कैनेडी स्पेस सेंटर
फ्लोरिडा के मेरिट द्वीप पर स्थित जॉन एफ कैनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center KSC), नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के दस फील्ड सेंटरों में से एक है. दिसंबर 1968 से, केएससी मानव अंतरिक्ष यान का नासा का प्राथमिक प्रक्षेपण केंद्र रहा है. अपोलो (Apollo), स्काईलैब (Skylab) और स्पेस शटल (Space Shuttle) कार्यक्रमों के लिए लॉन्च ऑपरेशन कैनेडी स्पेस सेंटर लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39 से किए गए और केएससी द्वारा प्रबंधित किए गए. फ्लोरिडा के पूर्वी तट पर स्थित, केएससी केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन (CCSFS) के निकट है. दो संस्थाओं का प्रबंधन एक साथ मिलकर काम करता है, संसाधनों को साझा करता है और एक दूसरे की संपत्ति पर सुविधाओं का संचालन करता है.
हालांकि पहली अपोलो उड़ानें और सभी प्रोजेक्ट मर्करी और प्रोजेक्ट जेमिनी (Project Mercury and Project Gemini) उड़ानें तत्कालीन केप कैनावेरल वायु सेना स्टेशन से उड़ान भरी थीं, लॉन्च का प्रबंधन केएससी और इसके पिछले संगठन, लॉन्च ऑपरेशन निदेशालय द्वारा किया गया था. चौथे जेमिनी मिशन से शुरू होकर, फ्लोरिडा में नासा लॉन्च कंट्रोल सेंटर ने लिफ्टऑफ के तुरंत बाद ह्यूस्टन में मिशन कंट्रोल सेंटर को वाहन का नियंत्रण सौंपना शुरू कर दिया.
शुभांशु शुक्ला की भागीदारी ग्लोबल स्पेस रिसर्च में भारत की बढ़ती भूमिका को दिखाती है, जो राकेश शर्मा के नक्शेकदम पर चल रही है, जिन्हें 1984 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल है.
चांद और सूरज को शाम को ढलते देखा होगा. लेकिन कभी पृथ्वी यानी अपनी धरती को ढलते देखा है. नहीं न. तो अब देखिए इस तस्वीर में. जिसे लिया है नासा के अर्टेमिस-1 मिशन के ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने. इसमें हमारी नीली धरती चांद के पीछे ढलती दिखाई दे रही है. यह नजारा कई सालों के बाद दिखा है.
36 साल पहले नासा का स्पेस शटल चैलेंजर उड़ान भरने के 73 सेकेंड्स के बाद हवा में फट गया था. उसमें सवार सातों एस्ट्रोनॉट मारे गए थे. अब कुछ गोताखोरों को स्पेस शटल का एक टुकड़ा फ्लोरिडा के पास अटलांटिक महासागर में मिला है. यह टुकड़ा 20 फीट लंबा है. नासा ने इस पर पुरानी घटना को याद किया है.
अंतरिक्ष की यात्रा के लिए एक निजी कंपनी ने अपने गोलाकार यान से पर्दा उठा दिया है. यह यान विशालकाय गुब्बारे की मदद से अंतरिक्ष में जाएगा. कांच के गोले के अंदर बैठे लोगों को अंतरिक्ष का आनंद दिलाएगा. फिर उन्हें धीरे-धीरे वापस धरती पर ले आएगा. इसमें कई प्रकार की लग्जरी सुविधाएं भी मिलेंगी.
सोवियत संघ को नीचा दिखाने के लिए अमेरिका ने 60 साल पहले अंतरिक्ष में परमाणु बम फोड़ा था. यह विस्फोट धरती से 400 KM ऊपर किया गया था. इससे जो नुकसान हुआ वो आज भी जानकर लोग सहम जाते हैं...
एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी SpaceX जल्द ही मंगर ग्रह पर पहुंचने की तैयारी कर रही है. कंपनी की अध्यक्ष का कहना है कि इस दशक में इंसान मंगल पर कदम रख लेगा. जानिए क्या प्लान कर रही है SpaceX.