तौकीर रजा खान (Maulana Tauqeer Raza) उत्तर प्रदेश के नेता और मौलवी हैं. वे बरेली सुन्नी मुसलमानों के धार्मिक नेता हैं और उत्तर प्रदेश में स्थित राजनीतिक दल इत्तेहाद-ए-मिल्लत परिषद (IEMC) के संस्थापक हैं. वे सुन्नी इस्लाम के बरेलवी आंदोलन के संस्थापक अहमद रजा खान बरेलवी के परपोते हैं. उनहोंने देवबंदियों द्वारा भेदभाव का आरोप लगाते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से नाता तोड़ दिया था. बाद में वे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (जदीद) के प्रमुख बने.
मौलाना तौकीर रजा को उनके राज्य के हथकरघा विभाग के उपाध्यक्ष के पद पर पदोन्नत किया गया था. मुजफ्फर नगर दंगों के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. 2016 में उन्होंने मुसलमानों के बीच एकता बनाने के प्रयास में देवबंद का दौरा किया. इसके लिए उनके अपने संप्रदाय के मौलवियों ने उनकी आलोचना की.
मौलाना रजा खान बरेलवी एक राजनीतिक परिवार से आते हैं. उनके दो बड़े भाई, सुभान रजा खान और अहमद रजा खान बरेलवी की दरगाह-ए-आला हजरत के सज्जादानशीन थे.
Waqf Amendment Bill: बरेली के मौलानाओं ने वक्फ बिल पर प्रतिक्रिया दी है. दरगाह आला हजरत के प्रचारक और ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने इस बिल का समर्थन किया है. वहीं, आईएमसी यानी कि मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने बिल के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की है.
Harbhajan on Shami ramadan fast controversy: हरभजन सिंह ने मोहम्मद शमी के चैम्पियंस ट्राफी के दौरान रोजा ना रखने का बचाव किया है. उन्होंने नाम लिए बिना मौलाना पर पलटवार किया है.
Tauqeer Raza And Dhirendra Shastri: तौकीर रजा ने यह भी कहा कि पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगे लेकिन सीमा तय कर दी जाए. अगर किसी की खुशी से जान-माल की हानि हो रही है तो उसपर सख्ती करना बेहद जरूरी है.
बरेली में मौलाना तौकीर रजा खां ने एक बार फिर से भड़काऊ बयान दिया. उन्होंने कहा कि आखिर कब तक नबी की शान में गुस्ताखी होती रहेगी. अब धरना-प्रदर्शन नहीं किया जाएगा, ज्ञापन नहीं दिया जाएगा, बल्कि देश को जाम किया जाएगा.
यूपी के बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा खान एक बार फिर से विवादों में हैं. दरअसल मौलाना ने जिला प्रशासन को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने धार्मिक सामूहिक विवाह आयोजन की इजाजत मांगी है. इस मामले पर पुलिस की सख्ती देख अब मौलाना तौकीर रज़ा ने यूटर्न लिया है.
इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उन्होंने 21 जुलाई को बरेली में 5 जोड़ों का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें इस्लाम धर्म कबूल कराने और सामूहिक निकाह कार्यक्रम का आयोजन करने का ऐलान किया है.
इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IEMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा एक बार फिर चर्चा में हैं. उन्होंने 21 जुलाई को बरेली के खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में सुबह 11 बजे 5 जोड़ों का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें इस्लाम धर्म कबूल कराने और सामूहिक निकाह कार्यक्रम का आयोजन करने का ऐलान किया है.
मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना तौकीर रजा ने 21 जुलाई को यूपी के बरेली में सामूहिक धर्मांतरण का ऐलान किया है. प्रशासन की ओर से अब तक तौकीर रजा के कार्यक्रम की इजाज़त नहीं मिली लेकिन इस पर सियासत गर्मा गई है. बीजेपी के तमाम नेताओं ने तौकीर रजा के इस ऐलान पर करारा प्रहार किया. देखें ये वीडियो.
यूपी के बरेली में मौलाना तौकीर रजा खान के धर्म परिवर्तन और सामूहिक निकाह कार्यक्रम का आयोजन करने के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है.
तौकीर रजा ने दावा किया है कि उनके पास ऐसे 23 प्रार्थना पत्र हैं, जिनमें इस्लाम धर्म कबूल करने की इच्छा जताई है. इनमें 15 लड़कियां और 8 लड़के हैं. मौलाना ने कहा कि कई मुस्लिम युवतियां हिंदू धर्म अपना चुकी हैं, लेकिन किसी भी हिंदू संगठन ने इस पर विरोध नहीं जताया है. इसलिए हमारे इस कार्यक्रम पर भी कोई धार्मिक संगठन विरोध नहीं जताएगा.
मौलाना तौकीर रजा खान के ऐलान के बाद पुलिस ने साफ कह दिया है कि बिना अनुमति के इस प्रकार के किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं करने दिया जाएगा. अगर कोई जोर-जबरदस्ती करेगा तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा.