13 दिसंबर को संसद में चार आरोपियों ने रंगीन धुआं छोड़ा और संसद के अंदर और बाहर नारेबाजी की. संसद में हुए बड़े पैमाने पर सुरक्षा उल्लंघन के बाद कम से कम चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दो को हिरासत में लिया गया है. जब शीतकालीन सत्र की कार्यवाही चल रही थी तब दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए थे. इस चूक के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए संसद भवन सुरक्षा स्टाफ से जुड़े हुए 8 लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है (Parliament Security Breach).
संसद में सुरक्षा चूक को लेकर गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ प्रमुख के नेतृत्व में उल्लंघन की उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया. जांच में दिल्ली पुलिस की आतंकवाद रोधी इकाई और स्पेशल सेल भी शामिल होगी.
Parliament Security Breach Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को 13 दिसंबर, 2023 को संसद की सुरक्षा में चूक मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह और न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने मनोरंजन डी की याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया.
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस से 13 दिसंबर, 2023 को संसद की सुरक्षा में चूक मामले में गिरफ्तार एकमात्र महिला आरोपी नीलम आजाद की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और रजनीश कुमार गुप्ता की पीठ ने अभियोजन पक्ष को नोटिस भी जारी किया है.
संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में आरोपी नीलम आज़ाद की ज़मानत याचिका पर पाटियाला हाउस कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को ही सुनवाई पूरी की और फैसला सुरक्षित रखा था. दिल्ली पुलिस ने ज़मानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले में अभी आरोप भी तय नहीं हुए हैं.
संसद सुरक्षा चूक मामले में आरोपी नीलम आजाद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली की पटिलाया हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब इस मामले की सुनवाई 11 सितंबर, 2024 को होगी.
संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में 7 जून को पुलिस ने सभी 6 गिरफ्तार आरोपियों मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल शिंदे, नीलम आजाद, ललित झा और महेश कुमावत के खिलाफ करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. बता दें कि संसद के नए भवन पर 2001 के आतंकी हमले की बरसी के दिन पिछले साल 13 दिसंबर को सुरक्षा में लापरवाही की घटना हुई थी. लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो आरोपी सदन के भीतर कूद गए थे और उन्होंने ‘केन’ के जरिए पीले रंग का धुआं फैला दिया था.
कोर्ट ने मामले में सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है. अब उन्हें 2 अगस्त को अदालत में पेश किया जाएगा. अदालत को यह भी बताया गया कि लंबित एफएसएल रिपोर्ट भी पेश की जाएगी.
मामले में गिरफ्तार किए गए छह लोगों- मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल धनराज शिंदे, नीलम रानोलिया, ललित झा और महेश कुमावत- के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के वकील ने कोर्ट को बताया कि आईपीसी और यूएपीए के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अभियोजन की मंजूरी को सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जोड़ा जाएगा.
राजभवन के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस ने यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत उपराज्यपाल से उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का अनुरोध किया था, जिन्होंने रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री पाए जाने पर अभियोजन की मंजूरी दे दी.
13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर एक बड़ी सुरक्षा चूक हुई थी. आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान संसद की गैलरी से लोकसभा कक्ष में कूद गया था रंगीन स्मोक कैन छोड़कर नारे लगाए थे.
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से जांच पूरी करने और चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय बढाने की मांग की. अपनी गुहार के समर्थन में दिल्ली पुलिस ने कहा कि अभी कुछ गवाहों से और पूछताछ करनी है. अभी भी कुछ जांच रिपोर्ट का इंतजार है. इसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने के लिए 30 दिन का समय दे दिया.
संसद की सुरक्षा में चूक मामले से चर्चा में आए मैसूर के सांसद प्रताप सिम्हा की टिकट कट सकती है. बीजेपी स्टेट यूनिट सिम्हा को इस बार टिकट देने के पक्ष में नहीं है. बता दें कि बीते 13 दिसंबर को चार युवकों ने सुनियोजित तरीके से संसद की सुरक्षा में सेंध लगाई थी.
संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों की न्यायिक हिरासत को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है. आरोपियों ने अदालत को बताया कि वह अपना वकील बदलना चाहते हैं. उनके इस अर्जी को कोर्ट ने स्वीकार कर सभी छह आरोपियों के एक नए निजी अधिवक्ता नियुक्त कर दिया है.
पिछले साल संसद भवन की सुरक्षा में सेंध के बाद सिक्योरिटी को लेकर सवाल खड़े हुए थे. शुरुआती जांच में सामने आया था कि एक महीने से संयुक्त सचिव सुरक्षा का पद खाली था. अनुराग अग्रवाल 1998 बैच के असम-मेघालय कैडर के आईपीएस अफसर हैं. उन्हें पिछले साल फरवरी में सीआरपीएफ का आईजी नियुक्त किया गया था.
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए आरोपियों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें अपराध कबूल करने और राजनीतिक दलों के साथ संबंध स्वीकार करने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्हें कथित तौर पर बिजली के झटके दिए गए. इसके अलावा भी आरिपयों ने कोर्ट में कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
दर्शक दीर्घा में प्रवेश के लिए स्मार्ट कार्ड टैप करना होगा और बायोमेट्रिक जांच होगी, उसके बाद ही बैरियर खुलेगा. जाते समय दर्शकों को स्मार्ट कार्ड जमा कराना होगा. अगर कार्ड जमा नहीं कराता है तो उस दर्शक को automatically block blacklist कर दिया जाएगा और उसकी आगे कभी भी संसद परिसर में एंट्री नहीं होगी.
Parliament Security Breach Case: संसद की सुरक्षा में सेंध लगाकर हंगामा करने वाले सभी आरोपी कुछ बड़ा करने की योजना में थे, ताकि वो पूरे देश में मशहूर हो सके. दिल्ली पुलिस ने इसके बारे में बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी इस बात से भी निश्चिंत थे कि उन्हें गिरफ्तार करने के बाद रिहा कर दिया जाएगा.
केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सीआईएसएफ संसद में गेस्ट की सुरक्षा और फ्रिस्किंग का काम भी करेगी. इससे पहले दिल्ली पुलिस और पार्लियामेंट सिक्योरिटी से जुड़े लोग गेट पर सुरक्षा करते थे. इस बीच सीआईएसएफ के जवानों ने संसद सुरक्षा का जिम्मा ले लिया है.
Parliament Security Breach Case: संसद की सुरक्षा में सेंध लगाकर हंगामा करने वाली नीलम आजाद की जमानत याचिका का दिल्ली पुलिस ने विरोध किया है. पुलिस का कहना है कि उसके उपर बहुत गंभीर आरोप है. उसने देश की एकता और संप्रुभता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है. उसे फांसी तक की सजा हो सकती है.
संसद सुरक्षा चूक मामले में पॉलीग्राफी, नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट के बाद पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि इस घटना का मास्टरमाइंड मनोरंजन डी था. जबकि इससे पहले पुलिस ने 13 दिसंबर की इस घटना के लिए ललित झा को मास्टरमाइंड बताया था. इस मामले के सभी छह आरोपियों सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, नीलम आजाद, ललित झा और महेश कुमावत को शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
संसद सुरक्षा चूक मामले में पॉलीग्राफी, नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट के बाद पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि इस घटना का मास्टरमाइंड मनोरंजन डी था. इससे पहले पुलिस ने कहा था कि 13 दिसंबर की घटना का मास्टरमाइंड ललित झा ही है. सभी छह आरोपियों सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, नीलम आजाद, ललित झा और महेश कुमावत को शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
चिदंबरम ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री या गृहमंत्री 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही के मामले पर संसद में बयान दें और उनके सदस्यों को निलंबित कर दिया जाए.