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लावा (मैग्मा)

लावा (मैग्मा)

लावा (मैग्मा)

Magma

लावा 

पृथ्वी जैसे किसी स्थलीय ग्रह या चंद्रमा के आंतरिक भाग से बाहर निकलने के बाद मैग्मा को लावा (Lava) कहा जाता है. यह ज्वालामुखी में या क्रस्ट में फ्रैक्चर होने पर, जमीन या पानी के नीचे, आमतौर पर 800 से 1,200 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर फट सकता है (Temperature of Lava). बाद में ठंडा होने से उत्पन्न ज्वालामुखी चट्टान को अक्सर लावा भी कहा जाता है.

लावा प्रवाह (Lava Flow) एक विस्फोट के दौरान लावा का बाहर निकलना है. दूसरी ओर, अन्य विस्फोट में लावा प्रवाह के बजाय ज्वालामुखीय राख निकलता जिसे टेफ्रा (Tephra) कहते हैं. अधिकांश पिघला हुआ लावा पानी की तुलना में लगभग 10,000 से 1,00,000 गुना अधिक चिपचिपा होता है. इसकी चिपचिपाहट लगभग केचप के समान होती है, लावा ठंडा और जमने से पहले बहुत दूर तक बह सकता है क्योंकि हवा के संपर्क में आने से लावा जल्दी से एक ठोस परत में बदलता है (Composition of Lava).

लावा शब्द इतालवी से आया है और संभवतः लैटिन शब्द लैब्स से लिया गया है, जिसका अर्थ है गिरना या फिसलना. सतह के नीचे से मैग्मा को बाहर निकालने के बारे में सबसे पहले फ्रांसेस्को सेराओ ने 1737 में वेसुवियस के विस्फोट के दौरान लिखा था (Lava Etymology).
 

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