लखनऊ
लखनऊ (Lucknow) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश की राजधानी और सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहरों में एक है (Lucknow capital of Uttar Pradesh). लखनऊ हमेशा से एक बहुसांस्कृतिक शहर और उत्तर भारतीय संसकृति और कला का केंद्र रहा है, जो 18वीं और 19वीं शताब्दियों में नवाबों के वैभव और शक्ति का गवाह था (Nawabs in 18th and 19th centuries). यह शहर समुद्र तल से लगभग 123 मीटर (404 फीट) (123 metres above sea level) की ऊंचाई पर 402 वर्ग किलोमीटर (area 402 square km) में फैला है.
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी लखनऊ की जनसंख्या (Population) लगभग 46 लाख और लिंग अनुपात (Sex Ratio) 917 है. इस जिले में प्रति वर्ग किलोमीटर 1,816 लोग रहते हैं (Density) और इसकी 82 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 85.60 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 78 फीसदी है (Literacy).
लखनऊ भारत का एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha constituency) है जहां से लगातार दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party, BJP भाजपा) के कद्दावर नेता राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) सांसद चुने गए हैं. यहां 1991 से आम चुनाव में लगातार भाजपा के प्रत्याशी को जीत मिलती रही है. इस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा (Assembly constituency) की पांच सीटें शामिल हैं.
ऐतिहासिक रूप से देखें तो लखनऊ पहले अवध की राजधानी (capital of Awadh) था जिसे पहले दिल्ली सल्तनत (Delhi Sultanate) और बाद में मुगल साम्राज्य (Mughal Empire) ने नियंत्रण में रखा. इसे बाद में अवध के नवाबों (Nawabs of Awadh) को सौंप दिया गया. वर्ष 1856 में, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (British East India Company) ने इस शहर को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया और 1857 में पूरा अवध क्षेत्र ब्रिटिश राज (British Raj) को स्थानांतरित हो गया. लखनऊ का इतिहास पुरातण काल में सूर्यवंशी राजवंश (Suryavanshi Dynasty) तक जाता है. माना जाता है कि भगवान राम के भाई लक्ष्मण (Lakshmana, brother of Lord Rama) ने इस शहर की स्थापना की थी. ये गोमती नदी के करीब एक उभरे हुए स्थल पर था. उस वक्त, इसका नाम लक्ष्मणपुर (Lakshmanpur) था.
शास्त्रीय नृत्य कथक (classical dance Kathak) की उत्पत्ति लखनऊ में ही हुई. इसे कढ़ाई के कार्य जैसे, चिनकारी, जरी, जरदोजी, कामदानी और गोटा बनाने की कला के लिए जाना जाता है.
लखनऊ अपने स्ट्रीट फूड, चाट, कुल्फी, पान और मिठाइयों के लिए मशहूर है (street food). यहां की निहारी मांसाहारी लोगों के बीच मशहूर है. श्रीमाल एक मीठा पराठा है जो लखनऊ में बनाया जाता है. वहीं, मक्खन मलाई एक मीठी डिश है जो सर्दियों में बिकती है.
लखनऊ का सिर्फ 5.66 प्रतिशत हिस्सा वन से ढका (Forest cover) है, जो पूरे राज्य के औसत 7 प्रतिशत से बेहद कम है. सकल घरेलू अत्पाद (GDP) की दृष्टि से लखनऊ भारत के अग्रणी शहरों में आता है.
महाकुंभ में वैसे तो कई रिकॉर्ड स्थापित हुए है, लेकिन गंगा की सफाई, हैंड पेंटिंग और मेला क्षेत्र में झाड़ू लगाने को लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. जिसके लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम में महाकुंभ पहुंचकर गुरुवार को संबंधित अधिकारियों को सर्टिफिकेट सौंपे.
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने दो अपराधियों, रोहन अग्रवाल और हर्ष वर्धन गुप्ता, को साइबर फ्रॉड के आरोप में गिरफ्तार किया. ये अपराधी चीनी नागरिकों के साथ मिलकर डिजिटल अरेस्ट और ऐप्स के माध्यम से धोखाधड़ी करते थे. इनके पास से कई फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई है. पुलिस ने इनके खिलाफ मामला दर्ज किया है.
उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है. टीम ने डिजिटल अरेस्ट करके 48 लाख रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है.
लखनऊ में साइबर ठगों ने एक महिला डॉक्टर से लाखों की ठगी कर ली. ठगों ने खुद को ट्राई अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर महिला को 9 दिनों तक डर और दबाव में रखा. इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी. इस तरह महिला डॉक्टर से 13.40 लाख रुपये ठग लिए. महिला डॉक्टर को जब ठगी का अहसास हुआ तो पुलिस से मामले की शिकायत की.
सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में रहने वाले रिटायर्ड भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) अफसर कमल कुमार सक्सेना को साइबर जालसाजों ने 8 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा. जालसाजों ने उन्हें मनी लॉन्डरिंग में संलिप्तता की बात कहकर डराया और 12 लाख रुपये ठग लिए.
लखनऊ में साइबर ठगों द्वारा एक छात्र को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का मामला सामने आया है. यहां साइबर ठगों ने एक छात्र को मनी लॉन्ड्रिंग में दोषी बताकर उसे न सिर्फ चार दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा बल्कि उससे दो लाख रुपये भी वसूल लिए.
महाकुंभ में 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने सिर्फ लाउडस्पीकर, रस्सी और बैरिकेडिंग का सहारा लिया. जहां जरूरत पड़ी, पुलिस ने कड़े नियम लागू किए, वहीं श्रद्धालुओं के लिए उनका व्यवहार सहज और सहयोगी बना रहा. दिन-रात तैनात जवानों ने पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संचालित किया.
महाकुंभ 2025 के खिलाफ भ्रामक वीडियो और अफवाहें फैलाने वाले 36 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कुम्भ मेला पुलिस ने FIR दर्ज की है. इन खातों ने पाकिस्तान के वीडियो को महाकुंभ प्रयागराज का बताकर अफवाह फैलाई कि बस नाले में गिर गई, 10 बच्चे और आदमी मर गए. कुल 137 खातों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई.
हाथरस भगदड़ कांड (Hathras Stampede) में न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें 121 लोगों की मौत के लिए पुलिस और आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया गया है. आयोग ने सत्संग करने वाले भोले बाबा को क्लीन चिट दे दी है. रिपोर्ट में बताया गया है कि आयोजकों की लापरवाही और प्रशासनिक चूक के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ.
यूपी की राजधानी लखनऊ में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना काकोरी थाना क्षेत्र के बेहटा गांव में हुई. शुरुआती जांच में पुलिस पुरानी रंजिश को लेकर हत्या मान रही है. गोली लगने के बाद युवक को ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस इस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है.
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ है. सभी लोग प्रयागराज जाने के लिए स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं. भीड़ का आलम ये है कि प्लेटफॉर्म से लेकर रेलवे ट्रेक तक पैर रखने के लिए भी जगह नहीं है. देखें पूरी रिपोर्ट.
सदन की कार्यवाही में अंग्रेजी भाषा के इस्तेमाल का मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने विरोध किया. इस पर सदन के नेता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तंज करते हुए कहा कि समाजवादियों का दोहरा चरित्र है, क्योंकि ये लोग अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाते हैं और दूसरों के बच्चों को उर्दू पढ़ाकर मौलवी बनाना चाहते हैं.
चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक फर्जी महिला टीटीई पकड़ी गई है. वह टीटीई की ड्रेस पहनकर, गले में आईकार्ड डालकर और हाथ में पेन-कॉपी लेकर यात्रियों के टिकट चेक कर रही थी.
बजट सत्र के पहले दिन यूपी विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (SP) को दोहरे चरित्र वाला बताया था. साथ ही कहा था कि सपा अन्य भाषाओं के मुकाबले उर्दू को ज्यादा महत्व देती है.
आज से यूपी विधानसभा में बजट सत्र शुरू हो रहा है. बजट सत्र में जोरदार हंगामे का आसार हैं. वहीं, इस बार बजट सत्र में लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा में क्षेत्रीय भाषाओं में सदस्य अपनी बातें रख सकेंगे. यूपी विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक, यूपी की विधानसभा देश में पहली ऐसी विधानसभा होगी जो ऐसी सुविधा से लैस होगी. आज नियम समिति के सामने इस व्यवस्था का प्रस्ताव रखा जाएगा. इसके बाद सदन से मंजूरी लेकर व्यवस्था लागू की जाएगी.
फिल्मी सितारों की चकाचौंध से प्रभावित बच्चों और युवाओं के घर से भागकर मायानगरी मुंबई जाने के किस्से तो आम हैं, लेकिन किसी नेता से प्रभावित होकर कोई बच्चा मुंबई से लखनऊ के लिए घर से भाग जाए तो बात चौंकाती है.
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज और अयोध्या जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखी गई. यात्रियों की संख्या इतनी अधिक थी कि लोग वॉशरूम के पास और बोगी बदलने वाले गेटों पर भी बैठे नजर आए. महिलाएं भी गेट के पास बैठी दिखीं. चारबाग रेलवे स्टेशन पर सभी ट्रेनें खचाखच भरी हुई थीं. यात्रियों को सीट न मिलने के कारण जहां जगह मिली, वहीं बैठकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा. देखें...
लखनऊ में एक बेटे ने अपने माता-पिता को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. बेटे ने अपने माता-पिता को ऐसी दर्दनाक मौत दी, जिसे सुन पुलिस भी सन्न रह गई. घटना का कारण संपत्ति विवाद बताया जा रहा है.
साहित्य आजतक लखनऊ 2025 का आज दूसरा दिन है. इस दौरान लेखक और वक्ता देवदत्त पटनायक ने 'वेद की अग्नि, अखाड़े का भभूत: राम, रावण, शिव और कुंभ' सेशन में शिरकत की. उन्होंने कुंभ मेला, शिव, और हिंदू धर्म जैसे विषयों पर गहन चर्चा की. साथ ही उन्होंने रामायण और महाभारत के पात्रों के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों को भी समझाया. देखें Video.
रवि किशन के मशहूर डायलॉग "जिंदगी झंड बा, फिर भी घमंड बा" पर भी चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि बिग बॉस में जाने का फैसला उनकी पत्नी की जिद पर हुआ था. "मैंने सोचा कि इस शो में जब जा ही रहा हूं, तो अपनी भोजपुरी को स्वैग के साथ लेकर जाऊं, वहां पर किसी ने अपने मन की भड़ास निकालने के लिए मैंने ये वाक्य कहा और बाद में ये कल्ट बन गया.
घाव करें गंभीर में साहित्य आजतक के मंच पर बोले व्यंग्यकारों ने कहा कि व्यंग्य साहित्य को सोशल मीडिया ने बड़ा प्लेटफार्म दिया है. इसमें किसी शक नहीं है. ये चुनौती भी है कि आज रील और मीम्स का वक्त है, उसमें आपका गंभीर व्यंग्य. जिससे युवा जुड़ना नहीं चाहता और अब लोग पढ़ने से भी थोड़ा बचते हैं.