ऑपरेशन लोटस
ऑपरेशन कमलाया ऑपरेशन लोटस (Operation Lotus) 2008 में बनाया गया एक शब्द है. भारतीय जनता पार्टी ( BJP) को बहुमत दिलाने के लिए जब कर्नाटक राज्य के पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी (G. Janardhana Reddy ) ने दलबदल विरोधी कानून को दरकिनार कर विधायकों से समर्थन हासिल करने के लिए एक खास तरीका इस्तेमाल किया, तब इस तरीके को ऑपरेशन कमल या ऑपरेशन लोटस नाम दिया गया (Operation Lotus 2008).
रमेश जारकीहोली (Ramesh Jarkiholi) ने अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए 14 अन्य कांग्रेस (Congress) विधायकों को संगठित किया था. रमेश जारकीहोली कांग्रेस के 15 और जद (एस) (JD(S)) के 2 विधायकों में से एक थे, जिन्होंने जुलाई 2019 में एचडीके कांग्रेस (HDK )-जेडी (एस) गठबंधन को गिरा दिया और बीएसवाई (BSY) को सत्ता में लेकर आए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनकी अयोग्यता को रोक दिया गया, लेकिन उन्हें चलाने की अनुमति दी गई. जारकीहोली श्री बी.एस. द्वारा शामिल किए गए अन्य सभी विद्रोहियों के साथ बी एस येदियुरप्पा (B.S. Yeddyurappa) और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति सहित भाजपा में शामिल हो गए (Operation Lotus 2019).
हरदीप सिंह डांग (Hardeep Singh Dang) ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और फलस्वरूप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से, एक पत्र में, 'अपनी पार्टी से अज्ञानता' का हवाला देते हुए अलग हो गए, साथ ही, 21 मार्च 2020 को 17 सिंधिया समर्थकों और 4 अन्य लोगों भी भाजपा में शामिल हो गए (Operation Lotus 2020).
31 मार्च 2021 को, न्यायमूर्ति डी'कुन्हा (Justice D'Cunha) की पीठ ने कर्नाटक के मौजूदा मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के खिलाफ ऑपरेशन कमला मामले के नाम से एक मामले में प्राथमिकी रद्द करने से इनकार कर दिया. कथित घटना के समय येदियुरप्पा विपक्ष के नेता थे (Operation Lotus 2021).
2022 में महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले शिवसेना विधायकों (Shiv Sena MLAs) ने गुजरात के जरिए असम के गुवाहाटी पहुंचे थे. असम के एक पांच सितारा होटल में दस दिन से ज्यादा दिनों तक वहां ठहरे और महाराष्ट्र में ऑपरेशन लोट्स को अंजाम दिया था (Operation Lotus 2022).
पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद और एक विधायक बुधवार को ही बीजेपी में शामिल हुए हैं. इसके तुरंत बाद आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बीजेपी पर ऑपरेशन लोट्स चलाने का आरोप लगाया. बाद में सौरभ भारद्वाज ने भी इसी तरह के आरोपों का दोहराया.
अगर 43 लोगों के समर्थन की लिस्ट और सबूत के तौर पर विडियो फुटेज चंपई सोरेन दे रहे हैं तो उन्हें सरकार बनाने के लिए राज्यपाल को आमंत्रित किया जाना चाहिए. सरकार बुलानें में देर का मलतब है सीधे-सीधे पार्टी में तोड़-फोड़ को प्रोत्साहन देना.
हॉर्स ट्रेडिंग का डर हर पार्टी के अंदर देखने को मिल रहा है. ऐसे में भले ही परिणाम ना आए हों लेकिन विधायकों का बचाने का खेल शुरू हो गया है. देखें विशेष.
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार ने दावा किया है कि कर्नाटक में 'ऑपरेशन कमल' की तैयारी हो रही है...हालांकि सिद्धारमैया ने इसके लिए सीधे बीजेपी का नाम तो नहीं लिया लेकिन इतना जरूर कहा कि उनका कोई भी विधायक इसके लिए तैयार नहीं हैं और ना ही कोई कहीं जा रहा है...वहीं डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी कहा कि उनके खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही है, लेकिन वो सफल नहीं होगी...
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावा किया है कि कर्नाटक में 'ऑपरेशन कमल' की तैयारी हो रहे हैं. हालांकि उन्होंने इसके लिए बीजेपी का सीधा नाम नहीं लिया है.
बीजेपी नेताओं ने कथित 'ऑपरेशन लोटस' के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पर हमला किया. कहा कि भगवंत मान को बाहर करने और दूसरों के लिए रास्ता बनाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी जा रही है. सच तो यह है कि आम आदमी पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के कम से कम 300 नेता बीजेपी में शामिल होने के इच्छुक थे.