पैरालंपिक खेल (Paralympic Games) दिव्यांग एथलीटों का अंतरराष्ट्रीय मल्टीस्पोर्ट सीरीज है. इसे पैरालंपियाड के नाम से भी जाना जाता है. पैरालंपिक की शुरुआत 1948 में ब्रिटिश द्वितीय विश्व युद्ध के दिग्गजों के बीच एक खेल के रूप में हुई थी. दक्षिण कोरिया में 1988 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के बाद से शीतकालीन पैरालंपिक खेलों की शुरुआत हुई. सभी पैरालंपिक खेलों को अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) द्वारा नियंत्रित किया जाता है.
भारत ने 1968 में ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक से अपनी शुरुआत की. भारत कभी भी शीतकालीन पैरालंपिक खेलों में भाग नहीं लिया (Paralympic Games India).
पैरालिंपिक में भारत का पहला पदक 1972 के खेलों में आया था, जब मुरलीकांत पेटकर ने तैराकी में स्वर्ण पदक जीता था. भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2020 के खेलों में रहा है, जब वह 19 पदक (5 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य) के साथ 24वें स्थान पर रहा.
खेल पुरस्कारों में छाए पैरा एथलीट, 32 अर्जुन अवॉर्ड में से 'रिकॉर्ड' 17 पर कब्जा. लिस्ट में एक भी क्रिकेटर का नाम नहीं.
Major Dhyan Chand Khel Ratna Award 2024: भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड 2024 और अर्जुन पुरस्कार 2024 (Arjuna Award 2024) के लिए जिन खिलाड़ियों को चुना गया, उनमें पैरा खिलाड़ियों का जलवा रहा. वहीं इस प्रतिष्ठित लिस्ट से क्रिकेट खिलाड़ियों का नाम गायब रहा.
भारत ने पेरिस पैरालंपिक में 29 पदक जीते, जिसमें अभूतपूर्व 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. इसी दौरान जैवलिन थ्रोअर नवदीप सिंह ने 47.32 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से उनके अनुभव जाने. पीएम मोदी से मिलकर खिलाड़ी भी गदगद दिखे. वहीं दो खिलाड़ियों की वायरल रील की जमकर तारीफ की.
पेरिस पैरालंपिक 2024 के भारतीय एथलीट भारत पहुंच चुके हैं. वहीं आज देश के सभी पैरा चैंपियन खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतने वाले नवदीप सिंह से मिले तो वह फर्श पर बैठ गए. देखिए VIDEO
पैरालंपिक में मेडल जीतने वाले एथलीटों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास मुलाकात की. बता दें कि पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत ने रिकॉर्ड 29 मेडल जीते हैं. जिनमें 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. ये पहली बार है जब भारत ने पैरालंपिक में इतने मेडल जीते हैं. देखें '9 बज गए'
PM Modi Paralympics Players Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से उनके अनुभव जाने. पीएम मोदी से मिलकर खिलाड़ी भी गदगद दिखे. वहीं दो खिलाड़ियों की वायरल रील की जमकर तारीफ की.
नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें पीएम पैरालंपिक में गोल्ड जीतने वाले जैवलिन थ्रोअर नवदीप सिंह से बात करते दिखे. नवदीप ने कहा कि वो पीएम को टोपी पहनाना चाहते हैं.
भारत ने पैरालंपिक खेलों में 29 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जिसमें अभूतपूर्व सात स्वर्ण, नौ रजत और 13 कांस्य पदक शामिल हैं. पेरिस खेलों में भारत के 84 सदस्यीय दल ने हिस्सा लिया और तीन साल पहले टोक्यो खेलों में हासिल किए गए 19 पदकों के पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने आवास पर भारत के पैरालंपियन खिलाड़ियों से मुलाकात की.
पेरिस में खेले गए पैरालंपिक का समापन 8 अगस्त को ही हुआ है. इस बार भारत ने इतिहास रचते हुए 7 गोल्ड समेत कुल 29 मेडल अपने नाम किए हैं. इसका इनाम अब उन्हें स्पोर्ट्स मंत्रालय से मिला है. केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पैरालंपिक में मेडल जीतने वाले एथलीट्स के लिए बतौर इनाम बंपर धनराशि देने का ऐलान किया है.
Cash Awards for Paralympics Medallists: पेरिस में खेले गए पैरालंपिक का समापन 8 अगस्त को ही हुआ है. इस बार भारत ने इतिहास रचते हुए 7 गोल्ड समेत कुल 29 मेडल अपने नाम किए हैं. इसका इनाम अब उन्हें स्पोर्ट्स मंत्रालय से मिला है. केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पैरालंपिक में मेडल जीतने वाले एथलीट्स के लिए बतौर इनाम बंपर धनराशि देने का ऐलान किया है.
India paralympics Performance analysis: लंदन पैरालंपिक 2012 में भारत ने महज 1 मेडल जीता जीता था. उस पैरालंपिक से अब तक भारत ने पैरालंपिक में चमत्कारिक सुधार किया. पिछले दो पैरालंपिक में भारत ने तो कमाल का प्रदर्शन किया है, आखिर ऐसा क्यों हुआ. इसकी वजह हमने जानने की कोशिश की...
India at Paralympics vs Olympics: आखिर भारत का पैरालंपिक में प्रदर्शन क्यों शानदार हुआ है, क्यों भारत लगातार इन पैरालंपिक गेम्स में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा है, इसकी वजह क्या है? आइए आपको विस्तार से बताते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पैरा एथलीटों की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई और सोशल मीडिया पर विशेष ट्वीट करते हुए कहा, "पेरिस पैरालंपिक 2024 भारत के लिए विशेष और ऐतिहासिक रहा है. हमारे असाधारण पैरा एथलीटों ने 29 पदक जीते, जो खेलों में भारत के पदार्पण के बाद से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
पेरिस पैरालंपिक 2024 का समापन हो गया है. इसमें भारत ने 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज समेत कुल 29 मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. भारत मेडल टैली में 170 देशों में 18वें नंबर पर रहा. भारत की तुलना में पैरालिंपिक खेलों में दबदबा बनाए रखने वाले देश चीन, ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका, इटली ने एक बार फिर कमाल का प्रदर्शन किया और टॉप 10 देशों में जगह बनाई. इस बार पेरिस पैरालंपिक में चीन सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाला देश बना है.
Paris Paralympics 2024: पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत का शानदार प्रदर्शन रहा. 29 मेडल के साथ इन खेलों में ये अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. किन-किन भारतीय एथलीट ने मेडल जीते? देखें ये वीडियो.
पेरिस पैरालंपिक में भारत ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया. इस बार भारत ने एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 17 मेडल जीते, जिसमें चार गोल्ड शामिल रहे. इसके बाद दूसरा नंबर पैरा बैडमिंटन का रहा जिसमें भारत ने एक गोल्ड समेत 5 पदक जीते.
पेरिस पैरालंपिक गेम्स में भारत के पदकों की संख्या अब 29 हो गई है. भारत ने अब तक का बेस्ट प्रदर्शन किया है. इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारत ने 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे.
पेरिस पैरालंपिक: भारत के नवदीप सिंह सिल्वर मेडल जीतने की पोजीशन में थे, लेकिन ईरान के सादेघ सयाह बेत को डिस्क्वालिफाई कर दिया गया. जिसके चलते नवदीप का सिल्वर गोल्ड में अपग्रेड कर दिया गया. इस गोल्ड मेडल के साथ ही पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत के पदकों की संख्या 29 हो गई.
भारतीय सेना के जवान होकाटो होतोजे सेमा ने भारत को पेरिस पैरालंपिक में शॉट पुट की F57 कैटगरी में ब्रॉन्ज मेडल जिताया. 2002 में LoC पर एक ब्लास्ट में उन्होंने पैर गंवा दिया था.
होकाटो होतोजी सीमा भारतीय थल सेना के असम रेजिमेंट में हवलदार थे. नियंत्रण रेखा पर एक ऑपरेशन के दौरान वह बारूदी सुरंग की चपेट में आ गए और उन्हें अपना दाहिना पैर गंवाना पड़ा था.