया. हेमंत सोरेन की सरकार का आज से आगाज हो गया है. देखें...
Hemant Soren Net Worth: हेमंत सोरेन ने एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. Jharkhand CM के पास करोड़ों की संपत्ति हैं, जबकि उनके ऊपर देनदारी भी भारी-भरकम है.
झारखंड में आज से हेमंत सोरेन सरकार का आगाज हो गया है. हेमंत सोरेन रांची के मोरहाबादी मैदान में चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. कार्यक्रम में इंडिया ब्लॉक के प्रमुख नेता भी मौजूद रहे.
हेमंत सोरेन एक बार फिर झारकंड की कमान संभालने जा रहे हैं. आज रांची में उनका शपथ ग्रहण समारोह है. इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, ममता बनर्जी और शरद पवार सहित कई दिग्गज शामिल होने जा रहे हैं.
बीजेपी ने अपने 8 सांसदों और AJSU के एक सांसद को विधानसभा चुनाव में अपने क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने पर फोकस करने का टास्क दिया था. टिकट वितरण के दौरान पार्टी नेतृत्व ने उनसे भी राय मांगी थी. स्टार प्रचारकों की सूची में भी सांसदों को शामिल किया गया. लेकिन, जब चुनाव नतीजे आये तो तीन को छोड़कर बाकी सभी का प्रदर्शन निराशाजनक था.
झारखंड में इंडिया ब्लॉक की जीत के बाद हेमंत सोरेन ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था. हेमंत सरकार में कांग्रेस चार मंत्री पद की डिमांड कर रही है. कांग्रेस की इस डिमांड के आधार क्या हैं और यह कितना प्रैक्टिकल है?
झारखंड में प्रचंड जीत के बाद हेमंत सोरेन के भव्य शपथग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. बतयाा जा रहा है कि उनके शपथग्रहण समारोह में इंडिया ब्लॉक के कई दिग्गज नेता शामिल हो सकते हैं.
बीजेपी का अगला टार्गेट दिल्ली विधानसभा के चुनाव हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा में मिली कामयाबी से बीजेपी नेताओं का जोश हाई है, लेकिन झारखंड की हार से मन में एक टीस तो होगी ही - बड़ सवाल है, क्या बीजेपी का हालिया प्रदर्शन अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी जारी रह सकेगा?
झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक को बड़ी जीत मिली है. आदिवासी बाहुल्य राज्य में चुनाव जीतकर भी कांग्रेस का जम्मू कश्मीर वाला हाल हो गया है. जानिए क्यों?
महाराष्ट्र और झारखंड के चुनाव के नतीजे आने के बाद अब दोनों ही राज्यों में चुनावी वादे पूरा करना बड़ी चुनौती साबित होने वाली है. एनालिस्ट ने कहा है कि इससे दोनों ही राज्यों की फाइनेंशियल हेल्थ पर असर पड़ सकता है.
महाराष्ट्र और झारखंड में सत्तारूढ़ सरकारों की ही वापसी हो गई है. दोनों ही राज्यों में सरकार की वापसी के लिए महिलाओं को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है. दोनों ही राज्यों में महिलाओं के लिए योजनाएं चलाई जाती हैं, जिसका चुनावी फायदा उन्हें मिला.
Hemant Soren Swearing-in Ceremony: ममता बनर्जी ने झारखंड की नई सरकार के शपथ ग्रहण में आने का न्योता स्वीकार कर लिया है. इंडिया ब्लॉक ने बंगाल की सीएम के लिए ही शपथ ग्रहण समारोह का समय 28 नवंबर को दूसरे हाफ में रखा है. क्योंकि ममता बनर्जी ने पहले राज्य विधानसभा और अन्य बैठकों में अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए समारोह में शामिल होने में अपनी असमर्थता जताई थी.
झारखंड में चंपाई सोरेन के कंधे पर रखकर चलाई गई बीजेपी की बंदूक मिसफायर हो गई है. ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है. बिहार से लेकर बंगाल तक नतीजे एक जैसे देखने को मिले हैं. आगे देखना है कैलाश गहलोत दिल्ली में कोई करिश्मा दिखा पाते हैं क्या?
झारखंड चुनाव नतीजों में इंडिया ब्लॉक की जीत के बाद जयराम महतो फैक्टर भी चर्चा में है. जयराम महतो की पार्टी की मौजूदगी ने कई सीटों पर एनडीए की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया. कुर्मी वोटबैंक की लड़ाई में जयराम, सुदेश महतो पर भारी पड़े और कई सीटों पर जेएलकेएम को जीत-हार के अंतर से अधिक वोट मिले.