मीराबाई चानू, भारोत्तोलन खिलाड़ी
चैंपियन भारतीय वेटलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू (Mirabai Chanu ,Weightlifter) ओलंपिक खेलों में भारत के लिए भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली पहली महिला हैं (First Indian Woman Silver Medalist Weightlifter ). उनका जन्म 8 अगस्त 1994 (Date of Birth) को मणिपुर की राजधानी इम्फाल (Imphal) में हुआ था. उनकी मां साइखोम ओंगबी तोम्बी लीमा और पिता साइखोम कृति मैतेई ने मीराबाई को आसानी से वजनी चीजों को उठाते देखकर शुरुआत में ही उनके हुनर को पहचान लिया था (Mirabai family).
उन्हें पहली बड़ी सफलता 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल के रूप में मिली (Glasgow Commonwealth Games). महज 19 साल की उम्र में, उन्होंने कुल 170 किलोग्राम वजन उठाया जो स्वर्ण पदक विजेता से सिर्फ तीन किलो कम था.
मीराबाई 2016 रियो ओलंपिक्स में छह प्रयासों में सिर्फ एकबार भार उठा सकीं. महज एक साल बाद, उन्होंने जोरदार वापसी की, और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में गोल्ड मेडल को अपने नाम किया (gold at Commonwealth Championships). 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद उन्हें पीठ की चोट से जूझना पड़ा जिसके चलते वह लगभग 10 महीने तक खेल से बाहर रहीं.
इंजरी से वापसी करते हुए, उन्होंने 2019 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप्स के क्लीन एंड जर्क के 49 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता (Bronze in Clean and Jerk at 49 kg Category at 2019 Asian Weightlifting Championships). वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप्स 2019 में उन्होंने कुल 201 किलोग्राम वजन उठाकर चौथा स्थान हासिल किया.
मीराबाई को सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता 2020 टोक्यो ओलंपिक्स में मिली, महिलाओं के 49 किलो वर्ग में उन्होंने कुल 202 किलोग्राम वजन उठाया और भारत को टोक्यो गेम्स में पहला मेडल जिताया (2020 Tokyo Olympics women's 49 kg event). रजत पदक जीतकर वह 1900 से 2021 तक के ओलंपिक्स के लंबे सफर में भारत की 17वीं व्यक्तिगत पदक विजेता बन गईं.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @mirabai_chanu है. उनका फेसबुक पेज Saikhom Mirabai Chanu के नाम से है और वे इंस्टाग्राम पर mirabai_chanu यूजरनेम से एक्टिव हैं.
ओलंपिक इतिहास में कई ऐसी महिला एथलीट्स रही हैं, जो ओलंपिक में पीरियड्स की वजह से अपना 100 पर्सेंट देने में सफल नहीं रहीं. पेरिस ओलंपिक की बात करें तो इस साल भी भारत की ही दो महिला एथलीट्स पीरियड्स की वजह से मेडल तक नहीं पहुंच पाईं. इन एथलीट में विनेश फोगाट और मीराबाई चानू का नाम शामिल है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर महिला एथलीट्स को इस दौरान किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और कैसे वो पीरियड्स के लिए तैयार करती हैं.
Olympics 2024: ओलंपिक एथलीट्स के लिए मेडल जीतना एक सपने जैसा होता है, जिसके लिए वे लंबे समय से मेहनत करते हैं. लेकिन, गेम वाले दिन अच्छा दिन होने की वजह से जीत हासिल नहीं कर पाते हैं.
Mirabai Chanu Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक में मीराबाई चानू बेहद मामूली अंतर से भारत को वेटलिफ्टिंग में मेडल दिलाने से चूक गईं. मीराबाई ने इस दौरान यह बात भी बताई कि आखिर वह मेडल से क्यों चूक गईं, इसकी वजह क्या रही.
पेरिस ओलंपिक 2024 में 7 अगस्त का दिन भारत के लिए निराशा वाला रहा है. दिन के आखिर में वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू से मेडल की उम्मीद थी, लेकिन वो क्लीन एंड जर्क के अपने आखिरी प्रयास में 114 किलोग्राम वजन नहीं उठा सकीं और मेडल की रेस से बाहर हो गईं.
एक्टर रणदीप हुड्डा स्पोर्ट्स फ्रीक हैं. पेरिस ओलंपिक को वो काफी पैनी नजर से देख रहे हैं. रोज फॉलो कर रहे हैं. रणदीप ने मीराबाई के मेडल न जीतने पर दुख जताया, साथ ही अपनी पोस्ट में मीराबाई को सपोर्ट भी किया.
India at Paris Olympics Day 12 Highlights: पेरिस ओलंपिक 2024 में बुधवार (7 अगस्त) का दिन भारत के लिए बेहद दुर्भाग्यशाली रहा. विनेश फोगाट 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण डिसक्वालिफाई कर दी गईं. वहीं मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में चौथे नंबर पर रहीं. स्टीपलचेज में अविनाश साबले ने भी निराशा किया.
मीराबाई आज (8 अगस्त) को 30 साल की हो गई हैं. ऐसे में अपने बर्थडे पर मीराबाई के पास इतिहास रचने का मौका था, लेकिन वो चूक गईं. 49 किग्रा भार वर्ग में उतरीं मीराबाई ने स्नैच राउंड में बेहतरीन प्रयास किया था और इस राउंड के बाद तीसरे नंबर पर रही थीं. उन्होंने इस राउंड में 88 किग्रा बेस्ट वजन उठाया था. इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उनसे काफी उम्मीदें थीं. मगर यहां उन्होंने निराश किया.
Paris Olympics 2024 Day 12 (August 7): India's Full Schedule: पेरिस ओलंपिक में आज (7 अगस्त) 12वां दिन है, भारतीय एथलीट अब तक ओलंपिक मे कुल मिलाकर 3 मेडल जीत चुके हैं. ऐसे में आज भारत की लिस्ट में तीन और मेडल जीत सकते हैं, देखिए भारत का पेरिस ओलंपिक में शेड्यूल कैसा रहेगा...
Paris Olympics 2024 का आगाज हो चुका है. 26 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले इस multi-sport event में भारत की तरफ से 16 स्पोर्टिंग इवेंट्स में 117 एथलीट्स पार्टिसिपेट करेंगे. भारत की ओर से किन-किन खेलों में और कौनसे एथलीट्स से ओलंपिक मेडल जीतने की उम्मीद लगाई जा रही है. देखें वीडियो.
Paris Olympics 2024 India's top medal contenders: भारत ने टोक्यो ओलंपिक में 7 मेडल जीते थे. यह भारत का ओलंपिक इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. पेरिस ओलंपिक में भारत कितने मेडल जीत सकता है, कौन से खिलाड़ी दावेदार है. आइए आपको बताते हैं.
मणिपुर में करीब 3 महीने से हिंसा देखने को मिल रही है. वहां आदिवासी के दो समुदाय कुकी और मैतेई के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं. यह हिंसा अभी भी जारी है, जिसमें अब तक 140 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. इसी को लेकर ओलंपिक मेडलिस्ट वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भावुक अपील की है...
वर्ल्ड चैम्पियनशिप में चीन की जियांग हुइहुआ ने कुल 206 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. जबकि माराबाई चनू कुल 200 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक जीतने में सफल रहीं. उन्होंने मंगलवार रात 49 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा पेश करते हुए स्नैच में 87 किग्रा, जबकि क्लीन एवं जर्क में 113 किग्रा वजन उठाया.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल छह मेडल जीते हैं और ये सभी वेटलिफ्टिंग में आए हैं. इस दौरान मीराबाई चनू, जेरेमी लालरिनुंगा और अचिंता शेउली ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. अब चौथे दिन भी भारतीय प्लेयर्स से मेडल की आस है. टेबल टेनिस, लॉन बॉल जैसे खेलों में भारत का मेडल पक्का हो सकता है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के शुरुआती दो दिन टीम इंडिया का जलवा देखने को मिला है. भारत ने अभी तक चार मेडल अपने नाम कर लिए हैं, इनमें एक गोल्ड मेडल भी शामिल है. तीसरे दिन भारत-पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम का मैच भी यहां खेला जाना है. तीसरे दिन भारतीय प्लेयर्स का शेड्यूल इस प्रकार है...