मथुरा (कृष्ण जन्मस्थान)
हिंदू धर्म में, मथुरा (Mathura) कृष्ण का जन्मस्थान (Krishna’s Birthplace) है, जो कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर (Krishna Janmasthan Temple Complex) में स्थित है. यह सप्त पुरी में से एक है. प्राचीन काल में, केशव देव मंदिर कृष्ण के जन्मस्थान (एक भूमिगत कारागार) के स्थान पर बनाया गया था. कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर मंदिरों का एक समूह है. ये मंदिर उस स्थान पर बनाए गए हैं जहां भगवान कृष्ण का जन्म माना जाता है, औरंगजेब द्वारा निर्मित ईदगाह मस्जिद (Eidgah Mosque Built by Aurangzeb) के करीब स्थित है.
छठी शताब्दी ईसा पूर्व (6th Century BC) से इस स्थान का धार्मिक महत्व रहा है. इन मंदिरों को इतिहास में कई बार नष्ट किया गया, सबसे हाल में मुगल सम्राट औरंगजेब द्वारा 1670 में इसके स्वरूप को बिगाड़ा गया. उसने वहां ईदगाह मस्जिद का निर्माण किया जो अभी भी खड़ा है. 20वीं शताब्दी में, मस्जिद से सटे नए मंदिर परिसर का निर्माण उद्योगपतियों की आर्थिक मदद से किया गया था, जिसमें केशवदेव मंदिर, जन्मस्थान पर गर्भ गृह मंदिर और भागवत भवन शामिल थे.
हिंदू परंपराओं के अनुसार, मथुरा सुरसेन के राज्य की राजधानी थी, जिस पर कृष्ण के मामा कंस (Maternal Uncle Kansa) का शासन था. कृष्ण का जन्म देवकी और वासुदेव (Devaki and Vasudeva) के घर एक जेल की कोठरी में हुआ था. मान्यताओं के अनुसार, कृष्ण को समर्पित एक मंदिर का निर्माण उनके परपोते वज्रनाभ (Vajranabh) ने किया था. कृष्ण जन्मस्थान के रूप में जाना जाने वाला वर्तमान स्थल कटरा केशवदेव के रूप में जाना जाता था. स्थल की पुरातात्विक खुदाई से छठी शताब्दी ईसा पूर्व के मिट्टी के बर्तनों और टेराकोटा का पता चला था.
मंदिर परिसर में केशवदेव मंदिर, गर्भ गृह मंदिर और भागवत भवन शामिल हैं
केशवदेव मंदिर (Keshavdeva Temple)
केशवदेव मंदिर का निर्माण रामकृष्ण डालमिया ( Ramkrishna Dalmia) ने अपनी मां जडियादेवी डालमिया की याद में करवाया था. मंदिर का निर्माण 29 जून 1957 को शुरू हुआ और 6 सितंबर 1958 को हनुमान प्रसाद पोद्दार ( Hanuman Prasad Poddar) द्वारा इसका उद्घाटन किया गया. यह शाही ईदगाह के दक्षिण में स्थित है.
गर्भ गृह तीर्थ (Garbha Griha shrine)
ऐसा कहा जाता है कि शाही ईदगाह का निर्माण मूल मंदिर के सभामंडप पर किया गया था और गर्भगृह छोड़ दिया गया था. इसे जेल की कोठरी का स्थान माना जाता है जहां कृष्ण का जन्म माना जाता है. विशाल बरामदे के साथ एक संगमरमर का मंडप और एक भूमिगत जेल कक्ष बनाया गया था. इसके पास आठ भुजा वाली देवी योगमाया (Goddess Yogmaya) को समर्पित एक मंदिर है. यह शाही ईदगाह की पिछली दीवार के सामने स्थित है.
भागवत भवन (Bhagavata Bhavan)
श्रीमद्भागवत (Shrimad Bhagavata) को समर्पित मंदिर का निर्माण 11 फरवरी 1965 को शुरू किया गया था और देवताओं की स्थापना समारोह 12 फरवरी 1982 को आयोजित किया गया था. इसमें पांच मंदिर शामिल हैं: मुख्य मंदिर जिसमें राधा और कृष्ण (Radha and Krishna) के छह फीट लंबे जोड़े हैं; दाहिनी ओर बलराम (Balarama), सुभद्रा (Subhadra) और जगन्नाथ (Jagannatha) का मंदिर, बाईं ओर राम, लक्ष्मण और सीता (Ram, Lakshmana and Sita) का मंदिर, जगन्नाथ मंदिर के सामने गरुड़ स्तंभ और चैतन्य महाप्रभु (Chaitanya Mahaprabhu) और राम मंदिर के सामने हनुमान, दुर्गा का मंदिर और शिवलिंग वाला मंदिर. सभा भवन की छत, दीवारों और स्तंभों को कृष्ण और उनके सहयोगियों और भक्तों के जीवन की घटनाओं को दर्शाने वाले भित्ति चित्रों से सजाया गया है. तांबे की प्लेटों पर उत्कीर्ण भगवद गीता का पाठ मुख्य मंदिर की परिक्रमा की दीवारों को सुशोभित करता है. परिसर में मालवीय और बिड़ला की मूर्तियां हैं.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे. वहां सीएम योगी ने प्रभु श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की. चांदी के कलश में भरे पंचामृत से भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया. उनके चरणों में फूल अर्पित किए. देखिए सीएम योगी की आराधना का वीडियो.
मथुरा कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया है. इस पर रिएक्शन देते हुए हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई जारी रखने का फैसला सुनाया है. प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का नैरिटिव ध्वस्त हुआ.
मथुरा की लोकसभा सीट हाईप्रोफाइल है, लेकिन इस हाईप्रोफाइल सीट का मिजाज क्या है. चित्रा त्रिपाठी के साथ जानिए कैसा है मथुरा का चुनावी माहौल, देखें जॉय ई-बाइक रिपोर्टर.
श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिकाएं खारिज कर दी हैं. कोर्ट ने माना कि हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने का कोई मतलब नहीं बनता. मस्जिद कमेटी ने मामले में दायर 15 अलग-अलग याचिकाओं को जोड़कर एक साथ सुनवाई के फैसले को चुनौती दी थी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद की पेशी से वापस लौट रहे पक्षकार को जान से मारने की धमकी दी गई है... दरअसल श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट मथुरा के अध्यक्ष आशुतोष पांडेय श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में मुख्य वादी भी हैं... प्रयागराज से मथुरा वापस लौटते समय पाकिस्तान के व्हाट्सएप नंबर से आशुतोष पांडेय को धमकी भरा कॉल किया गया... पांडेय के मुताबिक कॉलर ने मुकदमा वापस न करने पर बम से उड़ाने की धमकी दी है..पुलिस ने मामले अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी है...
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इरफान हबीब ने एक बार फिर ज्ञानवापी और मथुरा के मामले पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने भले ही काशी व मथुरा में मंदिरों की जगह मस्जिद बनवा दी, लेकिन यह बात भी सच है पिछले 300 सालों से वहां पर मस्जिद है. अब ऐसे में क्या मस्जिदों को तोड़कर वापस से मंदिर बनाया जाएगा. ऐसे में आप में और औरंगजेब में क्या अंतर रह गया.
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में आज फिर सुनवाई होगी. दोनों पक्षों में बहस होगी, उसके बाद विवादित परिसर के सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर और टीम तय की जाएगी. हाईकोर्ट ने 14 दिसंबर को पिछली सुनवाई में श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से दाखिल अर्जी मंजूर कर ली थी.
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है.
'भगवान श्रीकृष्ण विराजमान' और 7 अन्य लोगों ने वकील हरि शंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, प्रभाष पांडे और देवकी नंदन के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर करके सर्वे की मांग की थी. याचिका में दावा किया गया था कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है.
मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में हिंदू पक्ष को बड़ी जीत मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शाही ईदगाह के सर्वे को मंजूरी दे दी. हिंदू पक्ष की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति को भी हरी झंडी दे दी. देखें रिपोर्ट.
मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का आज फैसला आएगा.हिंदू पक्षकार की तरफ से दाखिल कोर्ट कमीशन सर्वे की मांग वाली याचिका पर 16 नवंबबर को सुनवाई पूरी हो चुकी है. कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. हिंदू पक्षकारों की तरफ से तीन वकीलों का कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने और मथुरा के शाही ईदगाह परिसर का सर्वे कराए जाने की मांग की है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद वाले स्थल को कृष्ण जन्मभूमि घोषित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है...महक माहेश्वरी और एक अन्य व्यक्ति की दायर जनहित याचिका पर बुधवार को ये फैसला दिया गया...चीफ जस्टिस प्रितिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की बेंच ने चार सितंबर को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था...
मथुरा के श्रीकृष्णजन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को इलाहाबाद के संबंधित रजिस्ट्रार को तमाम फाइलों और मुकदमों की सूची के साथ तलब किया है जिन्हें जिला कोर्ट से हाईकोर्ट में ट्रांसफर किए जाने की सिफारिश की गई है. वहीं शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी ने इसे चुनौती दी है.
अब मथुरा पर कानूनी लड़ाई, जानिए इस केस का इतिहास.
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर स्थित शाही मस्जिद ईदगाह में हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं के हनुमान चालीसा का पाठ के ऐलान के बाद एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही हर व्यक्ति को चेकिंग करने के बाद ही एंट्री दी जा रही है. एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी अफवाह फैलाने वाले लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है.
मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि पर यूपी सरकार कॉरिडोर बनाने की योजना बना रही है. उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी इलाहाबाद हाईकोर्ट को दी. उत्तर प्रदेश सरकार ने ये जानकारी मंदिर में बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधाएं देने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दी.