मार्स रोवर
मार्स रोवर (Mars rover) एक मोटर वाहन है जिसे मंगल की सतह पर यात्रा करने के लिए डिजाइन किया गया है. स्थिर लैंडर्स पर रोवर्स के कई फायदे हैं: वे ज्यादा बड़े क्षेत्र की जांच करते हैं, उन्हें इंट्रेस्टिंग फीचर्सी के लिए गाइड किया जा सकता है, वे खुद को गर्मी और सर्दी के मौसम में खुद को काम पर बनाए रख सकते हैं और वे बहुत दूर स्थित रोबोटिक वाहन को नियंत्रण करने की जनकारी को फैला सकते हैं. वे मंगल टोही ऑर्बिटर जैसे कक्षीय अंतरिक्ष यान की तुलना में एक अलग उद्देश्य को हासिल करते हैं (Mars Rover Mission).
मई 2021 तक, छह सफल रोबोटिक रूप से संचालित मार्स रोवर्स तैयार किए गए हैं. अमेरिकी नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने पहले जिन पांच मार्स रोवर तैयार किए, वे थे सोजॉर्नर (Sojourner) (1997-1997), अपॉर्चुनिटी (Opportunity) (1997–1997), (2004-2018), स्पिरिट (Spirit) (2004-2010), क्यूरियोसिटी (Curiosity) (2012-), और परसिवरेंस (Perseverance) (2021-). छठा रोवर, चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन का जूरोंग (Zhurong) (2021–) है.
24 जनवरी 2016 को, नासा ने बताया कि अपॉर्चुनिटी और क्यूरियोसिटी मंगल पर प्राचीन जीवन के सबूतों की खोज करेंगे, जिसमें ऑटोट्रॉफिक, केमोट्रॉफिक या केमोलिथोआटोट्रॉफिक सूक्ष्मजीवों के साथ-साथ प्राचीन जल, जिसमें फ्लूवियो-लैक्स्ट्रिन वातावरण शामिल हैं, (प्राचीन नदियों या झीलों से संबंधित मैदान) जो कभी शायद रहने योग्य रहे होंगे. मंगल ग्रह पर रहने की क्षमता, और कार्बनिक कार्बन के साक्ष्य की खोज अब नासा का एक प्राथमिक उद्देश्य है (NASA Mars Rovers Goals).
सोजॉर्नर पृथ्वी के साथ संचार के लिए मार्स पाथफाइंडर बेस स्टेशन पर निर्भर था. क्यूरियोसिटी मई 2022 तक सक्रिय था, जबकि स्पिरिट, अपॉर्चुनिटी और सोजॉर्नर ने संपर्क खोने से पहले अपने मिशन को पूरा किया. 18 फरवरी, 2021 को, नवीनतम अमेरिकी मार्स रोवर, परसिवरेंस, सफलतापूर्वक उतरा. 14 मई, 2021 को चीन का जूरोंग मंगल ग्रह पर सफलतापूर्वक ऑपरेट करने वाला पहला गैर-अमेरिकी रोवर बन गया (Timeline of Mars Rover Surface Operations).
NASA ने मंगल ग्रह पर इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर उड़ाया. इस हेलिकॉप्टर की इस साल अपनी 72वीं उड़ान के समय हार्ड लैंडिंग हो गई थी. तब से ये सवाल उठ रहा था कि क्या इंजीन्यूटी की जिंदगी खत्म हो गई. काफी जांच-पड़ताल के बाद ये पता चला है कि इंजीन्यूटी को दूसरी जिंदगी मिल गई है. वो मंगल पर दूसरा काम करेगा.
ISRO मंगल ग्रह पर अब लैंडिंग करने जा रहा है. नासा की तरह इसरो भी रेड प्लैनेट की सतह पर अपना स्पेसक्राफ्ट उतारेगा. लेकिन उससे पहले वह कम्यूनिकेशन रिले ऑर्बिटर भेजेगा. इतना ही नहीं Mangalyaan-2 मिशन में लैंडर, रोवर और हेलिकॉप्टर भी हो शामिल हो सकता है. आइए जानते हैं इस मिशन के बारे में...
मंगल ग्रह पर घूम रहे NASA के रोवर ने इतना ऑक्सीजन निकाल लिया है, जो एक छोटे कुत्ते को 10 घंटे तक जिंदा रख सकता है. इस रोवर में एक ऐसा यंत्र लगा है जो मंगल पर ऑक्सीजन पैदा कर रहा है. वह हर घंटे 12 ग्राम ऑक्सीजन पैदा कर सकता है. यानी भविष्य में मार्स पर इंसानों को सांस लेने में दिक्कत नहीं होगी.
चंद्रमा पर जल्द ही SUV के आकार का रोवर भेजने की तैयारी चल रही है. एक निजी कंपनी अपना रोवर अर्टेमिस प्रोग्राम के तहत भेजना चाहता है. इसके लिए एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारशिप रॉकेट की मदद ली जाएगी. अगर ऐसा हुआ तो पहली बार किसी निजी स्पेस कंपनी का रोवर चांद पर राइड करेगा.
नासा ने अपने Mars InSight lander को आखिरकार रिटायर घोषित कर दिया है. इस लैंडर को मंगल ग्रह पर 2018 में भेजा गया था और ये तभी से वहां से कई महत्वपूर्ण जानकारियां पृथ्वी पर भेज रहा था. पिछले कई दिनों से यहां से सिग्नल नहीं मिलने के कारण इसे रिटायर करार दिया गया.
मंगल ग्रह पर पर्सीवरेंस रोवर लाल ग्रह की सतह से नमूने जमा कर रहा है. इन नमूनों की जांच कर पृथ्वी के वैज्ञानिक ग्रह को और करीब से समझ पाएंगे. इसी कड़ी में रोवर ने नमूनों का पहला ट्यूब मंगल की सतह पर गिराया है. इस ट्यूब को पृथ्वी पर लाने के लिए अगले मिशन तक का इंतज़ार करना होगा.
Tangled Strings on Mars: मंगल ग्रह पर अजीबोगरीब फंसे हुए धागे जैसी एक आकृति मिली है. इसकी तस्वीर नासा के पर्सिवरेंस रोवर ने ली है. काफी देर परेशान रहने के बाद नासा के वैज्ञानिकों यह गुत्थी सुलझा ली है कि ये क्या चीज है.
Alien Gate on Mars: मंगल ग्रह पर एलियन के घर का दरवाजा मिला है. एक पत्थर पर चौकोर दरवाजे के आकार का छेद दिखाई दिया है. ऐसे लगता है जैसे उस पत्थर के अंदर कोई गुफा है. जिसमें कोई प्राचीन जीव रहता हो. ये तस्वीर नासा (NASA) के क्यूरियोसिटी रोवर (Curiosity Rover) ने ली है.