नालंदा यूनिवर्सिटी
नालंदा यूनिवर्सिटी (Nalanda University) बिहार राज्य के नालंदा जिले के राजगीर (Bihar, Rajgir) में स्थित एक सार्वजनिक केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) है. इसे इंस्टीच्यूट ऑफ नेशनल इम्पॉर्टेंस (INI) और एक्सिलेंस की उपाधि दी गई है. इस विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना 2010 में भारतीय संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई थी. इसे 18 सदस्य देशों का समर्थण प्राप्त है. विश्वविद्यालय की स्थापना के निर्णय का दूसरे और चौथे पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में समर्थन किया गया था. भारत के राष्ट्रपति (President of India) विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं (Nalanda University Visitor).
नालंदा विशेष रूप से एक स्नातक विद्यालय है, जो वर्तमान में मास्टर पाठ्यक्रम और डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी कार्यक्रम प्रदान करता है (Nalanda University Courses).
दरअसल नालंदा विश्वविद्यालय 5वीं और 13वीं शताब्दी के बीच कार्य करता था (Nalanda University 5th Century. नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापना करने के विचार का 2007 में दूसरे पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में सोलह सदस्य देशों ने समर्थन किया था. 2009 में, चौथे पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान, ऑस्ट्रेलिया, चीन, कोरिया, सिंगापुर और जापान सहित आसियान के सदस्य देशों ने भी समर्थन का वादा किया. बिहार की राज्य सरकार ने अपने नए परिसर के लिए स्थानीय लोगों से प्राप्त भूमि विश्वविद्यालय को सौंप दी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात की और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार परियोजना के लिए पर्याप्त धन आवंटित करेगी (Nalanda University History).
28 मार्च 2006 को भारत के 11वें राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (APJ Abdul Kalam) ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के लिए बिहार विधान मंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए इस विचार का प्रस्ताव रखा. 2007 में बिहार विधान सभा ने एक नए विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए एक विधेयक पारित किया.
नालंदा विश्वविद्यालय विधेयक, 2010 जो कि 21 अगस्त 2010 को राज्यसभा में और 26 अगस्त 2010 को लोकसभा में पारित किया गया. इस बिल को 21 सितंबर 2010 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई और इस प्रकार यह एक अधिनियम बन गया. नालंदा यूनिवर्सिटी 25 नवंबर 2010 को अस्तित्व में आया (Nalanda University Foundation).
नालंदा विश्वविद्यालय करीब 800 साल के लंबे इंतजार के बाद पुराने स्वरूप में लौट रहा है. बुधवार को पीएम मोदी ने नए नालंदा विश्वविद्यालय कैम्पस का उद्घाटन किया. जानिए क्या है इस विश्वविद्यालय का गौरचशाली इतिहास.
नालंदा विश्वविद्यालय करीब 800 साल बाद पुराने स्वरूप में लौट रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का उद्घाटन कर दिया है. नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय था और ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज से भी 600 साल पहले बना था. देखें गुजरात बुलेटिन.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्धघाटन करने पहुंचे थे. इस खास मौके पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी मोदी के साथ थे. जब पीएम मोदी, नीतीश कुमार के पास में बैठे हुए थे तब अचानक से नीतीश ने उनका हाथ पकड़ लिया और उंगली चेक करने लगे. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है. देखिए VIDEO
लगभग 1600 साल पुराने जिस नालंदा विश्वविद्यालय को सन् 1193 में मुस्लिम आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने नष्ट कर दिया था. उस नालंदा विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खबरों में ला दिया है. उसकी प्रसिद्धि को फिर से जीवित कर दिया है. PM मोदी ने ये कैसे किया, आइए देखते हैं.
लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन को उत्तर प्रदेश में मिली जीत से कांग्रेस उत्साहित है. लेकिन माना जा रहा है कि रायबरेली के अलावा अमेठी, इलाहाबाद, बाराबंकी, सीतापुर और सहारनपुर में भी अगर कांग्रेस पार्टी समाजवादी पार्टी से गठबंधन किए बिना चुनाव लड़ती तो इन सीटों पर भी वो लोकसभा का चुनाव हार जाती. सुधीर चौधरी के साथ देखें ब्लैक एंड व्हाइट विश्लेषण.
वीडियो में नीतीश कुमार पीएम मोदी की उंगली चेक करते हुए नजर आ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक नीतीश प्रधानमंत्री की उंगली पर लगी स्याही चेक कर रहे थे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
नालंदा विश्विविद्यालय के नए कैंपस का उद्घघाटन कर दिया गया है. एक वक्त ऐसा था जब इस यूनिवर्सिटी में 90 लाख किताबें हुआ करती थीं, लेकिन खिलजी ने सभी को जलाकर खाक कर दिया था. हालांकि, नालंदा लाइब्रेरी पर यह पहला हमला नहीं था...
बिहार के राजगीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन किया. साल 2016 में, नालंदा के खंडहरों को संयुक्त राष्ट्र विरासत स्थल घोषित किया गया था, इसके बाद विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य 2017 में शुरू किया गया. इस नए कैंपस में क्या खास है? देखें वीडियो.
बिहार के राजगीर में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन किया. वैसे नालंदा यूनिवर्सिटी का इतिहास बहुत पुराना है. देखें वीडियो.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय ने नए कैंपस का उद्घाटन कर दिया है. नालंदा विश्वविद्यालय अपनी प्राचीन उपलब्धियों के लिए जाना जाता है और अब उस विरासत को नया आयाम मिला है. उद्घाटन के साथ पीएम मोदी ने नालंदा कैंपस में एक बोधि पौधा भी लगाया. देखें 'एक और एक ग्यारह'.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का उद्घाटन कर दिया है. उद्घाटन से पहले पीएम मोदी ने विश्वविद्यालय का प्राचीन कैंपस भी देखा, जो अब ऐतिहासिक धरोहर में तब्दील हो चुका है. बता दें कि साल 2017 में यूनिवर्सिटी का निर्माण शुरू किया गया था.
पीएम मोदी बिहार को आज नालंदा विश्वविद्यालय के नए कैंपस का तोहफा देने जा रहे हैं. पीएम मोदी आज नालंदा विश्वविद्यालय के नेट जीरो परिसर का उद्घाटन करेंगे. नालंदा में इस कार्यक्रम की तैयारी पूरी हो चुकी है. ये वही विश्वविद्यालय है जिसे बारहवीं सदी में बख्तियार खिलजी ने जलाकर नष्ट कर दिया था. देखें आज सुबह.
प्राचीन काल में शिक्षा का अहम केंद्र रहे नालंदा विश्वविद्यालय को आज नया कैंपस मिलने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नालंदा विश्वविद्यालय के नेट जीरो परिसर का उद्घाटन करेंगे. ये वही विश्वविद्यालय है जिसे बारहवीं सदी में बख्तियार खिलजी ने जलाकर नष्ट कर दिया था. देखें 9 बज गए.
Nalanda Unibersity Old and News Campus: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का उद्घाटन कर दिया है. 1600 साल बाद इस यूनिवर्सिटी के नया जन्म हुआ है लेकिन देश की यह पुरानी धरोधर आज भी इतिहास के पन्नों को ताजा करती है. आइए नालंदा यूनिवर्सिटी की पुरानी और नई इमारत को देखते हैं.
पांचवीं सदी में बने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय में करीब 10 हजार छात्र पढ़ते थे, जिनके लिए 1500 अध्यापक हुआ करते थे. 12वीं शताब्दी में आक्रमणकारियों ने इस विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया था. इसके बाद अब इस प्राचीन विश्वविद्यालय का नया कैंपस बनकर तैयार हुआ है, जिसका उद्घघाटन आज देश के प्रधानमंत्री करने वाले हैं.
नालंदा में करेंट से एक ही परिवार के 3 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना नालंदा के कतरीसरय थाना क्षेत्र के तारा बीघा गांव की है. बताया जा रहा है कि तीनों लोग सुबह शौच के बाद तालाब में हाथ-मुंह धोने गए थे. तभी गुलशन कुमार करंट की चपेट में आ गया. उसे बचाने के चक्कर में दो अन्य बच्चों की मौत हो गई.
भारत की अध्यक्षता में G20 समिट सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है. इस समिट की सफलता के साथ ही 5 ऐसी चीजें भी हैं जिनकी जमकर चर्चा हो रही है. इन तस्वीरों में एक खास मैसेज भी छिपा हुआ है.