जॉनसन एंड जॉनसन कोविड-19 वैक्सीन
जॉनसन एंड जॉनसन COVID-19 वैक्सीन (Johnson & Johnson COVID-19 vaccine) या जानसेन COVID-19 वैक्सीन (Janssen COVID-19 vaccine) को लीडेन, नीदरलैंड्स में जैनसेन वैक्सीन और बेल्जियम स्थित मूल कंपनी जानसेन फार्मास्युटिकल्स ने विकसित किया था, जो अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन की एक सहायक कंपनी है. यह एक मानव एडीनोवायरस पर आधारित एक वायरल वेक्टर वैक्सीन है. इस टीके के लिए केवल एक खुराक की आवश्यकता होती है (Single dose vaccine). इस टीके को इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन द्वारा लगाया जाता है.
वैक्सीन के लिए क्लिनिकल परीक्षण जून 2020 में शुरू किया गया था, जिसमें तीसरे चरण में लगभग 43,000 लोग शामिल थे. टीका लगाने के 28 दिनों के बाद, गंभीर COVID-19 को रोकने में यह 85% प्रभावी बताई गई है. सिम्पटोमैटिक COVID-19 के खिलाफ यह टीका 66% प्रभावी है (Efficacy).
अठारह वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में COVID-19 से सुरक्षा प्रदान करने के लिए Janssen COVID 19 वैक्सीन का उपयोग किया जाता है.
जैनसेन के मुताबिक 2 महीने बाद दी जाने वाली बूस्टर डोज सिम्पटोमैटिक कोविड-19 के खिलाफ इसके प्रभाव वैश्विक स्तर पर 75% और अमेरिका में 94% तक बढ़ा देती है (Booster dose improves efficacy).
इसे 9 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच बारह घंटे तक स्टोर किया जा सकता है और रेफ्रिजरेटर में महीनों तक रखा जा सकता है (Storage temperature).
इस टीके का सबसे आम दुष्प्रभाव इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में दर्द और मतली है. कुछ लोगों में खांसी, जोड़ों का दर्द, बुखार, ठंड लगना, लाल होना और इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन जैसे साइड इफेक्ट्स भी दर्ज किए गए हैं (Side effects).
WHO ने चेतावनी दी है कि COVID-19 महामारी दुनिया से कभी खत्म नहीं होगी. यह एक ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी बनी रहेगी. यह चेतावनी एक्सपर्ट्स के अध्ययन के बाद दी गई है. साथ ही यह भी कहा गया है कि हम एक ट्रांजिशन प्वाइंट पर हैं. इससे बचने के लिए और तैयारियों की जरुरत है. वो करनी ही पड़ेंगी.
सस्ती कीमत पर दवाओं (Medicine) का उत्पादन करने की वजह से भारत को दुनिया के दवाखाने के तौर पर पहचाना जाता है. खास बात है कि भारत से दवाएं केवल अफ्रीका के गरीब देशों को ही निर्यात नहीं की जाती हैं बल्कि अमेरिका (America) और यूरोप के संपन्न देशों में भी भारत से दवाओं का एक्सपोर्ट होता है.
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