नैनीताल
नैनीताल (Nainital) भारत के राज्य उत्तराखंड का एक जिला है. कुमाऊं मंडल और जिले का मुख्यालय नैनीताल शहर में है. उत्तराखंड की न्यायिक राजधानी भी नैनीताल है. इस जिले का क्षेत्रफल 4,251 वर्ग किलोमीटर है (Nainital Geographical Area).
इस जिले में नैनीताल के अलावा गढ़वाल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का आंशिक हिस्सा (Lok Sabha constituency) और छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं (Nainital Assembly Constituency).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक नैनीताल की जनसंख्या (Population) 9 लाख से ज्यादा है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 225 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 934 है. इसकी 83.88 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 90.07 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 77.29 फीसदी है (Nainital literacy).
कुमाऊं क्षेत्र में नैनीताल का विशेष महत्व है. यह छखाता परगने में आता है. छखाता नाम 'षष्टिखात' से बना है, जिसका मतलब होता है साठ ताल. नैनीताल के पहाड़ों में पहले साठ ताल हुआ करते थें इसीलिए इस क्षेत्र को षष्टिखात भी कहा जाता था. यह स्थान पूरी तरह से झीलों से घिरी हुई है. इसे भारत का लेक डिस्ट्रिक्ट कहा जाता है (Lake District).
पौराणिक संदर्भ के अनुसार नैनीताल 64 शक्तिपीठों में से एक है. इन शक्ति पीठों का निर्माण सती के विभिन्न अंगो के गिरने से हुआ है. मान्यता है कि भगवान शिव के सती को जली हुई अवस्था में ले जाते हुए ती की बायीं आंख इस स्थान पर स गिरी थी. इसीलिये इसका नाम नैन-ताल पड़ा जिसका आकार एक काजू की तरह है. बाद में इसका नाम नैनीताल रख दिया गया. इस तालाब के उत्तरी छोर पर नैना देवी का मंदिर है, जहां पर देवी शक्ति की पूजा होती है (Naina Mandir).
इस जिले के प्रमुख पर्यटक स्थलों में नैना झील, नैना देवी मंदिर, तल्ली और मल्ली ताल, भीमताल नौकुचिया ताल हैं. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का विस्तार नैनीताल के क्षेत्रों तक है (Nainital Tourism Places).
Nainital News: गणतंत्र दिवस से पहले सोशल मीडिया पर 'ग्रहों की परेड' की खबरें वायरल हुईं. दावा किया गया कि कई ग्रह सीधी रेखा में 'अलाइन' होंगे. इस घटना को लेकर नैनीताल स्थित एरीज (Aryabhatta Research Institute of Environmental Sciences) के वैज्ञानिक ने पूरी कहानी समझाई है.
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के कोटाबाग ब्लॉक में नशे में धुत एक सरकारी अधिकारी ने तीन नाबालिग लड़कियों को अपनी कार से कुचल दिया. जिससे एक लड़की की मौत हो गई. जबकि दो अन्य घायल हो गई. फिलहाल पुलिस ने आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है.
उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी पर्यटन जोन में 20-25 वर्षीय वयस्क हाथी की मौत हो गई. पार्क प्रशासन के अनुसार, पिछले तीन दिनों से हाथी का पीछा कर रहे बाघ के कारण हाथी थककर गिर गया और उसकी मृत्यु हो गई. मौके पर पहुंची टीम ने शव का पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है.
उत्तराखंड के नैनीताल में खगोल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहला नक्षत्र महोत्सव आयोजित किया गया. इस महोत्सव में देश भर से पर्यटक पहुंचे और उन्होंने खगोलीय घटनाओं का लुत्फ़ उठाया. इस महोत्सव में एस्ट्रो फोटोग्राफी वर्कशॉप, स्टारगेजिंग, सोलर ऑब्जर्वेशन, नेविगेशन और टाइमकीपिंग सेशन शामिल थे.
उत्तराखंड की प्रसिद्ध नैनीझील की गहराई हाल के वर्षों में कम हो गई है, जिससे जल संकट की आशंका बढ़ गई है. पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति बदतर होती गई, तो शहर गंभीर जल संकट का सामना कर सकता है. देखें...
यूपी के प्रतापगढ़ में कुंडा से विधायक राजा भैया (MLA Raja Bhaiya) की पत्नी भानवी सिंह (bhanvi singh) के नाम पर नैनीताल के कैंचीधाम के पास साल 2007 में जमीन खरीदी गई थी. अब इस जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है. इस पर वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा था.
उत्तराखंड में नैनीताल की प्रसिद्ध नैनी झील में एक महिला के गिरने का वीडियो सामने आया है. दरअसल, महिला 15 सितंबर रविवार को नैनीताल में पाषाण देवी मंदिर के पास से झील में गिर गई थी.
नैनीताल (Nainital) में एक महिला झील में गिर गई. इस दौरान एक नाविक (Sailor) और टूरिस्ट (tourist) की नजर उस पर पड़ गई. नाविक ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला की जान बचाई. इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब लोग महिला की जान बचाने वाले युवक की सराहना कर रहे हैं.
अफसरों के मुताबिक, क्लोरीन एक जहरीली गैस है जो सांस लेने में कठिनाई, उल्टी और मतली का कारण बनती है. नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि 50 किलोग्राम के क्लोरीन गैस सिलेंडर से लीक होने के कारण आस-पास के 25-30 घरों में रहने वाले 100 लोगों को वहां से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया.
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी हिंसा के 50 आरोपियों को रिहा कर दिया गया है. इन सभी को उत्तराखंड हाईकोर्ट की तरफ से जमानत दी गई है. हल्द्वानी हिंसा इस वर्ष फरवरी में हुई थी.
किसी इमारत की नींव और दीवारें ही उसे बचा कर रखती हैं. नैनीताल अगर इमारत है तो बलियानाला उसकी नींव. तीन तरफ पहाड़ियां उसकी दीवारें. पहले सिर्फ बलियानाला से भूस्खलन, धंसाव की खबरें आती थीं. अब तो नैनीताल की दीवारों से भी लैंडस्लाइड हो रहा है. पहाड़ियां टूट रही हैं. किसी भी समय यहां बड़ी आपदा आ सकती है. नैनीताल खतरे में है... पढ़िए ये ग्राउंड रिपोर्ट.
उत्तराखंड के जोशीमठ की तरह ही नैनीताल के खुपी गांव में दरारें देखी गई हैं. दरअसल, लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से खुपी गांव में बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते लोग अपने घरों को खाली करके विस्थापन को मजबूर हैं.
नैनीताल के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल टिफिन टॉप में स्थित डोरोथी सीट बारिश की वजह से बह गई. यह वो जगह थी, जहां पर खड़े होकर पर्यटक प्रकृति की सुंदरता को निहारते थे.
उत्तराखंड के नैनीताल में 73 वर्षीय मोहम्मद आबिद हुसैन पिछले 35 सालों से एक ऐसा रेस्टोरेंट चला रहे हैं जिसका नाम हिंदू देवी-देवता के नाम पर रखा गया है. इस रेस्टोरेंट का नाम अन्नपूर्णा शुद्ध शाकाहारी भोजनालय है, जो कि नैनीताल के मॉल रोड़ पर है. देखें वीडियो.
मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट के साथ कहा गया है कि 21 और 22 जुलाई को जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए जिले में रेड अलर्ट घोषित किया गया है. इस दौरान अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और आंधी से संभावित क्षति और रास्ते बाधित होने जैसी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं.
नैनीताल में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शिप्रा नदी उफान पर है. प्रशासन ने सैलानियों को नदियों के किनारे संभल कर जाने की चेतावनी दी है. वहीं, मसूरी में मूसलाधार बारिश के बाद लैंडस्लाइड से कई जगह सड़कें मलबे से पटी पड़ी हैं. कफलानी के पास सैलानी परेशान दिखे.
उत्तराखंड के नैनीताल में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है. जिला प्रशासन ने कई बहुमंजिला इमारतों को लेकर अलर्ट जारी किया है. घरों को खाली कराना शुरू कर दिया है. पिछले साल भी इस इलाके में बड़ा लैंडस्लाइड हुआ था. लैंडस्लाइड से लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है.
मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को नैनीताल जिले के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की भविष्यवाणी की है. जनपद नैनीताल क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों समेत कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है.
मॉनसून के आने के साथ ही हिमालय खून के आंसू रोने लगता है. हर साल बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने होती हैं. एक नई स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि यह लगातार बढ़ती जा रही है. इसकी वजह है लगातार बढ़ता तापमान, पहाड़ों की ऊंचाई और जलवायु परिवर्तन.
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी नैनीताल में मॉर्निंग वाक पर निकले. इस दौरान उन्होंने लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं. सीएम शामी फुटबॉल भी खेलते हुए देखे गए और सड़क किनारे एक चाय की दुकान पर भी गए. जहां उन्होंने चाय बनाई. उत्तराखंड सीएम ने अस्पताल का भी दौरा किया. देखें ये वीडियो.
उत्तराखंड में चार धामों के बाद अब नैना मंदिर में भी रील बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट की ओर से भक्तों और पर्यटकों के कपड़े पहनने को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वो मर्यादित कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश करें.