नाथन एंडरसन (Nathan Anderson) न्यूयॉर्क (New York) स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च का संस्थापक है (Founder of Hindenburg). यह फर्म एक दशक से अधिक समय से कई कॉर्पोरेट दिग्गजों को ब्लैकमेल करने में शामिल है. सितंबर 2020 में फर्म की पहली प्रभावशाली रिपोर्ट ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता, 'निकोला' (Nikola) कॉर्पोरेशन को निशाना बनाया था. रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि निकोला अपनी तकनीक और उत्पाद प्रदर्शन के बारे में झूठ बोल रही थी.
जनवरी 2023 में, एक हाई-प्रोफाइल हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक 'गौतम अडानी' (Gautam Adani) की अध्यक्षता वाले भारतीय समूह 'अडानी समूह' (Adani Group) द्वारा कथित बड़े पैमाने पर स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी को कवर किया था.
एंडरसन की संपत्ति सार्वजनिक नहीं है. उसने कई मीडिया साक्षात्कार दिए हैं, लेकिन इस पर टिप्पणी नहीं की है कि वह या हिंडनबर्ग शॉर्ट निवेश से कितना कमाता है. 2021 में, उसने कहा कि 'निकोला' उनकी फर्म की अब तक की सबसे बड़ी जीत थी.
नाथन एंडरसन ने हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) फर्म को बंद करने और अपने सफर को लेकर पूरी कहानी शेयर की है. नाथन एंडरसन ने अपनी नोट में कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का फैसला काफी सोच-समझकर लिया गया है.
नाथन एंडरसन ने अपने संदेश में लिखा कि मैंने पिछले साल के अंत में ही अपने परिवार, दोस्तों और हमारी टीम के साथ ये बात शेयर की थी कि मैं हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का निर्णय ले रहा हूं. हमने जो विचार किए किए थे, उन्हें पूरा करने के बाद इसे खत्म करना था. आज आखिरी मामलों को नियामकों के साथ शेयर करने के बाद वो दिन आ गया है.
रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने काफी कम समय में कॉरपोरेट की दुनिया में अपने खुलासों से तहलका मचा दिया. ये खुलासे सत्य और तथ्य के कितने करीब हैं इस पर दुनिया की कई अदालतों में सुनवाई चल रही है. लेकिन इतना जरूर है कि हिंडनबर्ग की वक्र दृष्टि जिस पर भी पड़ी उसे तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा. लेकिन इस फर्म की घोषणा से पूरी दुनिया सन्न है.
Stock Market में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन तेजी के साथ कारोबार शुरू हुआ. इस बीच Gautam Adani की कंपनियों के शेयर ओपन होने के साथ ही तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आए. अमेरिकी शॉर्ट सेल फर्म Hindenburg के शट डाउन के ऐलान के बाद ये जोरदार तेजी दिखी है.
Hidenburg रिचर्स बंद होने जा रही है और कंपनी के फाउंडर नाथन एंडरसन ने इसका ऐलान कर दिया है. इस शॉर्ट सेलर फर्म के नाम के पीछे एक दिलचस्प कहानी है, जो करीब 8 दशक पहले हुए एक एयरशिप एक्सिडेंट से जुड़ी है.
अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी Hindenburg रिसर्च बंद हो रही है और इसका ऐलान फाउंडर नाथन एंडरसन ने कंपनी के एक्स अकाउंट पर कर दिया है. उन्होंने इस फैसले को व्यक्तिगत बताया है. ये शॉर्ट सेलर भारत में गौतम अडानी से लेकर सेबी चीफ माधबी पुरी बुच तक को निशाना बना चुकी है.
नाथन एंडरसन ने अपने संदेश में लिखा कि मैंने पिछले साल के अंत में ही अपने परिवार, दोस्तों और हमारी टीम के साथ ये बात शेयर की थी कि मैं हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का निर्णय ले रहा हूं. हमने जो विचार किए किए थे, उन्हें पूरा करने के बाद इसे खत्म करना था. आज आखिरी मामलों को नियामकों के साथ शेयर करने के बाद वो दिन आ गया है.
Hindenburg New Report: हिंडनबर्ग ने इस बार किसी भारतीय कंपनी को नहीं, बल्कि अमेरिका की ऑनलाइन गेमिंग दिग्गज कंपनी रोबॉक्स पर निशाना साधा है और रिपोर्ट जारी कर निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
SEBI और अडानी ग्रुप पर आई हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट पर सियासी घमासान मचा हुआ है. इस्तीफे और JPC की मांग को लेकर कांग्रेस की तरफ से देश भर में प्रदर्शन किया गया. वहीं चंडीगढ़ में प्रदर्शन का दौरान कांग्रेस और पुलिस के बीच जोरदार झड़प भी हुई. देखें पंजाब आजतक.
Who is George Soros? : हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट आने के बाद बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सोमवार को अमेरिकी बिजनेसमैन जॉर्ज सोरोस को मुख्य निवेशक बताया. 94 साल के अरबपति जॉर्ज का नाम पहले भी बीते साल भी अडानी-हिंडनबर्ग मामले में सुर्खियों में रहा था.
Hindenburg Report: एक बार फिर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट चर्चा में है. इस बार रिपोर्ट में सेबी चीफ माधुरी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की अडाणी ग्रुप से मिलीभगत होने के आरोप लगाए गए हैं.