नवरात्रि पूजा
नवरात्रि पूजा (Navratri Puja) में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. यह पूजा नौ रातों और दस दिनों तक की जाती है दसवें दिन दशहरा के रूप में मनाया जाता है जिसमें रावण दहन की परंपरा है.
नवरात्रि पूजा साल मेंं दो बार मनाई जाती है, पहले चैत्र के महीने में यानी मार्च या अप्रैल में और फिर शारदा के महीने में जो सितंबर या अक्टूबर के महीने में आता है. इन दोनों में शारदा नवरात्रि पूरे भारत में सबसे अधिक मनाया जाता है. इसका नाम शारदा के नाम पर रखा गया है जिसका अर्थ है शरद ऋतु. यह अश्विनी के चंद्र मास के शुक्ल पक्ष के पहले दिन यानी प्रतिपदा को शुरू होता है. त्योहार की सटीक तिथियां हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर के अनुसार निर्धारित की जाती हैं, और कभी-कभी त्योहार सूर्य और चंद्रमा की गति और लीप वर्ष के समायोजन के आधार पर एक दिन अधिक या एक दिन कम आयोजित किया जा सकता है. भारत के कई क्षेत्रों में, त्योहार शरद ऋतु की फसल के बाद और अन्य में, फसल के दौरान पड़ता है (Sharda Navratri Puja).
चैत्र नवरात्रि, जिसे वसंत नवरात्रि भी कहा जाता है, दूसरी सबसे अधिक मनाई जाने वाली नवरात्रि है. यह त्योहार देवी दुर्गा को समर्पित है, जिनके नौ रूपों की पूजा नौ दिनों में की जाती है. इसके आखिरी दिन राम के जन्मदिन को राम नवमी का पूजा के रूप में मनाया जाता है. इस कारण कुछ लोग इसे राम नवरात्रि भी कहते हैं (Chaitra Navratri Puja).
Ashtami Navami 2024: नवरात्रि में अष्टमी और नवमी पूजा का विशेष महत्व है. इन दोनों दिन कन्या पूजन का विधान है. अष्टमी-नवमी को महा अष्टमी, दुर्गाष्टमी और महा नवमी पूजा के नाम से जाना है.
Shardiya Navratri 2024: शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की उपासना की जाती है. इस दिन लोग विशेष उपवास रखते हैं. इस दिन, कन्या पूजन भी किया जाता है. मां की उपासना सफेद वस्त्र धारण करके करें.
Shardiya Navratri 2024 Ashtami Navami: 11 अक्टूबर यानी आज महाअष्टमी का पूजन किया जा रहा है, साथ ही महानवमी का कन्या पूजन भी आज ही किया जाएगा. अष्टमी तिथि का आरंभ 10 अक्टूबर यानी कल दोपहर 12: 31 मिनट पर शुरू हो चुकी है और जिसका समापन 11 अक्टूबर यानी आज दोपहर 12: 06 मिनट पर होगा. फिर, नवमी तिथि आज दोपहर 12:06 मिनट से शुरू हो जाएगी और समापन 12 अक्टूबर को सुबह 10: 58 मिनट पर होगा.
Shardiya Navratri 2024: नवरात्रि में देवी की उपासना से हर मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है. ऐसे में तीन विशेष चीजों के उपाय से मां दुर्गा को प्रसन्न किया जा सकता है. नवरात्रि में कुछ विशेष वस्तुओं के प्रयोग से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं. तो आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में.
Shardiya Navratri 2024: आज से शारदीय नवरात्रि शुरू हो चुकी है. इस बार मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आ रही हैं. तो चलिए ज्योतिर्विद वान्या आर्या जी से जानते हैं कि माता का पालकी पर सवार होकर आना देश-दुनिया के लिए शुभ है या अशुभ.
शारदीय नवरात्रि आज से शुरू हो गई है. शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसकी शुरुआत आश्विन माह में होती हैं. इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती हैं, जिनमें शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, और सिद्धिदात्री माता का नाम शामिल है. वहीं, शक्तिपीठ श्री नैना देवी पर भी माता की विशेष पूजा होती है.
Shardiya Navrartri 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार, 3 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. सालभर में कुल 4 नवरात्रि आती हैं जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व काफी ज्यादा होता है. माना जाता है कि नवरात्रि में माता की पूजा-अर्चना करने से देवी दुर्गा की खास कृपा होती है. मां दुर्गा की सवारी वैसे तो शेर है लेकिन जब वह धरती पर आती हैं तो उनकी सवारी बदल जाती है. इस बार मां दुर्गा डोली पर सवार होकर धरती पर आएंगी.
Chaitra Navratri 2024 Maha Ashtami: नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा विशेष कल्याणकारी मानी जाती है. आदि शक्ति मां दुर्गा की परम कृपा प्राप्त करने के लिए नवरात्रि का समय बेहद शुभ होता है. नवरात्रि में अष्टमी का खास महत्व होता है. इस दिन कन्या पूजन का खास महत्व होता है. इस दिन मिट्टी के नौ कलश रखे जाते हैं और देवी दुर्गा के नौ रूपों का ध्यान कर उनका आह्वान किया जाता है.
Chaitra Navratri 2024: नवरात्रि के दूसरे दिन मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की उपासना की जाती है. इनको ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है. कठोर साधना और ब्रह्म में लीन रहने के कारण इन्हं ब्रह्मचारिणी कहा गया है. विद्यार्थियों के लिए और तपस्वियों के लिए इनकी पूजा बहुत ही शुभ फलदायी होती है.
Chaitra Navratri 2024: इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल से 17 अप्रैल तक रहेंगे. नवरात्रि में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 9 अप्रैल को सुबह 06.11 बजे से सुबह 10.23 बजे तक रहेगा. इसे घटस्थापना भी कहते हैं.
मां दुर्गा की विदाई से जुड़ा हुआ मासूम बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो देखा गया कि मासूम बच्चा अपनी गोद में मां दुर्गा की प्रतिमा लिए बैठा रहा और भावुक होकर रो रहा है. यह वीडियो लोगों की श्रद्धा और भक्ति भावना को प्रकट करने वाला है.
आज नवरात्रि का अखिरी दिन है. कन्यापूजन के साथ नवरात्रों का समापन हुआ. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कन्यापूजन किया. सीएम ने कन्याओं ने पैर धुलाए और विधिपूर्वक कन्याओं की पूजा करके उन्हें उपहार दिए.
शिल्पा शेट्टी ने महाष्टमी पर अपने घर में कन्या पूजन किया. एक्ट्रेस ने कन्या पूजा का वीडियो फैंस संग भी शेयर किया है, जो लोगों के दिल को छू रहा है.
इस बार महानवमी 23 अक्टूबर यानी आज है. इस दिन मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है. मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की उपासना करने से नवरात्रि के 9 दिनों का फल प्राप्त हो जाता है.
आज शारदीय नवरात्र का नौवां दिन है और इस मौके पर मंदिरों-पंडालों में मां सिद्धिदात्रि की अराधना में भीड़ उमड़ी है. वैसे महाष्ठमी के मौके पर सूरत में लोगों ने महाआरती का आयोजन किया. तो वहीं इंदौर में भी दशहरा मैदान में आतिशबाजी देखने के लिए काफी फभीड़ उमड़ी थी.
Mahanavami 2023 Upay: महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-उपासना की जाती है. इस दिन कन्या पूजन का भी विधान होता है. ज्योतिषियों की मानें तो, महानवमी के दिन कुछ खास उपाय करने चाहिए, जिससे जीवन सुख समृद्धि और यश बढ़ता है तो आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में.
Shardiya Navratri 2023 Mahanavami: नवरात्रि की नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है, जो दरअसल देवी का पूर्ण स्वरुप है. केवल इस दिन मां की उपासना करने से, सम्पूर्ण नवरात्रि की उपासना का फल मिलता है. महानवमी पर कन्या पूजन का भी विशेष महत्व होता है. आइए आपको महानवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त बताते हैं.
Navratri Mahanavami 2023: नवमी तिथि नवरात्रि की सम्पूर्णता की तिथि है. इसलिए इस तिथि पर पूजा करना आवश्यक है. माता सिद्धिदात्री नवदुर्गा का सम्पूर्ण स्वरुप हैं. इनकी पूजा से सम्पूर्ण देवियों की पूजा का फल मिल जाता है.
Navratri Kanya Pujan Muhurt 2023: महानवमी पर देवी के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है. यह देवी का सबसे सिद्ध अवतार माना जाता है. केवल इस दिन देवी मां की उपासना से सम्पूर्ण नवरात्रि की उपासना का फल मिलता है. महानवमी पर कन्या पूजन का भी विशेष महत्व होता है. आइए आपको महानवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त बताते हैं.