नई दिल्ली के कंझावला (Kanjhawala Case) में 1 जनवरी की अहले सुबह लगभग 2 बज के 45 मिनट पर 20 वर्षीय एक महिला की स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी और उसके शरीर को लगभग 12 किलोमीटर तक घसीटता चला गया. पुलिस ने कार में सवार पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (Sanjay Gandhi Memorial Hospital) भेजा गया (Kanjhawala Victim).
पुलिस और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक पीड़िता का पैर कार के एक पहिए में फंस गया था. कार को रोका नहीं गया और उसे इधर-उधर घसीटा गया. दुर्घटना के समय मृतक महिला अपनी स्कूटी पर अकेली नहीं थी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जब पीड़िता का रूट ट्रेस किया गया तो पता चला कि हादसे के वक्त उसके साथ एक और लड़की थी. इस हादसे में पीड़िता के साथ लड़की को भी चोटें आईं लेकिन वह घबराकर मौके से भाग गई. सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता और उसकी दोस्त 1 जनवरी की रात करीब 1.45 बजे कार्यक्रम स्थल से निकलते हुए दिख रही हैं (Kanjhawala Case CCTV).
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने माना है कि वे नशे में थे, ऐसे में उन्हें पता नहीं चला कि एक्सीडेंट के बाद लड़की उनकी कार में फंसी है. इतना ही नहीं आरोपियों ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि कार में लड़की का शव फंसा है, वे उसे छोड़कर भाग गए (Kanjhawala Case Accused).
दिल्ली के कंझावला इलाके में शादी करने से मना करने पर एक शख्स ने अपनी बेटी की हत्या कर दी. आरोपी ने घटना को एक खेत में अंजाम दिया जहां रात को बेटी को कैब से ले जाकर उसका गला रेत दिया. पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और रिपोर्ट के मुताबिक उसने अपना जुर्म भी स्वीकार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक शादी की बात को लेकर आए दिन बाप-बेटी में झगड़ा होता था.
कंझावला कांड को एक साल हो गया है. नए साल की पूर्व संध्या पर दिल्ली में इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया था. नए साल की पार्टी मनाने निकले युवकों की कार ने अंजलि को टक्कर मार दी थी, उसके बाद उसे कई किमी तक सड़क पर घसीटा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी. एक साल बाद अंजलि की मां ने कहा कि बेटी की मौत आज भी हमें सताती है.
कंझावला केस में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस चलेगा. रोहिणी कोर्ट ने गुरुवार को चार आरोपियों पर कत्ल की धारा के तहत चार्ज फ्रेम किए हैं. ये चारों आरोपी अंजलि की मौत के समय कार में मौजूद थे. दरअसल, दिल्ली के कंझावला में 1 जनवरी की सर्द रात को 20 साल की अंजलि सिंह को 13 किलोमीटर तक सड़कों पर घसीटा गया था. देखें वारदात.
दिल्ली के कंझावला में 1 जनवरी की सर्द रात को 20 साल की अंजलि सिंह का शव नग्न अवस्था में मिला था. अंजलि को 13 किलोमीटर तक दिल्ली की सड़कों पर घसीटा गया था. पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को आरोपी बनाया था. इनमें से चार पर हत्या का मामला दर्ज किया था.
दिल्ली के कंझावला केस में एक राहगीर ने एक कार के पीछे लाश लटकी होने की जानकारी दी थी.फिर एक लड़की का शव कंझावला में नग्न अवस्था में मिला था...रोहिणी कोर्ट ने गुरुवार को इस घटना के चारों आरोपियों पर कत्ल की धारा के तहत चार्ज लगाए.
आज चर्चित कंझावाला हिट एंड रन केस में दिल्ली की कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी. वहीं ज्ञानवापी मामले में भी आज अहम सुनवाई होनी है. इसके अलावा देश के अदालतों में कई और अहम मामलों पर भी सुनवाई होगी. जानिए आज के अहम अदालती फैसलों और सुनवाई से संबंधित मामलों की लेटेस्ट अपडेट-
कंझावला हिट एंड रन मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि इसमें 7 आरोपी हैं साथ ही पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इसमें 117 गवाह बनाए गए हैं. दिल्ली पुलिस इस मामले में लगभग 800 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी.
दिल्ली के वीआईपी इलाके में कंझावला जैसा कांड हुआ है. कार सवार ने स्कूटी को टक्कर मारी. टक्कर के बाद एक लड़का उछल कर नीचे गिरा और दूसरा कार की छत पर पड़ा रहा और कार बिना रुके चलती रही. सईद अंसारी के साथ मेरा गांव मेरा देश में देखिए शहर से लेकर कस्बों तक की बड़ी खबरें.
राजधानी दिल्ली में नए साल की पहली रात को हुए कंझावला कांड में पुलिस की चार्जशीट पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है. अब इस मामले पर 18 अप्रैल से रोहिणी कोर्ट में सुनवाई शुरू होगी. चार्जशीट में पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है.
कंझावला हिट एंड रन केस में दिल्ली पुलिस ने मेट्रोपोलिटन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. पुलिस ने इस मामले में 800 पेज की चार्जशीट दाखिल की है. रोहिणी कोर्ट में दिल्ली पुलिस की तरफ से दाखिल चार्जशीट पर सुनवाई टल गई है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इसमें 7 आरोपी हैं. इसमें 117 गवाह बनाए गए हैं.
दिल्ली पुलिस ने अंजलि की मौत मामले में अपनी चार्जशीट में कुल 7 आरोपियों में से चार के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है. यह 4 लोग वो हैं, जो दुर्घटना के वक्त गाड़ी के अंदर थे मौजूद थे. इनके नाम अमित खन्ना, कृष्णा, मिथुन और मनोज मित्तल हैं.
दिल्ली के कंझावला कांड में अब एक जबरदस्त ट्विस्ट आ गया है क्योंकि उस रात हादसे का शिकार हुई अंजलि की विसरा रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है जिसमें ये खुलासा हुआ है कि उस रात अंजलि ने शराब पी हुई थी. ऐसे में एक सवाल तो खड़ा होता ही है कि पुलिस ने बड़े दबाव में आकर इस पूरे मामले में जो दफा 302 जो़ड़ी थी अब उसका क्या होगा?
अंजलि की मौत के बाद उसकी दोस्त निधि ने बताया था कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी की रात अंजलि ने काफी शराब पी थी. पुलिस ने अंजलि के पोस्टमॉर्टम के दौरान उसके सैपल्स को विसरा जांच के लिए भेजा था और पिछले हफ्ते अंजली की विसरा रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को मिली है. इसमें अंजलि की दोस्त निधि की बात की पुष्टि हुई है कि सड़क हादसे के समय अंजलि नशे में थी.
सूरत में हिट एंड रन का ये केस 18 जनवरी की रात का है. पुलिस के मुताबिक, सागर पाटिल अपनी पत्नी के साथ बाइक से सूरत के कदोदरा-बारडोली रोड पर जा रहे थे. तभी एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी. सागर कार के नीचे फंस गए. चालक ने कार नहीं रोकी. वह चलाता रहा. जबकि सागर की पत्नी सड़क पर गिर गईं.
रोहिणी कोर्ट ने अपने लिखित आदेश में कहा है कि दीपक खन्ना पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं. जांच एजेंसी (पुलिस) का रवैया असंवेदनशील नहीं होना चाहिए. मामले में दिल्ली पुलिस का जवाब अस्पष्ट है. दिल्ली पुलिस के जवाब ने न्यायालय की न्यायिक चेतना को झकझोर दिया है.
दिल्ली के कंझावला मामले में कोर्ट ने दो आरोपी आशुतोष भारद्वाज और अंकुश को पहले ही जमानत दे दी थी. ये दोनों घटना के बाद केस से जुड़े थे. इन्होंने ही दीपक से कहा था कि वह पुलिस को बताए कि घटना के वक्त गाड़ी वह चला रहा था, ना कि अमित, क्योंकि दीपक के पास ड्राइविंग लाइसेंस था.
सवाल तो तभी उठने लगे थे, जिस दिन ये मामला सामने आया था. यानी नए साल की रात से. 31 दिसंबर 2022 और 1 जनवरी 2023 की दरम्यानी रात राजधानी दिल्ली के कंझावला में ये वारदात सामने आई थी. तब पुलिस ने इसे हिट एंड रन बताकर हल्के में लिया था.
गुनाह, सबूत और मकसद... अंजलि डेथ केस में दफा 302 लगाकर क्या इंसाफ दिला पाएगी पुलिस?
आखिरकार दिल्ली पुलिस ने अपनी गलती सुधार ही ली. अंजली केस की इस पुरानी एफआईआर में आईपीसी की धारा 304 को हटा कर अब नई धारा 302 जोड़ दी गई है. अंजलि केस की जांच कर रहे जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रजनीश कुमार ने खुद ये जानकारी दी है कि एफआईआर में नई धारा 302 जोड़ दी गई है.
आखिरकार दिल्ली पुलिस ने अपनी गलती सुधार ही ली. अंजलि केस की इस पुरानी एफआईआर में आईपीसी की धारा 304 को हटा कर अब नई धारा 302 जोड़ दी गई है. अंजलि केस की जांच कर रहे जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रजनीश कुमार ने खुद ये जानकारी दी है कि एफआईआर में नई धारा 302 जोड़ दी गई है. देखें वारदात.
दिल्ली के कंझावला कांड में आशुतोष को जमानत मिल गई है. वह बलेनो कार आशुतोष की ही थी, जिससे अंजलि को करीब 12 किलोमीटर तक घसीटा गया था. आशुतोष से पहले इस केस में अंकुश नाम के शख्स को जमानत मिली थी.