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मारबर्ग वायरस

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मारबर्ग वायरस

मारबर्ग वायरस (Marburg virus) के फिलोविरिडे परिवार का एक रक्तस्रावी बुखार वायरस है. मारबर्ग, जीनस मारबर्गवायरस प्रजाति का एक सदस्य है. मारबर्ग वायरस (MARV) मनुष्यों और प्राइमेट्स में रोग का कारण बनता है, जो वायरल रक्तस्रावी बुखार का एक रूप है.

इस वायरस को बेहद खतरनाक माना जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे जोखिम समूह 4 रोगजनक (Risk Group 4 Pathogen) के रूप में रेट किया है. संयुक्त राज्य अमेरिका में, एनआईएच/नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज ने इसे श्रेणी ए प्रायोरिटी पैथोजन के रूप में रैंक किया है और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने इसे कैटेगरी ए बायोटेरोरिज्म एजेंट के रूप में सूचीबद्ध किया है. इसे ऑस्ट्रेलिया समूह द्वारा निर्यात नियंत्रण के लिए एक जैविक एजेंट के रूप में भी सूचीबद्ध किया गया है (Infectious Disease).

वायरस चमगादड़ (Fruit Bat) की एक प्रजाति के संपर्क में आने से फैल सकता है. यह असुरक्षित यौन संबंध और टूटी हुई त्वचा के माध्यम से शरीर के तरल पदार्थ के माध्यम से लोगों के बीच फैल सकता है. यह रोग रक्तस्राव, बुखार और इबोला के समान अन्य लक्षण पैदा कर सकता है. संक्रमण के बाद वायरस का उपचार संभव नहीं है, लेकिन डिहाइड्रेशन जैसे लक्षणों के शुरुआती उपचार से बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है (Symptoms of Marburg virus).

2009 में, युगांडा के कंपाला में इबोला और मारबर्ग वैक्सीन का विस्तारित नैदानिक ​​परीक्षण शुरू हुआ था (Marburg Vaccine).

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