प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार संसद के विशेष सत्र के दौरान 'एक देश एक चुनाव' (One Nation On Election वन नेशन वन इलेक्शन) विधेयक पेश कर सकती है.
'एक देश एक चुनाव' का विचार पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने से है. इसका मतलब यह है कि पूरे भारत में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे. यानी मतदान एक ही समय के आसपास होगा.
वर्तमान में, राज्य विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव अलग-अलग होते हैं - मौजूदा सरकार का पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद या विभिन्न कारणों से भंग होने पर.
एक साथ चुनाव कराने का एक प्रमुख कारण अलग-अलग चुनावों में होने वाली लागत में कटौती करना हो सकता है.
वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर आज जेपीसी की बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक समिति के सदस्यों से सिर्फ सुझाव लिए गए हैं. इस दौरान प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के सांसदों ने समिति से कई राज्यों में विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के पास जाने की माग की.
NCC की वार्षिक रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' पर दिया जोर
'वन नेशन, वन इलेक्शन' को लेकर उच्च स्तरीय कमेटी की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट का मकसद देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराना है. सरकार का कहना है कि इससे न सिर्फ सरकारी खर्च में कमी आएगी बल्कि प्रशासनिक कामकाज और क्षमता में भी बढ़ोतरी की जा सकेगी.
एक देश, एक चुनाव से संबंधित दो विधेयकों पर विचार-विमर्श करने के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की दूसरी बैठक 31 जनवरी को होगी. इस समिति की पहली बैठक आठ जनवरी को हुई थी, जिसमें बीजेपी के सदस्यों ने एक साथ चुनाव के विचार की सराहना की थी.
'एक देश-एक चुनाव' पर JPC सदस्यों को सूटकेस में सौंपी गई 18 हजार पन्नों की रिपोर्ट, बिल पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति.
'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर गठित कई गई संयुक्त संसदीय कमेटी (JPC) की पहली बैठक 8 जनवरी को होगी. जेपीसी के चेयरमैन पी पी चौधरी ने यह बैठक बुलाई है. विपक्ष लगातार इस बिल का विरोध कर रहा है. अब सवाल उठ रहा है कि एक देश, एक चुनाव से किसका नफा और किसका नुकसान होगा?
'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर गठित कई गई संयुक्त संसदीय कमेटी (JPC) की पहली बैठक 8 जनवरी को होगी. जेपीसी के चेयरमैन पी पी चौधरी ने यह बैठक बुलाई है. पिछले हफ़्ते ही संसद ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर पैनल बनाने का प्रस्ताव पारित किया था.
'एक देश, एक चुनाव' के लिए जरूरी संविधान संशोधन विधेयक के लिए गठित जेपीसी में 39 सदस्य होंगे जिनके नाम सामने आ गए हैं. जेपीसी में 12 राज्यसभा सांसद, घनश्याम तिवारी, भुवनेश्वर कलिता, के. लक्ष्मण, कविता पाटीदार, संजय कुमार झा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल बालकृष्ण वासनिक, साकेत गोखले, पी. विल्सन, संजय सिंह, मानस रंजन मंगराज और वी विजयसाई रेड्डी शामिल होंगे.
शरद पवार और नरेंद्र मोदी जब जब मिलते हैं देश की राजनीति गर्म हो जाती रही है. इस बार की मुलाकात को भी हम सामान्य नहीं मान सकते हैं. दोनों को एक दूसरे की जरूरत है. और गिव एंड टेक वाली दोस्ती काफी मजबूत होती है. देखिए अब आगे क्या होता है?
राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है. उच्च सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे जैसे ही शुरू हुई, कानून मंत्री ने वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर गठित जेपीसी में उच्च सदन से शामिल किए जाने वाले 12 सदस्यों के नाम का प्रस्ताव रखा.
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर जेपीसी में ये नाम, जानिए कब आएगी रिपोर्ट.
एक देश, एक चुनाव से संबंधित बिल लोकसभा में पेश होते ही जेपीसी को भेज दिया गया था. इसके लिए 39 सदस्यीय जेपीसी गठित की गई है जिसमें लोकसभा के 27 सदस्यों को शामिल किया गया है. अब ये भी साफ हो गया है कि जेपीसी इसे लेकर अपनी रिपोर्ट संसद में कब पेश करेगी.
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले संविधान (129वां संशोधन) बिल 2024 और उससे जुड़े संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) बिल 2024 को मंगलवार को लोकसभा के पटल पर पेश किया. ONOE को लेकर विपक्ष का कहना था कि ये सरकार का तानाशाही वाला कदम है.
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल संसद में पेश होने के बाद अब जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास पहुंच चुका है. कमेटी को अगले सत्र के आखिरी हफ्ते तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी.
एक देश, एक चुनाव के लिए संसद में पेश हुए बिल की समीक्षा के लिए जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) बन चुकी है. जेपीसी में दोनों सदनों के सांसदों को शामिल किया गया है, जिसमें कांग्रेस और बीजेपी भी शामिल हैं. लेकिन क्या है जेपीसी और अगर इसके सदस्य एक फैसले तक नहीं पहुंचे तो क्या हो सकता है?
एक देश-एक चुनाव के लिए संयुक्त संसदीय कमेटी (जेपीसी) का गठन हो गया है. 31 सदस्यों की जेपीसी में अनुराग ठाकुर और प्रियंका गांधी जैसे सांसदों का नाम शामिल है. इस कमेटी की अध्यक्षता बीजेपी सांसद पी. पी. चौधरी करेंगे.
केंद्र की एनडीए सरकार ने एक देश एक चुनाव की तरफ कदम आगे बढ़ा दिया है. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को संविधान का 129वां संशोधन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक लोकसभा के पटल पर रखा. वोटिंग हुई तो बीजेपी के करीब 20 सांसद लोकसभा से अनुपस्थित पाए गए. पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है.
एक देश एक चुनाव पर देश का विपक्ष कुछ चिंता जता रहा है . हो सकता है कि
वन नेशन, वन इलेक्शन पर JPC में प्रियंका गांधी भी हो सकती हैं शामिल, ये हैं संभावित नाम
वन नेशन, वन इलेक्श पर गठित होने वाली जेपीसी में कांग्रेस से मनीष तिवारी, जेडीयू से संजय झा, समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव, टीडीपी से हरीश बालयोगी, डीएमके से पी. विल्सन और सेल्व गंगापती, शिवसेना (शिंदे) से श्रीकांत शिंदे, टीएमसी से कल्याण बनर्जी और साकेत गोखले सदस्य हो सकते हैं.
वन नेशन वन इलेक्शन बिल को पहली चुनौती लोकसभा में मिलने वाली है. जहां इस बिल पास कराने के लिए सरकार को 362 वोट चाहिए होंगे, लेकिन यहां NDA सांसदों की संख्या 293 है. राज्यसभा में भी नरेंद्र मोदी सरकार को यही चैलेंज मिलने वाला है. जहां एनडीए के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है.