पृथ्वी के वायुमंडल के नीचे और उसके ऊपर होने वाली सभी प्राकृतिक और मानवनिर्मित घटनाओं की वैज्ञानिक खबरें. अंतरिक्ष, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य संबंधी रिसर्च, नदी, ग्लेशियर, पहाड़, पर्यावरण, वन्य जीव, जैव विविधता, मौसम, ऊर्जा, जेनेटिक्स. कुछ भी हो. यहां होने वाले बदलाव, उनसे होने वाले असर. इंसानों की वजह से बदल रहा मौसम या बदला लेती धरती. या बेवजह की बाढ़ या ग्लेशियर के टूटने से आई आपदा. हर खबर पर पैनी नजर. आपको मिलेगी यहां साइंस की स्टोरी, एनालिसिस, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष में एक नई सैटेलाइट लॉन्च कर दी है. यह सैटेलाइट 26 फरवरी को अमेरिका के फ्लोरिडा से लॉन्च की गई है. यह सैटेलाइट चंद्रमा पर पानी का पता लगाएगी. नासा ने इस मिशन को SpaceX Falcon 9 नाम दिया है. चंद्रमा की सतह पर काफी लंबे समय से पानी की खोज की जा रही है. ऐसे में नासा का यह नया मिशन काफी सुर्खियों में है.
28 फरवरी 2025 की शाम को एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने वाली है. उस दिन सौर मंडल के सभी सात ग्रह - शनि, बुध, नेपच्यून, शुक्र, यूरेनस, बृहस्पति और मंगल - एक साथ आकाश में दिखाई देंगे.
ये है वो रहस्य जिसे 10 साल से ढूंढ रहे थे वैज्ञानिक, AI ने दो दिन में खोजा.
कश्मीर यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में वैज्ञानिकों ने रेडियो वेव्स से बिजली बनाने का अनोखा प्रयोग किया है. प्रोफेसर रफुल आलम और परवेज साहब के नेतृत्व में यह टीम वायरलेस पावर ट्रांसफर पर काम कर रही है. यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल है और बिना तारों के बिजली पहुंचा सकती है. देखें आज तक संवाददाता मीर फरीद की ये खास रिपोर्ट.
धरती से लाखों किलोमीटर दूर स्पेस में इंसान की जिंदगी बिल्कुल अलग होती है. एक ऐसी जगह, जहां जीरो ग्रेविटी में रोजमर्रा के काम भी चुनौती बन जाते हैं. ब्रश करना, नहाना, यहां तक कि पानी पीना भी आसान नहीं होता. अक्सर अंतरिक्ष यात्री ऐसे वीडियो शेयर करते हैं, जिनमें स्पेस स्टेशन की डेलीलाइफ दिखती है.
25 फरवरी की सुबह कोलकाता में 5 तीव्रता का भूकंप आया. कुछ दिन पहले भी दिल्ली, सीवान, तिब्बत और कोलकाता कांपे थे. आखिर ये कम पावर वाले भूकंप क्यों आ रहे हैं? धरती नहीं चाहती कि बड़ी तबाही मचे. इसलिए वो कमाल का काम कर रही है. आइए जानते हैं क्या?
28 फरवरी 2025 की शाम को एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने वाली है. उस दिन सौर मंडल के सभी सात ग्रह - शनि, बुध, नेपच्यून, शुक्र, यूरेनस, बृहस्पति और मंगल - एक साथ आकाश में दिखाई देंगे. यह एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जिसे महान ग्रहीय संरेखण (Great Planetary Alignment) कहा जाता है.
Chandrayaan-4: भारत 2027 में चंद्रयान-4 मिशन लॉन्च करेगा. यह चंद्रमा की सतह से नमूने इकट्ठा करेगा और उन्हें पृथ्वी पर वापस लाएगा. इस मिशन में कई कमाल की चीजें होंगी. अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग होगी.
अर्जेंटीना में वैज्ञानिकों ने जेनेटिकली एडिटेड घोड़े पैदा करवाए हैं. ये घोड़े पुरस्कार विजेता घोड़ी के जीन से विकसित हुए हैं. ये आगे चलकर बेहतरीन पोलो हॉर्स बनेंगे.
इसरो ने 29 जनवरी को अपना 100वां मिशन लॉन्च किया था. इस मिशन में एनवीएस 02 सैटेलाइट छोड़ा गया था. यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में अटक गया है. निर्धारित कक्षा तक नहीं पहुंच पाया है. इसका प्रोपल्शन सिस्टम खराब हो गया है.
विश्व के प्रसिद्ध टूरिस्ट डेस्टिनेशन सैंटोरिनी द्वीप पिछले तीन दिन में 200 से ज्यादा भूकंप आए हैं. ग्रीक अधिकारियों ने लोगों को बंदरगाहों पर न जाने, अपने पूल खाली करने, इनडोर स्थानों पर इकट्ठा होने से बचने और स्कूल बंद करने की सलाह दी है.
NASA ने खोजा ऐसा एस्टेरॉयड जो 2032 में धरती से टकरा सकता है, जानिए क्या बोले वैज्ञानिक
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला Axiom-4 Mission के लिए मुख्य पायलट के रूप में चुना गया है, जो मार्च से मई 2025 के बीच में होने वाला है. ये स्पेसक्राफ्ट को स्पेस स्टेशन ले जाएंगे. यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए मानव अंतरिक्ष उड़ान के लक्ष्य को साकार करेगा.
नासा वैज्ञानिकों ने एक ऐसे एस्टेरॉयड का पता किया है जो 2032 में पृथ्वी से टकरा सकता है. जैसे-जैसे वैज्ञानिक इसके बारे में पता करेंगे, वैसे यह बात भी पुख्ता होती जाएगी कि यह कितने नजदीक से जाएगा या टकराएगा. टकराने की कितने प्रतिशत संभावना है.
नासा ने एक ऐसे एस्टेरॉयड से सैंपल कलेक्ट किया है जो बेहद हैरान करने वाला है. यह सैंपल ऐसा है जिसमें डीएनए और आरएनए के 5 न्यूक्लियोबेसेस और प्रोटीन में पाए जाने वाले 20 अमीनो एसिड में से 14 मौजूद है. क्या धरती पर जीवन एक एस्टेरॉयड से आया? अगर ऐसा है तो क्या इंसान एलियन है?
ISRO श्रीहरिकोटा से 100वें लॉन्च का 27 घंटे का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. 29 जनवरी 2025 सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से NVS-02 मिशन की लॉन्चिंग होगी. नाविक सैटेलाइट सीरीज का दूसरा उपग्रह है. इसे GSLV-F15 रॉकेट से छोड़ा जाएगा.
दुनिया का सबसे बड़ा मानव जमावड़ा धरती से 450 km दूर अंतरिक्ष से कैसा दिखता है? प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ की फोटो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से आई है. जिसमें यूपी का ये नया जिला रात में रोशन दिख रहा है. यह फोटो नासा के एस्ट्रोनॉट Don Pettit ने शेयर किया है.
ISRO श्रीहरिकोटा से 100वां लॉन्च करने जा रहा है. यह लॉन्च 29 जनवरी 2025 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से होगा. यह नाविक सैटेलाइट सीरीज का दूसरा उपग्रह है. इसे GSLV-F15 रॉकेट से छोड़ा जाएगा.
'मन की बात' के 118वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा कि 2025 की शुरुआत में ही भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. मुझे ये बताते हुए गर्व हो रहा है कि एक भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप, बेंगलुरु के पिक्सल ने भारत का पहला निजी सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन 'फायरफ्लाई' सफलतापूर्वक लॉन्च किया. देखें ये वीडियो.
ISRO ने अपने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट (SpaDeX) के तहत सैटेलाइट्स की डॉकिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. अंतरिक्ष एजेंसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इस बात का ऐलान किया है.
ISRO के SpaDeX मिशन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग के लिए लॉन्च किए गए SpaDeX के दोनों सैटेलाइट्स एक दूसरे के लगभग 3 मीटर तक करीब आ गए. दोनों सैटेलाइट्स की तस्वीरें सामने आई हैं. देखें...