पावेल ड्यूरोव (Pavel Durov) टेलीग्राम मैसेंजर इंक. के सह-संस्थापक हैं. वे एक रूसी मूल के फ्रांसीसी व्यवसायी और सोशल नेटवर्किंग साइट VK (VKontakte जिसका अर्थ है InContact) के भी सह-संस्थापक हैं. 2021 से, उन्होंने चार देशों की नागरिकता प्राप्त की है. 24 अगस्त 2024 को ड्यूरोव को फ्रांस में गिरफ्तार कर लिया गया था. टेलीग्राम पर मॉडरेशन की कथित कमी और पुलिस के साथ काम करने से इनकार करने का आरोप लगा है.
पावेल ड्यूरोव को 2023 में फोर्ब्स बिलियनेयर्स लिस्ट में सूचीबद्ध किया गया था. उसकी कुल संपत्ति 11.5 बिलियन डॉलर थी. फोर्ब्स के अनुसार 25 अगस्त 2024 तक ड्यूरोव दुनिया के 120वें सबसे अमीर व्यक्ति थे. जिनकी कुल संपत्ति 15.5 बिलियन डॉलर थी. 2022 में, उन्हें फोर्ब्स ने संयुक्त अरब अमीरात में सबसे अमीर प्रवासी के रूप में मान्यता दी थी. फरवरी 2023 में, अरेबियन बिजनेस ने उन्हें दुबई में सबसे शक्तिशाली उद्यमी नामित किया था.
Telegram के CEO पावेल ड्यूरोव को पिछले महीने फ्रांस में गिरफ्तार कर लिया गया था. तो टेलीग्राम पर आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर ठीक तरीके से मॉडरेशन नहीं किया जाता है. हालांकि, पावेल को जमानत लेने के लिए 50 लाख यूरो यानी करीब 464.69 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े थे. रिहाई के बाद ड्यूरोव ने पहला आधिकारिक ब्यान जारी किया है.
Telegram CEO Pavel Durov ने फ्रांस में गिरफ्तारी के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर कुछ कहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक नोट लिखा है, जिसमें उन्होंने हाल में हुए पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि कैसे एक वक्त पर उन्होंने खुद फ्रांस की अथॉरिटीज की मदद की थी. आइए जानते हैं क्या है पूरा मालमा.
टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ CEO पावेल डुरोव को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया था हालांकि बाद में शसर्त छोड़ दिया गया. डुरोव पर चाइल्ड ट्रैफिकिंग, ड्रग ट्रैफिकिंग और पोर्नोग्राफी के 12 मामले दर्ज हैं. कोर्ट ने उनपर क्या आरोप तय किए हैं? देखें दुनिया आजतक.
टेलीग्राम के गलत इस्तेमाल पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने के आरोप में हाल में Telegram के CEO Pavel Durov को फ्रांस की राजधानी पेरिस में गिरफ्तार कर लिया गया था. इस सब के बीच उनकी कथित गर्लफ्रेंड जूली वाविलोव का नाम चर्चा में है. यहां हम आपको बता रहे हैं कि जूली वाविलोव हैं कौन?
पेरिस के अभियोजक लॉर बेक्यू ने एक बयान में कहा कि जज ने माना कि पॉल के खिलाफ सभी आरोपों की जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त आधार हैं. पॉल को चार दिन पहले गिरफ्तार किया था. उन पर अवैध लेन-देन, बाल यौन शोषण की तस्वीरों, ड्रग तस्करी, और धोखाधड़ी की अनुमति देने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चलाने में संलिप्तता जैसे आरोप हैं.
पॉपुलर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के फाउंडर और CEO ड्यूरोव को फ्रांस में अरेस्ट कर लिया गया है. दरअसल फ्रांस में Telegram ऐप पर ड्रग ट्रैफिकिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और चाइल्ड पोर्नोग्राफी चलाए जाने का आरोप है. इसी जाँच के लिए फ्रांस में उन्हें गिरफ़्तार किया गया है.
Telegram CEO 100 Kids Claim: टेलीग्राम से CEO Pavel Durov के एक खुलासे की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. Pavel ने Telegram पर एक पोस्ट में बताया है कि 12 देशों में उनके 100 से ज्यादा बायोलॉजिकल बच्चे हैं. उन्होंने स्पर्म डोनेशन को लेकर भी अपनी पोस्ट में बात की है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला जिस पर हो रही है चर्चा.
रूस में जन्मे Telegram के फाउंडर और CEO Pavel Durov ने टेलीग्राम की शुरुआत साल 2013 में अपने भाई के साथ की थी. इसके बाद उन्होंने रूस छोड़ दिया. वे कहते हैं कि वे निष्पक्ष प्लेटफॉर्म चाहते हैं. उनके पास अरबों रुपयों की संपत्ति है और उनका ऐप जल्द ही 1 बिलियन यूजरबेस के करीब पहुंचने जा रहा है. आइए जानते हैं कि उन्हें गिरफ्तार क्यों किया और वे जियो पॉलिटिक्स का मुहरा नहीं बनना चाहते हैं?
Rumble के CEO Chris Pavlovski ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट करके खुद बताया है कि वह यूरोप छोड़ चुके हैं. उन्होंने लिखा कि मैं थोड़ा लेट हूं, लेकिन यह सही समय है. इससे पहले Telegram के CEO Pavel Durov को शनिवार शाम को फ्रांस के एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
भारत सरकार पॉपुलर ऐप Telegram को लेकर जांच शुरू करने जा रही है, जिसमें ऐप और उसकी क्रिमिनल्स एक्टिविजिज़ को चेक किया जा सकता है. यह जांच Telegram के फाउंडर और CEO पावेल ड्यूरोव (Pavel Durov) की गिरफ्तारी के बाद शुरू होने जा रही है. पावेल ड्यूरोव की गिरफ्तारी फ्रांस में की गई है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Telegram फाउंडर की गिरफ्तारी का खबर पूरी दुनिया में फैल गई. इस गिरफ्तारी के बाद Elon Musk, Edward Snowden समेत टेक जगत के दिग्गज लोगों ने पोस्ट किए. कई लोगों ने इस गिरफ्तारी की आलोचना की और मानवाधिकारों का हनन बताया. फ्रांस पुलिस ने पावेल ड्यूरोव पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्हें 20 साल तक की सजा हो सकती है.