बृहस्पति
बृहस्पति (Jupiter) सूर्य से पांचवां और सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है. यह एक गैस विशाल है जिसका द्रव्यमान (Mass) सौर मंडल के अन्य सभी ग्रहों के संयुक्त द्रव्यमान के ढाई गुना से अधिक है, लेकिन सूर्य के द्रव्यमान के एक हजारवें हिस्से से थोड़ा कम है. चंद्रमा और शुक्र के बाद बृहस्पति पृथ्वी के रात्रि आकाश में तीसरा सबसे चमकीला प्राकृतिक पिंड है (Brightest Natural Object). लोग इसे प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Times) से देख रहे हैं.
बृहस्पति मुख्य रूप से हाइड्रोजन (Hydrogen) से बना है, लेकिन हीलियम (Helium) एक-चौथाई और इसकी मात्रा का दसवां हिस्सा है. इसमें भारी तत्वों का एक चट्टानी कोर होने की संभावना है, लेकिन, अन्य विशाल ग्रहों की तरह, बृहस्पति में ठोस सतह नहीं है. इसके अंदर के भाग में सूर्य से प्राप्त ऊष्मा से अधिक गर्मी उत्पन्न करता है. अपने फास्ट रोटेशन के कारण, ग्रह का आकार एक चपटा गोलाकार है. बाहरी वातावरण अलग-अलग अक्षांशों पर कई बैंडों में अलग-अलग दिखाई देता है, जिसमें उनकी सीमाओं के साथ एक शोर और तूफान उत्पन्न होता है. इस तूफान के कारण उस ग्रह पर ग्रेट रेड स्पॉट है (Great Red Spot on Jupiter).
28 फरवरी 2025 की शाम को एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने वाली है. उस दिन सौर मंडल के सभी सात ग्रह - शनि, बुध, नेपच्यून, शुक्र, यूरेनस, बृहस्पति और मंगल - एक साथ आकाश में दिखाई देंगे. यह एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जिसे महान ग्रहीय संरेखण (Great Planetary Alignment) कहा जाता है.
दशकों से ये माना जा रहा था कि बृहस्पति ग्रह के बर्फीले चांद यूरोपा की बर्फ की मोटी चादरों के नीचे जीवन होगा. लेकिन ये परत इतनी मोटी है कि जीवन की उम्मीद भी बेकार हो चुकी है. बर्फ इस मोटी परत के नीचे नमकीन पानी का समंदर है. लेकिन हाल ही में आइस शीट की चौड़ाई के खुलासे के बाद वैज्ञानिक हैरान हैं.
बृहस्पति ग्रह पर एक नया तूफान आया है. हमारी पृथ्वी से कई गुना चौड़ा तूफान. इस तूफान से हरे रंग की रोशनी निकल रही है. गैस से भरे इस ग्रह पर नया तूफान देखकर वैज्ञानिक हैरान हैं. असल हैरानी हरे रंग की रोशनी देखकर है. वहां हरे रंग की बिजली कड़क रही है.
NASA ने Europa Clipper नाम का स्पेसक्राफ्ट बृहस्पति ग्रह के चंद्रमा यूरोपा की तरफ भेज दिया है. 290 करोड़ km की यात्रा पूरी करने में इस यान को करीब 6 साल लगेंगे. यानी यह 2030 में यूरोपा तक पहुंचेगा. वहां यूरोपा की सतह के नीचे मौजूद समंदर में जीवन की खोज करेगा.
Jupiter के बर्फीले चंद्रमा Eruopa के समुद्र में कार्बन मिला है. जिसे लेकर वैज्ञानिक बहुत खुश है. अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि यूरोपा पर एलियन जीवन मिल सकता है. क्योंकि जहां कार्बन होता है, वहां पर जीवन होने की संभावना बढ़ जाती है.
क्या कोई तूफान इतना बड़ा हो सकता है कि उसे पार करने में 100 साल लग जाएं. पूरे ग्रह पर उसका घेरा हो. शनि ग्रह पर ऐसा ही एक 'महातूफान' आया हुआ है. इस तूफान से रेडियो सिग्नल भी पैदा रहे हैं. जिसका रहस्य वैज्ञानिक खोज नहीं पा रहे. आइए समझते हैं ये पहेली...
इंसान, देश और उनकी स्पेस एजेंसी चांद पर जा रही हैं. लेकिन सौर मंडल में ऐसे कितने ग्रह हैं, जहां पर इंसान या उसका बनाया कोई सामान पहुंच चुका है. वो रोबोट हो. लैंडर हो. ऑर्बिटर हो या इम्पैक्टर. आइए जानते हैं कि ऐसे कौन-कौन से ग्रह और चंद्रमा हैं, जहां पर इंसानों की पहुंच है... और कैसे?
शनि फिर से सबसे ज्यादा चंद्रमा वाला ग्रह बन चुका है. इस साल फरवरी में उसका ये सम्मान बृहस्पति ग्रह ने छीन लिया था. लेकिन 62 नए चांद मिलने के बाद शनि के चंद्रमाओं की संख्या अब 145 हो गई है. जबकि, बृहस्पति के पास सिर्फ 95 चंद्रमा हैं. यह घोषणा इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन ने हाल ही में की है.
वैज्ञानिकों ने नई Alien दुनिया खोज निकाली है. इसका तारा हमारे सूरज से आकार में दोगुना बड़ा है. हैरानी की बात ये है कि ये एलियन ग्रह हमारी आकाशगंगा में ही है. इसे खोजा है उस स्पेसक्राफ्ट ने जो हमारी आकाशगंगा में ऐसी ही अलग दुनिया की खोज में लगा है. एलियन दुनिया का नाम है HIP-99770b.
यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने 13 अप्रैल 2023 की शाम करीब 5:45 बजे JUICE मिशन को लॉन्च करना था. लेकिन आकाशीय बिजली और खराब मौसम की वजह से इसे टाल दिया गया. यह मिशन बृहस्पति के चंद्रमाओं पर जीवन खोजने के लिए भेजा गया है. जिन तीन चंद्रमाओं का JUICE स्टडी करेगा, उनपर बर्फीला समंदर है.
13 अप्रैल 2023. यूरोपियन स्पेस एजेंसी 14,270 करोड़ रुपए की लागत वाले JUICE मिशन को बृहस्पति के चंद्रमाओं पर जीवन खोजने के लिए भेज रही हैं. क्योंकि जिन तीन चंद्रमाओं की यह स्टडी करेगा, उन सभी पर जमा हुआ समंदर है. यानी बर्फीला समंदर. क्या पता आठ साल की स्टडी के लिए जा रहा यान कुछ नया खोज निकाले.
अंतरिक्ष विज्ञानियों को बृहस्पति के आकार का ग्रह मिला है. लेकिन यह किसी तोप के गोले की तरह गर्म है. जिसकी डेनसिटी यानी घनत्व वैज्ञानिकों को हैरान कर रही है. क्योंकि बृहस्पति के आकार का होने के बावजूद इसका वजन 13 गुना ज्यादा है.
अगर आपके परिवार में बार-बार परेशानी आ रही है तो ज्योतिषी पंडित प्रवीण मिश्र का ये उपाय आप ही के लिए है. हर गुरुवार के दिन व्रत रखें, भगवान बृहस्पति का पूजन करें. दोपहर के समय पीली खिचड़ी का भोग. भगवान विष्णु का लगाकर गरीबों को प्रसाद बांटें. ज्यादा जानकारी के लिए देखें ये वीडियो.
सौर मंडल में सबसे ज्यादा चांद का रिकॉर्ड अब शनि ग्रह के पास नहीं बचा है. अब बृहस्पति ग्रह के पास सबसे ज्यादा चांद हैं. वैज्ञानिकों ने बृहस्पति ग्रह के 12 नए चांद खोजे हैं. जिसके बाद उसने सबसे ज्यादा चांद रखने वाले शनि ग्रह से उसकी बादशाहत छीन ली है. आइए जानते हैं कि किसके पास कितने चांद हैं.
पृथ्वी से बृहस्पति ग्रह के दो चांद- यूरोपा (Europa) और गेनीमेड (Ganymede) की अभी तक की सबसे साफ तस्वीरें ली गई हैं. इन तस्वीरों में चंद्रमा की सतह की डीटेल्स साफ देखी जा सकती हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये तस्वीरें वेरी लार्ज टेलीस्कोप (VLT) से ली गई नई तस्वीरें भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों को मजबूती देंगी.
सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (Jupiter) धरती के नजदीक आ रहा है. सिर्फ पांच दिन बाद यह घटना होगी. NASA ने कहा कि ऐसा 59 वर्षों में पहली बार हो रहा है. इसलिए यह नज़ारा बेहद खास होने वाला है. आइए जानते हैं कि इस घटना का क्या मतलब है?
बृहस्पति ग्रह की अब तक ऐसी तस्वीर नहीं ली गई थी. जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप द्वारा ली गई इस तस्वीर को देख कर ज्यूपिटर को सौर मंडल का राजा कहा जा सकता है. इस तस्वीर में जितनी बारीक चीजें दिखाई पड़ी हैं, वो अब तक किसी भी स्पेसक्राफ्ट या टेलिस्कोप से नहीं दिखी थीं.
अक्सर दिमाग में सवाल आता है कि क्या दूसरे ग्रहों पर भी इंसान वैसे ही रह सकता है जैसे पृथ्वी पर रहता है? आज जानते हैं कि इंसान अगर सौर मंडल के सभी ग्रहों पर जाए, तो वह कितनी देर तक वहां रह सकता है.
आसमान में बहुत जल्द एक दुर्लभ नजारा देखने को मिलने वाला है. शनि, शुक्र, मंगल और बृहस्पति ग्रह एक लाइन में आपके सामने खड़े होंगे. आपके पास मौका है सौर मंडल के इन प्रमुख ग्रहों को अपने आंगन या छत से बिना किसी यंत्र के खुली आंखों से देखने का...