मोरक्को में पिछले कई सालों से सूखे की स्थिति है. सूखे की वजह से पशुओं के चारागाह सूख रहे हैं. पर्याप्त खाना और पोषण न मिल पाने की वजह से पशुओं की संख्या में कमी आई है. भेड़ वहां का प्रमुख पशुधन है जिनकी संख्या बहुत कम हो गई है. इसे देखते हुए वहां के राजा ने ईद को लेकर अपनी जनता से बड़ी अपील की है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मोरक्को में उसका दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है. मंत्रालय ने बयान में कहा, 'राबत (मोरक्को) में हमारे दूतावास ने हमें सूचित किया है कि मॉरिटानिया से रवाना हुई 80 यात्रियों को ले जा रही एक नाव, जिसमें कई पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं, मोरक्को के दखला बंदरगाह के पास पलट गई है. इसमें पाकिस्तानियों सहित कई जीवित बचे लोग दखला के पास एक शिविर में ठहरे हुए हैं.'
50 साल में पहली बार सहारा रेगिस्तान में बाढ़ आई. दुर्लभ बारिश हुई है. दो दिन तक मोरक्को के आसपास बारिश होती रही. इस अजीबो-गरीब मौसम को देख कर पूरी दुनिया हैरान है. यहां तस्वीरों में आपको खूबसूरती दिखेगी... लेकिन ये एक भयावह आपदा की निशानी है.
फ्रांस की राजधानी पेरिस में मोरक्को और अर्जेंटीना के बीच खेले जा रहे फुटबॉल मैच के दौरान बवाल हो गया. मोरक्को के समर्थकों ने आपा खो दिया और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों पर बोतलें फेंकने लगे. इसके अलावा रॉकेट और पटाखे भी दागे. इसकी वजह से खेल को 2 घंटे तक रोकना पड़ा. इसका वीडियो भी सामने आया है.
गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात समिट का उद्घाटन हुआ. इस दौरान पीएम मोदी के साथ-साथ मोरक्को के मंत्री रियाद मेजोर भी वहां मौजूद रहे. उन्होंने पीएम का संबोधन कुछ इस तरह किया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री भी मुस्कुराने लगे. देखें वीडियो.
इजरायल और हमास के बीच युद्ध का गुरुवार को 13वां दिन है. बीते सात अक्टूबर को फिलिस्तीनी आर्म्स ग्रुप हमास ने गाजा पट्टी से रॉकेट हमलों की झड़ी लगा दी थी. ये हमले इजरायल पर किए गए थे. हमास ने हमलों की जिम्मेदारी ली और इसे इजरायल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बताया. हमास ने गाजा पट्टी से करीब 20 मिनट में 5,000 रॉकेट दागे थे.
मोरक्को में आए विनाशकारी भूकंप से मौत का आंकड़ा 3 हजार छू रहा है. वैसे तो इस अफ्रीकी देश में भूकंप आना नई बात नहीं, लेकिन ऐसी तबाही बीते कई दशकों में नहीं दिखी थी. एक तरफ सरकार लोगों की जान बचाने में लगी है तो दूसरी तरफ कंस्पिरेसी थ्योरी भी जोरों पर है.
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक दुनिया में 2 अरब से भी ज्यादा लोग ऐसी जगहों पर रहते हैं, जहां भूकंप का खतरा बहुत ज्यादा है. मोरक्को में आए भूकंप में ताश के पत्तों की तरह घर ढह गए. करीब 3 हजार मौतें इसी वजह से हुईं. इधर सरकारें बार-बार टिकाऊ मकान बनवाने की बात करती हैं. तो क्या भूकंपरोधी मकान बनाना इतना महंगा है कि लोग इससे बचते हैं?
Morocco में आए भूकंप को वैज्ञानिक Blind Earthquake बोल रहे हैं. क्योंकि यह जिस वजह से हुआ है उसका अंदाजा नहीं था. असल में दो टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने से सदियों से शांत पड़ी फॉल्ट लाइन फट गई. जिससे मोरक्को में भयानक तबाही हुई. इस भूकंप ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
कई अमीर देश बारिश पर कंट्रोल करने लगे हैं. लेकिन क्या हो अगर पूरी की पूरी कुदरत ही इंसान के बस में हो जाए! वो चाहे तो दुश्मन देश में भूकंप आए, और वो चाहे तो सुनामी से तबाही मचा दे. ये वेदर वॉरफेयर है. परमाणु हमले से भी ज्यादा खतरनाक. फिलहाल मोरक्कन भूकंप को लेकर अमेरिका पर यही आरोप है.
Morocco में करीब 3 हजार लोगों की जान सिर्फ भूकंप ने नहीं ली है. 6.8 तीव्रता के भूकंप कई जगहों पर आए. लेकिन इतनी संख्या में लोग मारे नहीं गए. फिर मोरक्को में ऐसा क्या हुआ कि मृतकों का आंकड़ा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है. लोगों में मारे जाने की असली वजह असल में भूकंप नहीं कुछ और है... जानिए क्या?
मोरक्को में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 2800 से ज्यादा हो गई है. प्रभावित इलाकों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. मलबा हटाया जा रहा है. नीचे दबे लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. कई इलाकों में खाने-पीने और रहने की समस्या गहरा गई है. तीन दिन से लोग खुले आसमान में रातें गुजार रहे हैं. मिलिट्री के जवान अलग-अलग हिस्सों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं. तस्वीरों में देखिए भूकंप की त्रासदी...
मोरक्को में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब 2100 पहुंची
मोरक्को में आए भयानक भूकंप के चलते अब तक दो हजार से भी ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर मिट्टी में दबे एक नवजात शिशु को बाहर निकालते शख्स का वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है.
मोरक्को में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब तक 2100 तक पहुंच गई है. वहां लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. मलबा हटाया जा रहा है. मलबे में दबी जिंदगियों को बचाने की कोशिश हो रही है. मिलिट्री के जवान अलग अलग हिस्सों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं.
मध्य मोरक्को में 6.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें 2,000 से अधिक लोग मारे गए है और यह आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है. माना जाता है कि पीड़ितों में से कई दुर्गम पहाड़ी इलाकों में हैं, कई शव पहले ही बरामद किये जा चुके हैं.
उत्तरी अफ्रीकी देश मोरक्को में भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है. इस विनाशकारी भूकंप से अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. स्थानीय अधिकारी के मुताबिक, भूकंप से सबसे ज्यादा मौतें पर्वतीय क्षेत्रों में हुई है.
अफ्रीकी देश मोरक्को में सुबह-सुबह भूकंप ने भीषण तबाही मचा दी है. यहां धरती में हुए कंपन के बाद कई इमारतें ढह गईं
तुर्की के बाद अब उत्तर अफ्रीका के देश मोरक्को में भूकंप ने भीषण तबाही मचा दी है. अब तक 632 लोग इस भूकंप की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं. भूकंप से हुए विनाश को देखते हुए मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है. लोगों को मलबे से निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
मोरक्को में भूकंप से भारी तबाही हुई है. अबतक 296 लोगों की मौत हो चुकी है. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की गई. मारकेश से 71 किलोमीटर दूर भूकंप का एपीसेंटर था.
मोरक्को की आधिकारिक न्यूज एजेंसी MAP के मुताबिक, यह दुर्घटना उस समय हुई, जब यात्रियों से भरी हुई एक बस अचानक पलट गई. यह बस डेमनाटे जा रही थी. दुर्घटना के बाद बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया. दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.