महाशियान दी हट्टी प्राइवेट लिमिटेड एमडीएच MDH) के नाम से कारोबार करती है. यह एक मसाला उत्पादक और विक्रेता है, जो नई दिल्ली में स्थित है. यह 12 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ भारतीय बाजार में दूसरी सबसे बड़ी मसाला कंपनी है.
इसकी स्थापना 1959 में धर्मपाल गुलाटी ने की थी. वह अपने जीवन के अंत तक इसके सीईओ बने रहे. धर्मपाल गुलाटी का 3 दिसंबर 2020 को निधन हो गया था. इसके बाद, उनके बेटे राजीव गुलाटी ने कंपनी की कमान संभाली और एमडीएच ब्रांड का चेहरा बन गए.
महाशय चुन्नीलाल गुलाटी ने 1919 में ब्रिटिश भारत के सियालकोट में मसाला कंपनी की स्थापना की, जो 1947 से वर्तमान में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है. यह महाशय चुन्नीलाल चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ा है.
देश के दो बड़े मसाला ब्रांड एवरेस्ट और MDH की गुणवत्ता को लेकर विदेश में सवाल उठ रहे थे. अब इस मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण का बयान आया है. इसके मुताबिक, भारत के दोनों बड़े ब्रांड्स में एथिलीन ऑक्साइड के निशान नहीं मिले हैं. देखें वीडियो.
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हॉन्ग कॉन्ग और सिंगापुर की फूड एजेंसी ने एवरेस्ट के फिश करी मसाला पर रोक लगा दी थी. सिंगापुर ने एवरेस्ट के फिश करी मसाला के ऑर्डर को रिटर्न कर दिया था. उन्होंने दावा किया था कि फिश करी मसाला में एथिलीन ऑक्साइड तय मात्रा से कहीं ज्यादा है.
हॉन्गकॉन्ग..सिंगापुर...और अब नेपाल. इन तीनों देशों ने भारत की दो बड़ी मसाला कंपनियों MDH और एवरेस्ट के प्रोडक्ट्स पर बैन लगा दिया. दरअसल, इन दोनों मसाला कंपनियों के कुछ उत्पादों में कथित रूप से एथिलीन ऑक्साइड की मात्रा ज्यादा मिली थी. एथिलीन ऑक्साइड एक तरह का पेस्टीसाइड है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
भारत के दो बड़े मसाला ब्रांड- MDH और एवरेस्ट के उत्पादों को अब नेपाल में भी बैन कर दिया गया है. इससे पहले हॉन्गकॉन्ग और सिंगापुर ने भी ऐसा ही किया था. इनके मसालों में कथित रूप से हानिकारक केमिकल की मात्रा ज्यादा पाई गई है. ऐसे में समझते हैं कि आखिर भारत के मसलाों को लेकर दुनिया को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है?
नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के प्रवक्ता मोहन कृष्णा महाराजन ने कहा कि एवरेस्ट और एमडीएच ब्रांड के मसालों के आयात पर बैन लगा दिया गया है. हमने बाजार में इन मसालों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. इन मसालों में हानिकारक रसायन होने की खबर मिलने के बाद ये कदम उठाया गया है. इन दोनों ब्रांड के मसालों में खतरनाक रसायनों की जांच चल रही है. इसकी जांच रिपोर्ट आने तक प्रतिबंध जारी रहेगा.
हांगकांग और सिंगापुर में भारतीय मसाला कंपनियों एमडीएच और एवरेस्ट के चार मसालों की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध की जांच के बाद भारत सरकार ने इन मसालों की गुणवत्ता पर जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही देश में बिकने वाले दूसरी कंपनियों के मसालों की भी जांच का आदेश दिया है.
भारत की दो बड़ी मसाला कंपनियां- एमडीएच और एवरेस्ट सवालों के घेरे में आ गई हैं. हॉन्गकॉन्ग ने इन दोनों कंपनियों के कुछ मसालों को बैन कर दिया है. इनमें कथित तौर से एथिलीन ऑक्साइड की मात्रा ज्यादा पाई गई है. एथिलीन ऑक्साइड से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
US FDA Inquiry Against MDH-Everest : हांगकांग, सिंगापुर और मालद्वीव के बाद अब अमेरिका में भी भारतीय मसाला ब्रांड्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने MDH और Everest मसालों की जांच शुरू कर दी है.
MDH Masale का इतिहास आजादी से पहले का है और ये विभाजन के बाद पाकिस्तान से दिल्ली के करोलबाग पहुंचा था. यहां एक छोटी सी दुकान से शुरू हुआ इसका सफर हजारों करोड़ रुपये के बिजनेस में तब्दील हो गया.