कुमारी सैलजा (Kumari Selja) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्य हैं. वह मनमोहन सिंह सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता और पर्यटन के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रही हैं. सैलजा पहली बार 1991 में सिरसा से लोकसभा के लिए चुनी गई थीं. इस निर्वाचन क्षेत्र को उन्होंने 1996 के चुनावों में बरकरार रखा था. 2009 में अंबाला से लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद, उन्हें सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री नियुक्त किया गया.
सैलजा ने 2019 में अंबाला से आम चुनाव लड़ीं, लेकिन असफल रहीं और उसके बाद राज्य की राजनीति में लौट आईं. उसी वर्ष बाद में कांग्रेस पार्टी की हरियाणा इकाई की अध्यक्ष चुनी गईं. वह 2014 से 2020 तक राज्यसभा की सदस्य रहीं हैं. 2024 के भारतीय आम चुनाव में, वह फिर से सिरसा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनी गईं थी.
कुमारी सैलजा का जन्म 24 सितंबर 1962 को पंजाब में हुआ था.
जिस तरीके से अपनी बात कहने के बाद समीक्षा बैठक से राहुल गांधी उठ कर चले गये, साफ है कि हरियाणा की हार को लेकर वो साथी कांग्रेस नेताओं के रवैये से हद से ज्यादा खफा हैं. राहुल उन्हीं कांग्रेस नेताओं से नाराज़ हैं, जिनके हाथ में हाथ डालकर वे चुनाव प्रचार कर रहे थे.
एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस की वापसी और बीजेपी की विदाई का अनुमान लगाया गया था. मगर नतीजों में इसका उल्टा हुआ. कांग्रेस सत्ता से फिर दूर रह गई और बीजेपी ने पहली बार 48 सीटें जीतीं. मगर ये सब क्यों हुआ? आखिर कांग्रेस पर कौनसे दो बड़े फैक्टर हावी पड़ गए? जानते हैं...
हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद कांग्रेस में समीक्षा का दौर चल रहा है. हरियाणा की हार के बाद आज कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य के नेताओं के संग पहली अहम बैठक की. राहुल गांधी ने कहा कि पूरे चुनाव में पार्टी का हित दूसरे नंबर पर रहा और नेताओं का हित हावी रहा. देखिए VIDEO
हरियाणा में बीजेपी ने दलितों के प्रभाव वाली लगभग आधी सीटें जीत लीं. कुमारी सैलजा कांग्रेस का बड़ा दलित चेहरा हैं, लेकिन उनकी नाराजगी दलितों ने भांप ली. माना जा रहा है कि इस वजह से दलितों ने कांग्रेस की बजाय बीजेपी को वोट दिया. पिछली बार बीजेपी ने 5 एससी सीटें जीती थीं, जबकि इस बार 8 जीत लीं.
हरियाणा में बीजेपी ने दलितों के प्रभाव वाली लगभग आधी सीटें जीत लीं. कुमारी सैलजा कांग्रेस का बड़ा दलित चेहरा हैं, लेकिन उनकी नाराजगी दलितों ने भांप ली. माना जा रहा है कि इस वजह से दलितों ने कांग्रेस की बजाय बीजेपी को वोट दिया. पिछली बार बीजेपी ने 5 एससी सीटें जीती थीं, जबकि इस बार 8 जीत लीं.
हरियाणा की सत्ता में दस साल तक रहने के बावजूद बीजेपी का वोट शेयर कांग्रेस के 39.1 फीसदी की तुलना में 40 फीसदी है. लेकिन विपक्षी वोटों में टूट से बीजेपी को फायदा हुआ, खासकर असंध, पुंडरी, अंबाला कैंट और अन्य सीटों पर बीजेपी को फायदा हुआ है.
कुमारी सैलजा ने इस बात पर भी जोर दिया कि वह चुनाव लड़ना चाहती थीं. उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि मैंने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी और हम कुछ सीटों पर जीते भी हैं, लेकिन हमें बड़े पैमाने पर देखना होगा कि आखिर हम प्रदेश को क्यों नहीं जीत पाए. इसका गहन मूल्यांकन जरूरी है,"
haryana election results: हरियाणा चुनाव में दलितों ने भी जाटों की ही तरह कांग्रेस को जोरदार झटका दिया है. कांग्रेस की हार में हुड्डा-सैलजा तकरार की भी बड़ी भूमिका लगती है, और लगता है राहुल गांधी के आरक्षण पर बयान को जैसे बीएसपी नेताओं ने समझाया, हरियाणा के दलितों ने मान भी लिया.
हरियाणा के नतीजे लगभग साफ हैं. इस बीच कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने आजतक के साथ खास बातचीत में कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ना चाहा था और उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी पार्टी से भारी चूक हुई है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें टिकेट नहीं दिया गया था. इस बातचीत में उन्होंने अपनी पार्टी की हार के कारणों पर भी चर्चा की. देखें
Haryana election result: हरियाणा चुनाव में कांग्रेस का करीब करीब वही हाल हुआ है, जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी का हुआ था - लोकसभा चुनावी प्रदर्शन का अति आत्मविश्वास लगता है कांग्रेस को ले डूबा है. आइये, कांग्रेस की नाकामी के बाकी कारणों को बारीकी से समझते हैं.
हरियाणा की 90 सीटों पर हुए चुनावों के बाद मंगलवार सुबह आठ बजे से काउंटिंग जारी है. शुरुआती रुझानों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटें की टक्कर देखने को मिली. शुरुआती रुझानों पर कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने कहा कि जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी. कांग्रेस पार्टी को और मजबूती मिलेगी.
कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने कहा कि जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी. कांग्रेस पार्टी को और मजबूती मिलेगी. राज्य में कांग्रेस सरकार बनाएगी और हम 60 से ज्यादा सीटों पर जीतेंगे. हम आश्वस्त हैं कि कांग्रेस सरकार बनाएगी.
हरियाणा में वोटिंग के बाद कुमारी सैलजा राजस्थान के सालासर बालाजी में माथा टेकने पहुंची. वहां उन्हें हरियाणा की सीएम बनने का आशीर्वाद दिया गया. यानी सैलजा भी हरियाणा का सीएम बनने का सपना देख रही है. चुनाव के दौरान आई इस तस्वीर के बहुत मायने हैं. देखें ये वीडियो.
2005 के हरियाणा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 67 सीटें जीती थीं और भजन लाल को मुख्यमंत्री बनना था. लेकिन, अंतिम क्षण में भूपेंद्र हुड्डा का नाम मुख्यमंत्री के रूप में घोषित कर दिया गया. एग्जिट पोल के नतीजों को देखते हुए, यही कयासबाजी एक बार फिर शुरू हो गई है.
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं और यहां कांग्रेस पार्टी के सत्ता में वापसी के अनुमान हैं. इस बीच यह काफी अहम है कि पार्टी की तरफ से आखिर किस नेता को सीएम के तौर पर देखना चाहती है. कुमारी सैलजा, बता दें कि इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं.
हरियाणा के पूर्व सीएम और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की ओर से बीजेपी में शामिल होने का ऑफर मिलने पर कुमारी सैलजा ने कहा, बीजेपी मेरा स्वागत इसलिए करना चाहती है, क्योंकि वह हरियाणा में बहुत कमज़ोर है. वह मजबूत नेताओं को अपने साथ लाने के लिए कुछ भी करेगी.
Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा के पूर्व सीएम और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की ओर से बीजेपी में शामिल होने का ऑफर मिलने पर कुमारी सैलजा ने कहा- बीजेपी मेरा स्वागत इसलिए करना चाहती है, क्योंकि वह हरियाणा में बहुत कमजोर है. वह मजबूत नेताओं को अपने साथ लाने के लिए कुछ भी करेगी.
हरियाणा में वोटिंग के ठीक पहले कांग्रेस पार्टी की कुमारी शैलजा ने सीएमपद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नतीजों के बाद CM का फैसला होगा और वो कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जाएंगी. इसके अलावा, अशोक तंवर के बीजेपी से कांग्रेस में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि उन्हें पहले ही इसकी जानकारी थी. देखें ये वीडियो.
हरियाणा विधानसभा चुनाव अपने अंतिम चरण में दलित राजनीति पर केंद्रित हो गई. अब एक बात स्पष्ट हो गई है कि दलितों का वोट जिधर जाएगा उस पर ही निर्भर करेगा कि सरकार किसकी बनेगी. देखना है कि दलितों को पटाने की किसकी रणनीति सब पर भारी पड़ती है.
हरियाणा के सियासी दंगल में आज पीएम मोदी ने पलवल में रैली की. उन्होंने कांग्रेस पर करप्शन वाला वार किया, आरक्षण और भ्रष्टाचार को लेकर हमला किया. साथ ही मोदी ने कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर भी तंज कसा. वहीं, सोनीपत में राहुल गांधी ने बीजेपी के खिलाफ हुंकार भरी. देखें हल्ला बोल.
हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने आज पलवल में जनसभा को संबोधित किया. यहां उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बिना कुमारी सैलजा का नाम लिए कहा कि हरियाणा में कांग्रेस के भीतर जो कलह मची है, उसे भी यहां के लोग देख रहे हैं. कांग्रेस से सबसे अधिक नाराजगी तो दलित, पिछड़े, वंचित समाज की है. दलित समाज ने भी ठान लिया है कि वो बापू-बेटे की राजनीति को चमकाने का मोहरा नहीं बनेंगे. देखें VIDEO