माता प्रसाद पांडेय (Mata Prasad Pandey) उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं. वे जुलाई 2024 से उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं. वे उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में इटवा 305 निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. 2024 में, वे समाजवादी पार्टी (SP) में इंद्रजीत सरोज और शिवपाल यादव के अलावा विपक्ष के नेता पद के लिए सबसे योग्य दावेदारों में से एक थे. हालांकि, उन्हें पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी के खिलाफ दूसरों पर तरजीह दी.
पांडेय मुलायम सिंह यादव के विश्वासपात्र व्यक्ति रहे हैं. अपने आरंभिक राजनीतिक जीवन में वे कई बार जेल जा चुके हैं. वे छात्र जीवन से ही राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहे. उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव 1980 में जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में इटवा विधानसभा क्षेत्र से जीता. उन्होंने 1985 तथा 1989 में क्रमशः लोकदल तथा जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में इस जीत को दोहराया. वे 1991 तथा 1996 के विधानसभा चुनाव हार गए. 1996 में वे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे. हालांकि पांडेय को 1991 में मुलायम सिंह यादव सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया. साल 1993 में उन्हें श्रम एवं सेवायोजन मंत्री बनाया गया. इसके बाद उन्होंने 2002, 2007, 2012 और 2022 के विधानसभा चुनावों में चार चुनावी जीत दर्ज की.
पांडेय समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता थे, जिन्होंने कई बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में अपनी सेवाएं दी हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना कंस से कर दी. पांडेय ने कहा कि जैसे कंस को श्री कृष्ण के जन्म का डर था, वैसे ही योगी भी डरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कंस की तरह योगी भी विपक्ष को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. देखिए VIDEO
CM योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में कहा कि मुझे अच्छा लगा कि नेता प्रतिपक्ष (माता प्रसाद पांडेय) समाजवादी से अब सनातनी हो गए है. देखिए VIDEO
उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय ने राज्य में हो रही मुठभेड़ों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यूपी में होने वाली मुठभेड़ें आमने-सामने की नहीं होतीं और इनमें पुलिस कभी घायल नहीं होती. पांडे ने सवाल किया कि यूपी में सिर्फ गोली मारकर पैर तोड़ने वाले एनकाउंटर ही क्यों होते हैं? देखें VIDEO
लखनऊ: विधानसभा में ठेके के नाम पर 50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि विधानसभा पुस्तकालय के समीक्षा अधिकारी प्रवेश कुमार मिश्रा ने खुद को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे का रिश्तेदार बताकर ठगी की. इस मामले में लखनऊ की महानगर कोतवाली में प्रवेश कुमार मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
संभल की शाही जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान उत्पन्न हिंसा के आरोप में पुलिस ने 24 नवंबर को आरोपियों की फोटो जारी की है. दो दिन पूर्व जेल भेजे गए 21 दंगाइयों की तस्वीरें जिला प्रशासन द्वारा साझा की गई हैं. इस घटना को लेकर बीजेपी और सपा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. माता प्रसाद पांडेय का कहना है कि ये लोग पोस्टर लॉन्च कर कुछ भी करने की स्थिति में हैं.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सबसे पहले यूपी विधानसभा में अपनी कुर्सी (नेता विपक्ष) को लेकर जो नियुक्ति की, उसने हर किसी को हैरत में डाल दिया. उन्होंने नेता विपक्ष के तौर पर माता प्रसाद पांडे का चयन किया. माता प्रसाद ब्राह्मण समाज से आते हैं और पुराने समाजवादी हैं. वे दिवंगत मुलायम सिंह यादव के नजदीकी और संस्थापक सदस्यों में रहे.
यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सीएम योगी के सख्त अंदाज वाले रूप को लेकर कहा कि ये सब उम्र का असर है. चाहे तो आप किसी पर बुलडोजर चलवा दीजिए या किसी का घर गिरवा दीजिए. इसमें आपकी गलती नहीं है, ये उम्र ही ऐसी है.
यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सीएम योगी के सख्त अंदाज वाले रूप को लेकर कहा कि ये सब उम्र का असर है. चाहे तो आप किसी पर बुलडोजर चलवा दीजिए या किसी का घर गिरवा दीजिए. इसमें आपकी गलती नहीं है, ये उम्र ही ऐसी है.
माता प्रसाद पांडे को उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है. इस रेस में इंद्रजीत सरोज, रामअचल राजभर और तूफानी सरोज भी चल रहे थे, लेकिन अखिलेश यादव ने विधानसभा में अपना उत्तराधिकारी ब्राह्मण चेहरे को बनाया है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पीडीेए फॉर्मूले के बाद सोशल इंजीनियरिंग का एक और दांव खेला है. माता प्रसाद पांडेय के रूप मे एक ब्राह्मण को यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाकर उन्होंने बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है.