मधुबनी (Madhubani) भारत के बिहार राज्य (Bihar) का एक जिला है और जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी यहीं स्थित है. यह दरभंगा (Darbhanga) डिवीजन का हिस्सा है और इस जिले का क्षेत्रफल 3,501 वर्ग किलोमीटर है (Madhubani Geographical Area)
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक मधुबनी की जनसंख्या (Madhubani Population) 44.87 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 1,282 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 926 है. इस जिले की 58.62 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 70.14 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 46.16 फीसदी है (Madhubani Literacy).
दरभंगा जिला से विभाजित कर मधुबनी को 1972 में एक जिला बनाया गया. ऐसा माना जाता है कि बलिराजगढ़, एक पुरातात्विक स्थल जो आधुनिक मधुबनी जिले में स्थित है, प्राचीन मिथिला साम्राज्य की राजधानी थी (History of Madhubani).
मधुबनी कला या मिथिला पेंटिंग परंपरागत रूप से भारत और नेपाल के मिथिला क्षेत्र में विभिन्न समुदायों की महिलाओं द्वारा बनाई जाती रही है. यह बिहार के मिथिला क्षेत्र के मधुबनी जिले से शुरु हुआ और इसे लोकप्रिय रूप से मिथिला पेंटिंग या मधुबनी कला कहा जाता है (Mithila Painting of Madhubani Art). मधुबनी जिला इन चित्रों का एक प्रमुख निर्यात केंद्र भी है. दीवार कला, पेपर और कैनवास पर चित्रकला के हालिया विकास की उत्पत्ति मुख्य रूप से मधुबनी के आसपास के गांवों से हुई थीं साथ यहां की कई महिला कलाकारों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है जो बिहार राज्य के गौरव को बढाता है (Padma Shri).
बिहार के मधुबनी जिले में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का दो गुट प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान के सामने आपस में भिड़ गया और एक दूसरे की पिटाई कर दी. मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि कार्यकर्ताओं का किसी बात को लेकर विवाद हो गया. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ग्रुप एक दूसरे की पिटाई करने लगे. वहीं मौके पर मौजूद अन्य नेताओं ने दोनों ग्रुपों को रोकने की कोशिश भी की. बावजूद इसके ग्रुप नहीं माना और एक दूसरे की लात-घूंसे से पिटाई करता रहा. जिससे कांग्रेस दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. दरअसल मधुबनी में कांग्रेस दफ्तर में विधानसभा चुनाव में हुई करारी हार को लेकर पार्टी की तरफ से समीक्षा बैठक बुलाई गई थी.
बिहार के मधुबनी में कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी दफ्तर में आपस में भिड़ गए और एक दूसरे को लात-घूसों से पीट दिया. इस मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है.
मधुबनी में वाहन चेकिंग के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसमें देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी एक बाइक सवार को रोकने की कोशिश कर उसे नीचे गिरा देता है- और गिरने के बाद उस पर लात-घूंसे बरसाता है. बाइक सवार पूर्व वार्ड पार्षद शराब के नशे में था और तेज रफ्तार में बाइक चला रहा था. पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने उसे रोकने का इशारा किया, लेकिन बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर गया.
बिहार के मधुबनी जिले में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां केवल संदेह के आधार पर एक मजदूर की बेरहमी से पिटाई कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है.
मधुबनी के राजनगर थाना क्षेत्र में एक राजमिस्त्री को ‘बांग्लादेशी’ समझकर लोगों ने बुरी तरह पीट दिया. घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा में केस दर्ज किया है. पीड़ित सुपौल का निवासी निकला, जबकि आरोपी राजनगर के हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
बिहार के मधुबनी में झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. सुपौल से मजदूरी करने आए एक युवक को कुछ लोगों ने बांग्लादेशी होने के शक में घेरकर बेरहमी से पीट दिया. इस मॉब लिंचिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है. गंभीर रूप से घायल मजदूर का अस्पताल में इलाज चल रहा है.पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बिहार के मधुबनी से शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. सुपौल के रहने वाले एक मजदूर के साथ बांग्लादेशी होने के शक में कुछ लोगों ने बेरहमी से मारपीट कर दी. पुलिस के मुताबिक, यह घटना मधुबनी के राजनगर थाना क्षेत्र के चकदह इलाके की है. पीड़ित के अनुसार, करीब 15 से 20 युवकों की भीड़ ने उसे दौड़ा दौड़ा कर पीटा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम स्थित मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में पूजा की. साथ में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी मौजूद रहे. पूजा के बाद मोदी ने कुरनूल में ₹13,430 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया. उन्होंने बिहार की मधुबनी पेंटिंग से सजा अंगवस्त्र पहनकर सांस्कृतिक जुड़ाव भी दिखाया.
मैथिली ठाकुर बीजेपी में शामिल तो हो गईं, लेकिन उनकी पसंदीदा बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. बीजेपी ने मौजूदा विधायक विनोद नारायण झा पर भी भरोसा जताया है, ऐसे में अब मैथिली ठाकुर के लिए अलीनगर सीट बचती है - वैसे बीजेपी कार्यकर्ता तो इस पैराशूट एंट्री का विरोध ही कर रहे हैं.
बिहार के मधुबनी जिले में स्थित जयनगर नाम का सीमावर्ती कस्बा इन दिनों सुर्खियों में है. वजह है यहां से साफ मौसम में दिखाई देने वाली हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां, जिनमें कभी-कभी माउंट एवरेस्ट की झलक भी नजर आती है.
नेपाल सीमा से सटे बिहार के मधुबनी जिले के जयनगर शहर से लोगों ने साफ मौसम में माउंट एवरेस्ट और हिमालयन रेंज का नजारा देखा. मई 2020 के बाद एक बार फिर बिहार से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी Mount Everest दिखने का दुर्लभ दृश्य सामने आया, जिसने लोगों को रोमांचित कर दिया.
खबरें हैं कि मैथिली ठाकुर भी अब राजनीति में कदम रख सकती हैं. मैथिली ठाकुर ने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं. मैथिली ठाकुर ने कहा कि अगर उन्हें बीजेपी से टिकट मिलता है तो वे इसे छोड़ना नहीं चाहेंगी.
पटना में कला, संस्कृति और इतिहास का एक अनोखा संगम है. यहां ऐसी कई जगहें हैं, जो न सिर्फ इतिहास, बल्कि कला और आध्यात्मिक अनुभव भी देती हैं. अगर आप पटना की सैर पर हैं, तो ये कुछ खास स्थल आपकी यात्रा को और यादगार बना सकते हैं.
बिहार में आगामी चुनावों में महिला मतदाता एक महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाएंगी, ऐसा तय माना जा रहै है. राजनीतिक दल महिलाओं को लुभाने के लिए विभिन्न योजनाओं और वादों की घोषणा कर रहे हैं. हाल के चुनावों में महिलाओं की मतदान भागीदारी में बढ़त देखी गई है, जिससे वे बिहार की राजनीति में किंगमेकर की भूमिका में आ गई हैं. देखें रिपोर्ट.
पंजाब में आई बाढ़ से बिहार के हजारों प्रवासी मजदूरों का रोज़मर्रा जीवन संकट में है. परंपरागत रूप से धान की रोपाई-करने वाले मजदूर बाढ़ के कारण खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी कमाई और उम्मीदें टूट गई हैं. सुपौल, सहरसा, मधुबनी जैसे जिलों के मजदूर अब पंजाब के बजाय हरियाणा और दिल्ली की ओर पलायन कर रहे हैं.
आज पुनौराधाम जिस जगह पर स्थित है, वह जिला सीतामढ़ी है. यह नाम भी पौराणिक घटनाओं और किवदंतियों से ही निकला हुआ है. इसका नाम अलग-अलग समय पर बदलकर आज सीतामढ़ी हुआ है. यह घटना तो सभी को पता है कि जब मिथिला में 12 वर्ष का भीषण अकाल पड़ा था, तब राजा जनक ने महान यज्ञ का अनुष्ठान किया.
मधुबनी के फुलपरास में नौंवी की छात्रा से चार लोगों ने गैंगरेप किया. मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जबकि दो फरार हैं. इससे पहले ग्राम कचहरी में डेढ़ लाख में समझौते की कोशिश हुई थी और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया गया था. पुलिस को सूचना देने पर केस दर्ज हुआ और गिरफ्तारी हुई.
मधुबनी पुलिस ने सोमवार को इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चोरी की यह वारदात 17 मई को शाम करीब 7.30 बजे खुटौना ब्लॉक कार्यालय में अंजाम दी गई. इस घटना की सूचना मिलने पर ब्लॉक स्टाफ के साथ-साथ वहां डियूटी पर तैनात होमगार्ड के होश उड़ गए.
प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले के दो दिन बाद 24 अप्रैल को बिहार के मधुबनी जिले में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर पहली बार सार्वजनिक तौर पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का हवाला देकर हमलावरों को सख्त सजा देने का वादा किया था.
बिहार के सात जिले नेपाल की सीमा से सटे हैं. इन सात जिलों में विधानसभा की 54 सीटें हैं. इन इलाकों की पॉलिटिक्स क्या है और यहां कौन से बड़े मुद्दे चुनावी मौसम में छाए रह सकते हैं?
नीतीश कुमार अब तक तो बीजेपी नेताओं या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने पर ही ‘कहीं नहीं जाने’ की बात कर रहे थे, लेकिन अब वो जेडीयू के कार्यक्रम में भी ऐसी बातें बोलने लगे हैं - और बात करते करते ललन सिंह के सिर ठीकरा फोड़ देते हैं.