मेहसाणा
मेहसाणा (Mehsana) भारत के राज्य गुजरात (Gujarat) का एक जिला है. इस जिले को मेहसाना भी लिखा जाता है. इसका प्रशासनिक मुख्यालय यहीं पर है. यह जिला गुजरात के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है. इसकी सीमाएं पश्चिम में पाटन, उत्तर में बनासकांठा, पूरब में साबरकांठा और गांधीनगर और दक्षिण में अहमदाबाद जिले से मिलती हैं. इसका क्षेत्रफल 4,401 वर्ग किलोमीटर है (Geographical Area).
मेहसाणा जिले के अंतर्गत 1 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Parliamentary Constituency) और 7 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (Assembly Constituency) आते हैं.
2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक मेहसाणा जिले की जनसंख्या (Population) 20 लाख से ज्यादा है और यहां हर एक वर्ग किलोमीटर में 462 लोग रहते हैं. इस जिले का लिंग अनुपात (Sex Ratio) प्रति 1000 पुरुष 926 महिला है. इस जिले की 83.61 फीसदी जनसंख्या साक्षर है, जिसमें पुरुष साक्षरता दर 91.39 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता 75.32 फीसदी है (Mehsana Literacy).
मेहसाणा की स्थापना विक्रम संवत 1414 में चावड़ा राजवंश के मेसाजी चावड़ा ने की थी. बाद में, गायकवाड़ ने 1902 में मेहसाणा में अपना प्रशासनिक मुख्यालय स्थापित किया. 1947 में भारत की स्वतंत्रता के साथ मेहसाणा को भारत संघ में मिला दिया गया. यह बॉम्बे राज्य का हिस्सा था. बाद में 1960 में बॉम्बे राज्य का विभाजन महाराष्ट्र और गुजरात में हुआ और मेहसाणा गुजरात के जिलों में से एक बन गया. मेहसाणा शहर में गायकवाड़ द्वारा बनवाया गया एक स्थान है जिसे राजमहल के नाम से जाना जाता है (History of Mehsana).
मेहसाणा में कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं. शहर से 10 किमी दूर स्थित गणपत विश्वविद्यालय, आईटी, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, कृषि, विज्ञान, प्रबंधन, कला और वाणिज्य जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करता है. गुजरात पावर इंजीनियरिंग कॉलेज और सैफ्रॉनी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग और प्रबंधन में पाठ्यक्रम प्रदान करता है. टी. जे. हाई स्कूल परिसर में 124 साल पुराना गुरुकुल इंग्लिश मीडियम स्कूल है. सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी शिक्षा प्रदान करने के लक्ष्य के साथ इस स्कूल को वर्ष 2012 में अंग्रेजी माध्यम से शुरू किया गया है (Educational Institutions in Mehsana).
मेहसाणा लगभग 900 साल पुराने सूर्य मंदिर के लिए बहुत प्रसिद्ध है. यहां स्थित तरंगा, मोदहरा, पाटन, संकेश्वर और महुडी जैन मंदिरों के लिए लोकप्रिय है. जिले का वाडनगर हडकेश्वर मंदिर के लिए चिर्चित है. थोल वन्यजीव अभयारण्य अहमदाबाद से 40 किलोमीटर दूर स्थित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थल है. जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की विविध प्रजातियां यहां देखी जा सकती हैं (Tourist Places in Mehsana).
गुजरात के मेहसाणा, खेड़ा और आनंद के कई गांवों के युवाओं में विदेश जाने का जबरदस्त क्रेज है. खास तौर पर मेहसाणा में बड़ी संख्या में आईईएलटीएस कोचिंग सेंटर खुल हुए हैं. इसके अलावा गैरकानूनी तरीके से भी वह विदेश पहुंचते हैं. गुजरात आजतक में देखें ये ग्राउंड रिपोर्ट.
गुजरात के मेहसाणा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक करसनभाई सोलंकी का 57 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने मंगलवार (4 फरवरी) सुबह 4 बजे ली अंतिम सांस ली. सोलंकी एसोफेगल कैंसर से पीड़ित थे.
मेहसाणा जिले के विजापुर स्थित प्रभुनगर सोसायटी में रहने वाला सुथार परिवार कुछ समय पहले नौकरी के लिए अहमदाबाद शिफ्ट हुआ था. इसी बीच 27 अक्टूबर को 43 वर्षीय बृजेश सुथार अचानक अपने घर से गायब हो गया. परिवार ने आसपास के इलाके में बृजेश की तलाश की. लेकिन बृजेश का कोई सुराग नहीं लगा.
गुजरात के मेहसाणा से एक कंस्ट्रक्शन साइट पर हादसा हो गया. यहां मिट्टी धंसने से कई मज़दूरों की जान चली गई, जबकि कुछ और मज़दूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है. मिट्टी की खुदाई के दौरान ये हादसा हुआ. देखें ये वीडियो.
गुजरात के मेहसाणा में शनिवार को एक कंस्ट्रक्शन साइट पर अचानक मिट्टी धंस गया, जिसमें सात मजदूरों की मौत हो गई. यह हादसा दोपहर के समय हुआ जब मजदूर एक फैक्ट्री के भूमिगत टैंक के लिए गहरा गड्ढा खोद रहे थे. संभावना है कि मलबे में और भी कुछ मजदूर फंसे हो सकते हैं.
गुजरात के मेहसाणा की स्पर्श विला सोसायटी से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां साइकिल चला रही 4 साल की मासूम सड़क पर गिर जाती है और लापरवाह ड्राइवर उसे कुचलते हुए चला जाता है.
गुजरात में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए और बारिश का अलर्ट जारी किया है. मेहसाना, खेड़ा, साबरकाठा, अरावली और बनासकांठा जिलों में भारी जलभराव हुआ है. कई जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. सड़कों पर कमर तक पानी भर गया है और गाड़ियां डूब गई हैं. मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक बारिश की भविष्यवाणी की है.
कानपुर के तंबाकू बिजनेसमैन केके मिश्रा की बंशीधर ग्रुप के दिल्ली, मुंबई, गुजरात समेत करीब 20 ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है. 29 फरवरी को शुरू हुई छापेमारी के बाद अब तक आयकर विभाग ने 150 रुपये की कर चोरी पकड़ी है. कंपनी ने बिना किसी कागजी प्रक्रिया के बड़े पान मसाला ग्रुप को माल बेचा है. उस पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है.
पीेएम मोदी अपने गुजरात दौरे पर हैं. पीएम ने पहले अमूल के कार्यक्रम में कई हजारों किसानों को संबोधित किया. और उसके बाद रोड शो भी किया. अब पीएम मेहसाणा पहुंचे, वहां उन्होंने वालीनाथ मंदिर में पूजा पाठ भी किया. देखें.
लोकसभा चुनाव 2024 बेहद नज़दीक हैं. नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए पूरा ज़ोर लगा रही है. वहीं, विपक्षी दल भी उलटफेर करने की रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. चुनाव से पहले गुजरात की मेहसाणा सीट पर क्या हैं सियासी समीकरण, वीडियो में जानिए. (रिपोर्ट: ब्रिजेश दोशी)
गुजरात दौरे के पहले दिन पीएम मोदी ने अहमदाबाद से बनासकांठा और अंबाजी से मेहसाणा का दौरा किया. मेहसाणा की जनसभा में उन्होंने जनता को मजबूत सरकार का मतलब समझाया. साथ ही गुजरात में करीब 6 हजार करोड़ की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. देखें गुजरात आजतक.
गुजरात में एक शादी समारोह के दौरान लाखों के नोट हवा में उड़ा दिए गए. इस दौरान नोटों को लूटने के लिए लोगों की भीड़ लग गई और लोग हाथापाई तक करने लगे. बताया जा रहा है कि यह मामला मेहसाणा के अगोल गांव का है, यहां पूर्व सरपंच के भतीजे की शादी थी, जिसमें रिश्तेदारों ने नोट उड़ाए.
गुजरात के मेहसाणा में पैराग्लाइडिंग के दौरान एक दक्षिण कोरियाई नागरिक 50 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिर गया. इससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया. आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता नितिन पटेल ने मेहसाणा में जीत की संभावनाओं के बारे में पूछने पर कहा कि हम मेहसाणा में जीत का परचम लहराएंगे. उन्होंने कहा कि जिस तरह से सुंदर बच्चे को नजर से बचाने के लिए मां काला टीका लगाती है, लगता है बीजेपी के नेताओं ने मेरी बढ़ती लोकप्रियता देखते हुए मुझे काला टीका लगाया है.
गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थानीय स्तर पर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कहना है कि नितिन पटेल के चुनाव नहीं लड़ने से जिले में पार्टी को नुकसान होने की संभावना है. बता दें कि 68 वर्षीय नितिन पटेल दो बार मेहसाणा शहर से भाजपा के विधायक रह चुके हैं. वे अब तक कुल पांच बार भाजपा विधायक रह चुके हैं.
भारत सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए वहां के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का ऐलान किया है. सरकार के इस फैसले से गुजरात के मेहसाणा और आणंद में रह रहे पाकिस्तान से आए परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है.
Gujarat Vidhansabha Election 2022: मेहसाणा जिले की कडी विधानसभा सीट के जातिगत आंकड़े की बात करें तो यहां पाटीदार 26.7 फीसदी, ठाकोर 21.8 फीसदी, राजपूत 2.8 फीसदी, सौरन 3.2 फीसदी, मुस्लिम 9.6 फीसदी, ओबीसी 16.1 फीसदी और एससी 19. 4 प्रतिशत है. इस सीट पर पाटीदार और ठाकोर वोटरों का दबदबा है.
Gujarat Vidhansabha Election 2022: मेहसाणा जिले की बीजापुर सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो यहां पाटीदार वोटर 37.7 फीसदी, ठाकोर 16.2 फीसदी, क्षत्रिय 11.6 फीसदी, दलित 11.5 फीसदी, ओबीसी 13.8 फीसदी और ब्राह्मण 4.0 फीसदी हैं. इस सीट पर करीब 70 हजार पाटीदार वोटर हैं. जोकि चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
Gujarat Vidhansabha Election 2022: गुजरात की बहुचराजी विधानसभा सीट साल 2012 में पाटण के चाणस्मा विधानसभा क्षेत्र के बंटवारे के बाद अस्तित्व में आई थी. धार्मिक, भौगोलिक के साथ ही इस क्षेत्र का राजनीतिक महत्व भी बहुत अधिक है. यहां लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि और पशुपालन है. इस तालुका में 44 गांवों हैं जिनमें 48 झीलें हैं.
Gujarat Vidhansabha Election 2022: साल 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में खेरालु सीट से बीजेपी के डाभी भरतजी शंकरजी जीते थे. उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार देसाई मुकेश कुमार मोघजीभाई को 21 हजार 415 वोटों से शिकस्त दी थी. खेरालु सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार ठाकोर रामजीभाई सोनाजी तीसरे नंबर पर रहे थे. उन्हें चुनाव में 38 हजार 254 वोट हासिल हुए थे. वहीं बीजेपी के डाभी भरतजी शंकरजी को 59 हजार 847 वोट मिले थे.
Gujarat Election 2022: मेहसाणा जिले की विसनगर विधानसभा सीट पर पाटीदार मतदाताओं का वर्चस्व है. जिनका रुझान बीजेपी की तरफ रहा है. इस वजह से बीजेपी के लिए यह सीट सुरक्षित मानी जाती है. साल 1995 से इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार ही जीतते रहे हैं. हालांकि, पिछले चुनाव में पाटीदार आंदोलन के चलते बीजेपी को वोट जरूर कम मिले थे. बावजूद इसके सीट बीजेपी के खाते में ही गई थी.