मालदीव (Maldives), आधिकारिक तौर पर मालदीव गणराज्य (Republic of Maldives), भारतीय उपमहाद्वीप में हिंद महासागर में स्थित एक द्वीपसमूह देश है. यह एशियाई महाद्वीप की मुख्य भूमि से लगभग 750 किलोमीटर दूर श्रीलंका और भारत के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है. 26 प्रवाल द्वीपों की श्रृंखला उत्तर में इहावंधिपोल्हु प्रवाल द्वीप से लेकर दक्षिण में अड्डू प्रवाल द्वीप तक (भूमध्य रेखा के पार) तक फैली हुई है. इसका कुल क्षेत्रफल समुद्र सहित लगभग 90,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है, लेकिन सभी द्वीपों का भूमि क्षेत्र सिर्फ 298 वर्ग किलोमीटर है (Maldives Geographical Location). मालदीव भौगोलिक रूप से दुनिया के सबसे बिखरे हुए संप्रभु राज्यों में से एक है और सबसे छोटा एशियाई देश है (Maldives Smallest Asian Country). साथ ही, भूमि क्षेत्र के हिसाब से सबसे छोटे मुस्लिम देशों में से एक है और लगभग 557,751 निवासियों के साथ, एशिया का दूसरा सबसे कम आबादी वाला देश है. माले इसकी राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है (Capital of Maldives).
मालदीव समुद्र तल से औसतन 1.5 मीटर की ऊंचाई के साथ, और केवल 5.1 मीटर के उच्चतम प्राकृतिक बिंदु के साथ, दुनिया का सबसे निचला देश है (Maldives Ground Level Elevation).
12वीं शताब्दी में इस्लाम मालदीव द्वीपसमूह तक पहुंच गया था. 16वीं शताब्दी के मध्य से, यह क्षेत्र यूरोपीय औपनिवेशिक शक्तियों के बढ़ते प्रभाव में आ गया. मालदीव 1887 में ब्रिटेन के संरक्षन में चला गया. यह 1965 में आजाद हुआ, और 1968 में एक राष्ट्रपति गणराज्य की स्थापना हुई. यह इसके बाद, दशकों से, राजनीतिक अस्थिरता, लोकतांत्रिक सुधार के प्रयास और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है (Challenges for Maldives).
मालदीव सार्क का संस्थापक सदस्य है. विश्व बैंक मालदीव को उच्च-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था के रूप में वर्गीकृत करता है. मत्स्य पालन मालदीव की प्रमुख आर्थिक गतिविधि रही है. मालदीव का पर्यटन उद्योग भी तेजी से बढ़ा है (Maldives Tourism). मालदीव मानव विकास सूचकांक में काफी ऊपर है (Maldives in Human Development Index). इसका प्रति व्यक्ति आय अन्य सार्क देशों की तुलना में काफी अधिक है (Maldives Per Capita Income).
मालदीव 1982 से राष्ट्रमंडल का सदस्य था लेकिन, मानवाधिकारों के हनन और लोकतंत्र को विफल करने के अन्य राष्ट्रों के आरोपों के विरोध में अक्टूबर 2016 में वह संगठन से हट गया. मालदीव 1 फरवरी 2020 को राष्ट्रमंडल में फिर से शामिल हुआ (Maldives in Commonwealth).
मालदीव के इतिहास के लंबे बौद्ध काल के बाद, मुस्लिम व्यापारी यहां इस्लाम लेकर आए. 12वीं सदी के मध्य तक मालदीव ने इस्लाम धर्म को अपना लिया (Maldives Religion).
मालदीव की आधिकारिक और आम भाषा धिवेही है, जो एक इंडो-आर्यन भाषा है और श्रीलंका की सिंहल भाषा से मिलता जुलता है. मालदीव के स्थानीय लोग व्यापक रूप से अंग्रेजी बोलते हैं (Maldives Language).
मालदीव के न्यायिक सेवा आयोग ने एसीसी की जांच के बाद आर्टिकल 25(i) के तहत यह फैसला लिया है. आयोग के एक सदस्य ने पुष्टि की कि यह सस्पेंशन सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की जांच से जुड़ा हुआ है.
मोहम्मद मुइज्जू ने कहा कि देश की विदेश नीति का लक्ष्य विकासशील देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना है, जिसमें राज्य की शांति सर्वोच्च प्राथमिकता है, उन्होंने आश्वासन दिया कि मालदीव अपने पड़ोसियों को प्राथमिकता देगा. साथ ही शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करता रहेगा.
भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत भूटान को सबसे ज्यादा 2,150 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. इसके बाद नेपाल को 700 करोड़ रुपये, फिर मालदीव को 600 करोड़ रुपये और मॉरीशस को 500 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. मॉरीशस का बजट पिछले साल के 576 करोड़ रुपये से घटाया गया है.
अमेरिका के एक अखबार ने रिपोर्ट में दावा किया है कि मालदीव के विपक्षी राजनेताओं ने सांसदों को रिश्वत देकर राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पर महाभियोग चलाने की योजना बनाई थी, जिसके लिए उन्होंने कथित तौर पर भारत से 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मांग की थी.
चीन का समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू ने नवंबर में सत्ता संभाली थी और भारत के खिलाफ कई विवादित बयान दिए थे. शपथ ग्रहण के कुछ घंटे बाद ही उन्होंने भारत से कहा था कि वह मालदीव में तैनात अपने सैन्य कर्मियों को वापस बुलाए. मुइज्जू ने मालदीव में चल रही भारत की परियोजनाओं का भी विरोध किया था.
भारत की यात्रा पर पहुंचे मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने आगरा में ताजमहल का दीदार किया. इस दौरान उनकी पत्नी भी साथ थीं. दोनों ने ताजमहल के सामने फोटो भी खिंचवाया. आगरा में उनका स्वागत कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने किया. ताजमहल देखने के बाद मालदीव के राष्ट्रपति शिल्पग्राम भी पहुंचे.
भारत के लिए छोटा सा देश मालदीव क्यों है इतना जरूरी? जानिए इसके पीछे की वजह…
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भारत दौरे पर हैं. मालदीव भारत पर कई चीजों को लेकर निर्भर है लेकिन भारत को भी मालदीव की बहुत जरूरत है. इसका चीन एंगल है जो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है.
भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती देखते हुए भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने भरोसा जताया है कि दोनों देशों की दोस्ती बरकरार रहेगी. मालदीव के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति मुज्जू ने प्रधानमंत्री को मालदीव आने का निमंत्रण दिया है, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है.
भारत दौरे पर आए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने आज पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुइज्जू ने मालदीव में हनीमाधू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया.
इंडिया आउट का नारा देने वाले मोहम्मद मुइज़्ज़ु चार महीनों में दूसरी बार भारत दौरे पर हैं. क्या है इस बार-बार के दौरे के पीछे की असली वजह? आइए समझते हैं.
भारत मालदीव के बीच आज अहम बात हुई. पीएम मोदी ने कहा कि हम मजबूती के साथ मालदीव के साथ खडे है. वहीं मुक्त व्यापार पर चर्चा हुई. इसके अलावा मालदीव के सैनिकों को भारत में ट्रेनिंग मिलती रहेगी. साथ ही आर्थिक संबंधों में और मजबूती लाई जाएगी. देखें ये वीडियो.
भारत विरोधी रुख अपनाकर सत्ता में आए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू हाल के महीनों में भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश में लगे हुए हैं. जानिए अब उन्होंने क्या कहा…
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भारत के चार दिनों के दौरे पर हैं. यह उनका भारत का पहला द्विपक्षीय दौरा है. वह इससे पहले इस साल जुलाई महीने में भी भारत दौरे पर आए थे. इस तरह चार महीने में वह दूसरी बार भारत आए हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इंडिया आउट का नारा देने वाले मुइज्जू बार-बार भारत क्यों आ रहे हैं?
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू चार दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं. यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा है. भारत पहुंचकर उन्होंने चीन के साथ संबंधों पर बात की है. उन्होंने कहा है कि मालदीव क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा.
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भारत दौरे पर आए हैं. राष्ट्रपति भवन में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. उनके इस दौरे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष भाग लिया और आमने-सामने की बातचीत की क्रमवार चर्चा की. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और मालदीव के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
मालदीव का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 40 करोड़ डॉलर का ही रह गया है. इससे सिर्फ डेढ़ महीने का ही खर्च चलाया जा सकता है. मालदीव का पर्यटन क्षेत्र बेहद घाटे में है. जबकि टूरिज्म को मालदीव की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है.
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने नई दिल्ली की राजकीय यात्रा शुरू की है. इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा हुई. देखिए VIDEO
मुइज्जू से मुलाकात के बाद जयशंकर ने X पर एक पोस्ट में कहा कि भारत की राजकीय यात्रा की शुरुआत में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात कर खुशी हुई. मैं भारत-मालदीव संबंधों को बढ़ाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं.
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अपनी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर भारत पहुंचे है. उनकी यह यात्रा 6 से 10 अक्टूबर तक चलेगी. इस दौरान वे विभिन्न सरकारी अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है. देखें VIDEO
मोहम्मद मुइज्जू इससे पहले, जून 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अपनी यात्रा के दौरान मुइज्जू, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और पीएम मोदी के साथ आपसी हितों के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और इंटरनेशनल मुद्दों पर चर्चा करेंगे.